Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : मोमेंटम पड़ा कमजोर,शॉर्ट टर्म में 23800-24200 की रेंज में ट्रेड होने की उम्मीद

Trade setup for today : 30 जून को डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी से ठीक पहले,29 जून को निफ्टी में दूसरे हाफ में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई और यह 0.50 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका अंडरलाइंग ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर एक ऐसे दौर का संकेत दे रहे हैं जिसमें बाजार में कोई खास हलचल नहीं होगी और यह एक दायरे में बना रहेगा। शॉर्ट टर्म में इंडेक्स के 23,800-24,200 की रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। जानकारों के मुताबिक,अगर यह इस रेंज से नीचे जाता है तो बाजार पर गिरावट का दबाव बन सकता है। जबकि अगर यह वापस ऊपर आता है और इस स्तर से ऊपर बना रहता है,तो इंडेक्स 24,500-24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,922, 23,876 और 23,802

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,072, 24,118 और 24,192

निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। इससे पता चलता है कि सेलिंग प्रेशर है,रुकावट के लेवल पर ब्रेकआउट फेल हो गया है और उस लेवल के आसपास इंडेक्स एक दायरे में ही घूम रहा है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा था,लेकिन 100-दिन के EMA को वापस हासिल नहीं कर पाया और अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे आ गया। RSI 53.89 पर सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया,जबकि MACD हिस्टोग्राम पर हरा बार लगातार छठे सेशन में छोटा हो गया। इन सबसे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड तो बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कमज़ोर पड़ गया है,जिससे निकट भविष्य में रेंज-बाउंड ट्रेड की संभावना बढ़ गई है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,154, 58,315 और 58,575

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,634, 57,473 और 57,213

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिससे पता चलता है कि प्रॉफिट बुकिंग हुई है और यह ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। हालांकि, इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और उनमें से ज़्यादातर ऊपर की ओर ही बढ़ रहे थे। RSI 60 के लेवल से ऊपर 61.92 पर रहा,हालांकि इसमें’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा। MACD जीरो और सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा,लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह हिस्टोग्राम पर दिख रही हरी पट्टी से पता चलता है,जो लगातार छठे सेशन में छोटी हुई है। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉज़िटिव है,लेकिन तेज़ी का मोमेंटम कम हो रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि जल्द ही कंसोलिडेशन या रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का दौर आ सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

29 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,350 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार पांचवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,800 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 4.29 प्रतिशत बढ़कर 13.61 पर पहुंच गया,जिससे तेजड़ियों को थोड़ी परेशानी हुई। हालांकि,यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो’बुल्स’के लिए अच्छी बात है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जून को पिछले सेशन के 1.06 से घटकर 0.85 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

HDFC बैंक ने एक्सिस बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव पुनीत शर्मा को नियुक्त किया CFO, 1 दिसंबर से संभालेंगे कामकाज

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे बने रहने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, 23800–23750 पर अहम सपोर्ट

Trade setup for today : 25 जून को,तेल की कम कीमतों और VIX के निचले स्तरों के बावजूद,दूसरे हाफ में प्रॉफिट बुकिंग के कारण निफ्टी 50 दिन के हाई से थोड़ा नीचे बंद हुआ। ऊपर की तरफ 24,100–24,200 का जोन निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस लग रहा है,क्योंकि पिछले हफ्ते यह क्लोजिंग के आधार पर इस लेवल से ऊपर टिक नहीं पाया था। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,200 के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। इसके लिए 23,800–23,750 पर अहम सपोर्ट है। हालांकि,जानकारों का यह भी मानना ​​है कि अगर इंडेक्स मजबूती से 24,200 के जोन के ऊपर बंद होता है तो यह 24,500–24,600 के अगले अहम रेजिस्टेंस जोन तक पहुंच सकता है। इससे निफ्टी के 24,800 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता साफ हो रहा है। एक्सपर्ट्स की होर्मुज जलडमरूमध्य में नए तनाव के बाद सावधानी बरतने की भी सलाह है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,034, 23,981 और 23,896

