वर्तमान समय में शुक्र देव अपनी ही राशि तुला में वक्र गति करते हुए अस्त अवस्था में विद्यमान रहेंगे, ऐसे में सभी मांगलिक कार्य
और उनसे संबंधित तैयारी के लिए भी तारा डूबने का समय उचित मान्य नहीं होगा,
सौभाग्य और वृद्धि दायक कार्यों की शुरुआत के लिए भी इस समय को अनुचित मानते हैं
कानपुर की ज्योतिष आचार्य स्वाति सक्सेना का क्या मत हैं – ज्योतिष शास्त्र के आधार पर, आप ने बताया की
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह सूर्य के अति निकट पहुंचता है तो वह अपने पूर्ण प्रभाव को देने में असमर्थ हो जाता है यही अवस्था और समय कल उसे ग्रह का मुदित काल या अस्तकाल कहलाता है
इस बार 2026 नवरात्रि और करवा चौथ पर तारा डूबा रहेगा, शुक्र देव अस्त विराजमान रहेंगे, और करवा चौथ वाले दिन 29 अक्टूबर को शुक्र देव पुनः उदित अवस्था में विराजमान होंगे
ऐसे में जनमानस में नवरात्रि के महापर्व में शुक्र अस्त और करवा चौथ पर भी शुक्र अस्त होने की वजह से कुछ संशय है,
क्या नवरात्रि में कोई नया काम करना, वाहन खरीदना श्रेष्ठ रहेगा?
करवा चौथ का पहला व्रत जो नव विवहाहिता रखेगी वह कर सकती है या नहीं?
करवा चौथ के पर्व के लिए सुहाग का सामान या सुहाग से संबंधित खरीदारी, पूजन से संबंधित खरीदारी करनी चाहिए कि नहीं इन दिनो ?
इस का उत्तर स्पष्ट है कि नवरात्रि की महापर्व की प्रतीक दिन और रात्रि शुभ और मां की कृपा लिए हुए हैं इसलिए किसी भी प्रकार की मांगलिक खरीदारी इन नौ दिनों में की जा सकती है मांगलिक शुरुआत शुभ मुहूर्त में इन नो तिथियां के मध्य किया जा सकते हैं,
ज्योतिषाचार्य स्वामी सक्सेना ने बताया कि इस बार करवा चौथ पर 29 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के मध्य शुक्र देव उदित अवस्था में विराजमान होने लगेंगे इस कारण करवा चौथ के व्रत व्रत पर इसका कोई भी विपरीत प्रभाव नहीं है बल्कि उदित होते हुए शुक्र की शुभता प्राप्त करेगा यह पर, रही बात मांगलिक कार्यों की खरीदारी इन नवरात्रि के महापर्व नौ दिनों में की जा सकती है
जिनमें कुछ विशेष मुहूर्त भी प्राप्त हो रहे हैं इन दिनों इन मुहूर्त में की गई खरीदारी सिद्ध और मंगल में रहेगी और कोई भी ग्रह गोचर का प्रभाव आने वाले समय या वर्तमान काल पर नहीं पड़ेगा इसलिए 9 दिनों में करवा चौथ से संबंधित खरीदारी या किसी मांगलिक पर्व के लिए खरीदारी का आरंभ किया जा सकता है जो की शुभ और सौभाग्य वर्धक रहेगा,
नवरात्रि के 9 दिनों में साधना-उपासना के साथ-साथ भूमि, भवन, वाहन और सोने-चांदी की खरीदारी के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं:
13 अक्टूबर: रवि योग
14 अक्टूबर: अमृत सिद्धि योग
16 अक्टूबर: रवि योग
17 अक्टूबर: रवि योग
18 अक्टूबर: सर्वार्थ सिद्धि योग
19 अक्टूबर: सर्वार्थ सिद्धि योग
सर्वार्थ सिद्धि योग नए व्यापार, नौकरी, अनुबंध और मूल्यवान वस्तुओं की खरीद के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. वहीं, अमृत सिद्धि योग बड़ी कारोबारी डील्स और आजीविका से संबंधित कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी है.
ऐसे में शुक्र अस्त के प्रभाव से दूर रहने के लिए नवरात्रि महापर्व के 9 दिन में अपने कार्यों की शुरुआत करना श्रेष्ठ है… इन दिनों की गई शुरुआत शुभ का सौभाग्यता और मां की कृपा प्रदायक रहे किसी भी प्रकार के अस्त्र ग्रह का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ सकता और इन नौ दिनों में कुछ विशेष मुहूर्त में की गई खरीदारी और भी श्रेष्ठ रहेगी
ज्योतिषाचार्या -डॉ.स्वाति सक्सेना


