
टाटा समूह की इस्पात कंपनी टाटा स्टील को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 3,700 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ हुआ है जो एक साल पहले की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के निदेशक मंडल ने शनिवार को वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की। दूसरी तिमाही में उसका समेकित राजस्व 11.5 फीसदी बढ़कर 65,436 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसने 58,689 करोड़ रुपये का समेकित राजस्व कमाया था।
कंपनी को समेकित परिणामों में ब्रिटेन और नीदरलैंड के आंकड़े तथा भारत में नीलाचल इस्पात निगम के आंकड़ें भी शामिल हैं। ब्रिटेन में नुकसान उठाने के कारण उसका समेकित लाभ प्रभावितत हुआ है। भारत में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 5,055 करोड़ रुपये और राजस्व 42,653 करोड़ रुपये रहा। इनमें सालाना आधार पर क्रमशः 19.9 फीसदी और 22.6 फीसदी की वृद्धि हुई है।
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तिमाही के दौरान भारत में कंपनी का उत्पादन 9.6 प्रतिशत बढ़कर 61.8 लाख टन पर और समेकित आधार पर 4.4 प्रतिशत बढ़कर 80.7 लाख टन हो गया। टाटा स्टील ने तिमाही के दौरान 3,280 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश किया। इसमें नीलाचल इस्पात निगम में सालाना 48 लाख टन क्षमता विस्तार और टिनप्लेट संयंत्र का विस्तार शामिल है।
तिमाही के अंत में 30 सितंबर को कंपनी पर 91,423 करोड़ रुपये का शुद्ध ऋण था जो परिचालन लाभ का 2.4 गुना है। कंपनी के 40,076 करोड़ रुपये की तरलता थी जिसमें 10,300 करोड़ रुपये की नकदी या नकदी तुल्य शामिल थे।
टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक टी.वी. नरेंद्रन ने तिमाही परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भू-आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे माल की अधिक लागत के बावजूद एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और ग्राहकों के साथ करीबी जुड़ाव की बदौलत कंपनी ने इस तिमाही में डिलीवरी और कमाई में अच्छी वृद्धि दर्ज की। पिछली तिमाही की तुलना में डिलीवरी नौ प्रतिशत बढ़कर करीब 79.2 लाख टन हो गई। भारत कंपनी के प्रदर्शन का मुख्य आधार बना रहा।
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