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,204, 24,256 और 24,341

डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक छोटी बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी थी। इससे पता चलता है कि अहम रेजिस्टेंस लेवल पर बुल्स को रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। इंडेक्स क्लोजिंग के आधार पर गिरती हुई रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन (जो 21 अप्रैल और 18 जून के हाई को जोड़ती है) के ऊपर टिक नहीं पाया। यह क्लोजिंग के आधार पर 100-दिन के EMA के ऊपर भी नहीं टिक सका,लेकिन शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया,क्योंकि पॉजिटिव क्रॉसओवर के बावजूद RSI 56.97 पर स्थिर रहा। लगातार पांचवें सेशन में हरे हिस्टोग्राम बार के छोटे होने से पता चलता है कि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह सब पॉजिटिव रुझान के साथ लगातार कंसोलिडेशन का संकेत देता है,हालांकि रैली के अगले चरण को शुरू करने के लिए रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,559, 58,699 और 58,927

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 58,103, 57,963 और 57,735

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी 27 पॉइंट्स की बढ़त के साथ दिन के हाई के पास बंद हुआ और डेली टाइमफ्रेम पर एक रेड कैंडल बनाई,जिसके ऊपरी हिस्से में एक बड़ी शैडो (upper shadow) थी। यह ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग का संकेत है। इस प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा,क्योंकि बैंकिंग इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा था और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज,मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बने हुए थे। RSI बढ़कर 66.60 हो गया और इसमें बुलिश क्रॉसओवर देखा गया। लगातार पांचवें सेशन में हरे हिस्टोग्राम बार के छोटे होने से पता चलता है कि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है और निकट भविष्य में कुछ कंसोलिडेशन या रेंज-बाउंड मूवमेंट जारी रह सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

25 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 383 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,747 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX निचले स्तरों और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इसमें 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 13.05 पर आ गया,जिससे बुल्स को राहत मिली। अगर यह 12 के स्तर से नीचे आता है तो बुल्स का भरोसा और बढ़ सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 25 जून को पिछले सेशन के 1.21 से गिरकर 1.06 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में, 24100 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी ने अपने नुकसान का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया और 24 जून को इसमें 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसमें कुछ हद तक तेल की कीमतों में और गिरावट का भी योगदान रहा। हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद,ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है,क्योंकि इंडेक्स मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया है और पिछले दो सेशन में इंट्राडे आधार पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा है। आगे निफ्टी को 24,100-24,200 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह इस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो 24,500 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक,तब तक 23,800-23,750 का जोन निफ्टी 50 के लिए तत्काल और अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,852, 23,781 और 23,666

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,082, 24,153 और 24,268

निफ्टी ने पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जो डेली चार्ट पर’पियर्सिंग लाइन’जैसे पैटर्न (हालांकि पूरी तरह से क्लासिकल नहीं)जैसा दिखता है। यह बताता है कि बिकवाली का दबाव कम हो रहा है और खरीदार ट्रेंड को ऊपर ले जाने के लिए आगे आ रहे हैं। आज के सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,जबकि RSI बुलिश क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 56.24 पर पहुंच गया। MACD भी सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि हरा हिस्टोग्राम बार छोटा होता रहा। ये सभी बातें बुलिश मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,हालांकि इसके कन्फर्मेशन के लिए और खरीदारी (फॉलो-थ्रू बाइंग) की जरूरत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,279, 58,557 और 59,009

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,376, 57,097 और 56,646

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,946, 56,152

बैंक निफ्टी ने न सिर्फ बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया,बल्कि 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होकर पिछले दिन हुए सारे नुकसान की भरपाई भी कर ली। डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी,जिसने मंगलवार की रेड कैंडल को पूरी तरह कवर कर लिया। हाल के कंसोलिडेशन के बाद यह एक मजबूत पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और लगभग चार महीनों में पहली बार 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 66.46 हो गया,जबकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि लगातार चौथे सेशन में भी ग्रीन हिस्टोग्राम बार और छोटा हो गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स में थोड़ी नरमी के बावजूद,ये सभी बातें लगातार तेजी के रुझान और मजबूत अंडरलाइंग ट्रेंड की ओर इशारा करती हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 4% गिरकर 13.38 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा, जिससे बुल्स को राहत मिली। बुल्स का भरोसा और मज़बूत करने और मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए इसके 13-12 के जोन से नीचे आना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 जून को पिछले सेशन के 0.88 से बढ़कर 1.21 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : निफ्टी के 23750 से नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट, इसके ऊपर बने रहने पर 24000-24200 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : 23 जून को टेक शेयरों में आई ग्लोबल गिरावट के चलते बाजार पर दबाव बना और यह 1.2 प्रतिशत गिर गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया,लेकिन तेल की कीमतों में राहत के कारण निफ्टी अभी भी 20-डे EMA (23,750) और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन (23,640) के ऊपर बना हुआ है। अगर इंडेक्स इन लेवल्स को साफ तौर पर तोड़ता है, तो मार्केट में मंदड़िए ज़ोरदार वापसी कर सकते हैं। हालांकि,इसके ऊपर बने रहने से धीरे-धीरे 24,000 के लेवल और उसके बाद 24,200 (जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है) की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। 24,200 के ऊपर लगातार ट्रेड होने पर ही बड़ी बढ़त की उम्मीद की जा सकती है। जानकारों के मुताबिक,तब तक एक तय दायरे में ट्रेडिंग और कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,781, 23,698 और 23,564

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,049, 24,132 और 24,265

निफ्टी ने कल एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी शैडो थीं। यह उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स 100-डे EMA के नीचे बना रहा और 10-डे और 50-डे EMA के भी नीचे आ गया। हालांकि यह 20-डे EMA के ऊपर बना रहा। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के नीचे भी फिसल गया,जो 24,000 से थोड़ा ऊपर है। RSI गिरकर 51.91 पर आ गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा। MACD में बुलिश क्रॉसओवर बना रहा,हालांकि MACD लाइन और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर कम हो गया। यह हिस्टोग्राम की हल्के हरे रंग की बार्स में दिखा,जो लगातार तीसरे सेशन में छोटी होती गईं। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉजिटिव है,लेकिन मोमेंटम कमजोर पड़ गया है और निकट भविष्य में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,752, 57,963 और 58,304

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,070, 56,859 और 56,519

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी में भी 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी,जो 58,000 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करने के बाद कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स ने पिछले हफ्ते के निचले स्तर को बनाए रखा और सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड करना जारी रखा। इसमें 20-डे EMA,100-डे EMA से ऊपर चला गया है और अब 200-डे EMA से ऊपर जाने की कगार पर है। RSI गिरकर 60.97 पर आ गया है और बेयरिश क्रॉसओवर की कगार पर है। MACD में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि हल्के हरे रंग के हिस्टोग्राम बार और छोटे हो गए। इन सबसे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड तो पॉज़िटिव बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कम होने से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में कंसोलिडेशन हो सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बायर रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाले इंडिया VIX में कल 8.57% की बढ़त हुई और यह 13.94 पर पहुंच गया,जो बुल्स के लिए बेचैनी का संकेत है। बुल्स के लिए अपने कम्फर्ट जोन में बने रहने के लिए इंडेक्स का 12 के लेवल से नीचे आना जरूरी है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जून को पिछले सेशन के 0.97 से गिरकर 0.88 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे ट्रेड करने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना, 23800 पर अहम सपोर्ट

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद 22 जून को निफ्टी 50 में रिकवरी आई और यह लगभग 0.4 प्रतिशत बढ़त लेकर बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और ये सभी ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज-टू-पॉजिटिव रुझान का संकेत दिया। बाजार जानकारों का कहना है कि मार्केट ट्रेंड के पॉजिटिव बने रहने की उम्मीद है। निफ्टी के लिए 24,150–24,200 का जोन और उसके बाद 24,300–24,500 की रेंज टारगेट हो सकती है। हालांकि,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। उसके बाद 23,800 पर अगला अहम सपोर्ट हो सकता है। जब तक इंडेक्स 24,200 के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कंसोलिडेशन की संभावना है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,078, 24,056 और 24,020

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,151, 24,173 और 24,210

निफ्टी 50 ने डेली टाइमफ्रेम पर’डोजि कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बंद हुआ और अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। साथ ही 10-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया। RSI बढ़कर 59.65 हो गया और इसने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। MACD जीरो लाइन और सिग्नल लाइन,दोनों के काफी ऊपर बना रहा। हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार हल्के पड़ते रहे। ये सभी इंडिकेटर साइडवेज से पॉजिटिव रुझान का संकेत देते हैं,जबकि ओवरऑल ट्रेंड बुलिश बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,999, 58,067 और 58,177

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,778, 57,710 और 57,599

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी ने भी डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और सोमवार को इसमें 0.4 प्रतिशत की बढ़त दिखी। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जिसमें 20-दिन का EMA, 100-दिन के EMA को पार करने की स्थिति में है। यह 15 जून को बने बुलिश गैप से भी काफी ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 69.14 पर पहुंच गया और इसने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। MACD भी सिग्नल लाइन और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। जबकि हरे हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए कमजोर होते रहे। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि मुख्य ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,हालांकि ऊपरी लेवल पर कुछ कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 0.98% गिरकर 12.84 पर आ गया और 12-13 के निचले दायरे के पास बना रहा। इससे तेजड़ियों को राहत मिली। अगर वोलैटिलिटी इंडेक्स में और गिरावट आती है,तो इससे तेजी के माहौल को और सहारा मिल सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 22 जून को बढ़कर 0.97 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : 23800 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन, 23800 के नीचे जाने पर बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : 19 जून को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बाजार की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इसने MACD में बुलिश क्रॉसओवर भी बनाए रखा,हालांकि RSI में थोड़ी नरमी आई। वहीं,शुक्रवार को बढ़त के बावजूद इंडिया VIX निचले स्तर पर ही बना रहा। बाजार जानकारों के मुताबिक,कंसोलिडेशन के दौर में निफ्टी को 23,800 के सपोर्ट जोन (10-दिन और 50-दिन के EMA) को बनाए रखने की जरूरत है। अगर यह लेवल टूटता है,तो इंडेक्स के 23,700–23,600 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,अगर इंडेक्स 23,800 के ऊपर बना रहता है,तो यह 24,200–24,300 और उसके बाद 24,500 की ओर बढ़ सकता है,जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,932, 23,898 और 23,842

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,077 और 24,133

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने निचले शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई। इससे पता चलता है कि ऊंचे स्तरों से थोड़ी गिरावट आई है,लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी में भी दिलचस्पी दिखी है। हालांकि,अगले सेशन में इंडेक्स 100-दिन के EMA के ऊपर नहीं टिक पाया,लेकिन यह अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और ये दोनों ही ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। 10-दिन का EMA भी 50-दिन के EMA के ऊपर जाने की कगार पर है। RSI में थोड़ी नरमी आई लेकिन यह अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा,जबकि MACD ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों के ऊपर रहा,हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार में मोमेंटम में कुछ कमी दिखी। ये सभी बातें बताती हैं कि थोड़े समय के कंसोलिडेशन के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,782, 57,862 और 57,992

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,522, 57,441 और 57,311

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी की लगातार छह दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया और प्रॉफ़िट बुकिंग के कारण इसमें 0.5% की गिरावट आई,लेकिन यह पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहा। डेली टाइमफ़्रेम पर बैंकिंग इंडेक्स ने छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ़ एक छोटी शैडो थी। यह हल्की गिरावट (करेक्शन)का संकेत है,जबकि कुल मिलाकर ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है। इंडेक्स अप्रैल के स्विंग हाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक आए करेक्शन के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से भी ऊपर रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। RSI गिरकर 67.81 पर आ गया, लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर बना रहा,जबकि MACD ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार थोड़े हल्के पड़ गए। ये सभी बातें बताती हैं कि कुछ प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,ओवरऑल बुलिश ट्रेंड बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.35 प्रतिशत बढ़कर 12.97 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तर पर बना रहा। यह इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड करता रहा। मार्केट में तेज़ी के नज़रिए को बनाए रखने के लिए इसके 14 के स्तर से नीचे बने रहना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 जून को पिछले सेशन के 1.12 से गिरकर 0.91 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : कुल मिलाकर बाजार का ट्रेंड पॉजिटिव, लेकिन प्रॉफिट बुकिंग की वजह से हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन

Trade setup for today : 18 जून को निफ्टी पिछले स्विंग-हाई लेवल और शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। यह 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। लगातार पांचवें सेशन में भी तेजी का ट्रेंड बना रहा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और VIX के निचले स्तर पर रहने से मार्केट सेंटीमेंट को सपोर्ट मिला,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स में मजबूती रही। इन सभी बातों से लगता है कि कुल मिलाकर ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,हालांकि प्रॉफिट बुकिंग की वजह से कुछ कंसोलिडेशन और रिट्रेसमेंट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 24,200 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है, इसके बाद 24,500 एक अहम रेजिस्टेंस हो सकता है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अगर प्रॉफ़िट बुकिंग होती है, तो 24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है और इसके बाद 23,800 का स्तर अहम सपोर्ट लेवल हो सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,073, 24,037 और 23,979

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,190, 24,225 और 24,284

निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हायर हाई-हायर लो’पैटर्न के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई,जो पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जबकि इंडेक्स 23 फरवरी के बाद पहली बार 100-दिन के EMA के ऊपर बंद हुआ। RSI लगातार दूसरे सेशन में 60 के लेवल से ऊपर बना रहा और बढ़कर 62.43 पर पहुंच गया। MACD ने जीरो लाइन के ऊपर बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा और ग्रीन हिस्टोग्राम बार में और बढ़ोतरी देखी गई। ये सभी इंडिकेटर बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत देते हैं और मौजूदा ट्रेंड के जारी रहने का समर्थन करते हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,023, 58,127 और 58,294

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,689, 57,585 और 57,418

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक ग्रीन कैंडल बनाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बना रहा,जो एक अच्छे ट्रेंड का संकेत है। 10-दिन का EMA दूसरे अमह मूविंग एवरेज (20-, 50-, 100- और 200-दिन के EMA) से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा था,जबकि वे सभी ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। बैंक निफ्टी ने 9 मार्च के ‘बेयरिश गैप’को भी भर दिया और लगातार दूसरे सेशन में पिछले’स्विंग हाई’से ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 70.97 पर पहुंच गया,जबकि MACD ने लगातार बढ़ते हरे हिस्टोग्राम बार के साथ मज़बूत’बुलिश क्रॉसओवर’बनाए रखा। ये सभी बातें लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती हैं और संकेत देती हैं कि बैंकिंग इंडेक्स से निकट भविष्य में अपनी तेजी को बनाए रखने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 3.91 प्रतिशत गिरकर 12.67 पर आ गया। यह 18 फरवरी के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। इसने लगातार छठे सेशन में अपनी गिरावट जारी रखी,जो बताता है कि बुल अब ज्यादा सहज महसूस कर रहे हैं। मार्केट में तेजी के सेंटीमेंट को बनाए रखने के लिए VIX का निचले लेवल पर बने रहना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 18 जून को बढ़कर 1.12 हो गया, पिछले सेशन में यह 1.1 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : बाजार में तेजी जारी रहने के संकेत, 24100 के ऊपर टिकने पर निफ्टी में जल्द ही 24500 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : निफ्टी 50 ने लगातार चौथे सेशन में अपनी बढ़त बनाए रखी। यह सोमवार से ही 50-डे EMA के ऊपर टिका हुआ है। 17 जून को US फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों से पहले यह 0.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस बैठक में सेंट्रल बैंक ने फेडरल फंड्स रेट में कोई बदलाव नहीं किया। इंडेक्स ने 24,100 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास बंद होकर’लोअर हाई-लो’स्ट्रक्चर को खत्म कर दिया। उधर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। इन्हें अच्छे मोमेंटम इंडिकेटर्स,गिरते VIX और वेस्ट एशिया में तनाव कम होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला।

तेजड़ियों के लिए,इंडेक्स को 24,500 के रेजिस्टेंस लेवल (जो 200-दिन के DEMA के पास है) तक ले जाने के लिए 24,100 के लेवल को पार करना और उसके ऊपर बने रहना जरूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नीचे की तरफ 23,900–23,800 के जोन में तत्काल सपोर्ट मिल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,002, 23,969 और 23,916

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,107, 24,140 और 24,193

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ छोटी शैडो (shadows) थीं। इससे संकेत मिलता है कि 24,100 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के आसपास पॉजिटिव रुख के साथ इंडेक्स एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में 50-डे EMA के ऊपर बना रहा और 100-डे EMA के करीब पहुंच गया,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 60.87 हो गया,जबकि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का पॉज़िटिव गैप और बढ़ गया। बढ़ते हुए हरे हिस्टोग्राम बार से ये बातें पता चलती हैं। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत दे रहे हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,646, 57,746 और 57,908

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,323, 57,223 और 57,061

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,617, 55,897

बैंकिंग इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई और डेली टाइमफ्रेम पर इसने’लोअर शैडो’के साथ एक’बुलिश कैंडल’बनाई। यह सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव संकेत बने रहने के संकेत हैं। इंडेक्स अप्रैल के अपने उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ और सभी अहम’मूविंग एवरेज’से काफी ऊपर टिका रहा। 20-दिन का EMA, 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया है,जबकि 10-दिन का EMA, 200-दिन के EMA के ऊपर जाने की कगार पर है। RSI बढ़कर 69.15 पर पहुंच गया और MACD में बुलिश क्रॉसओवर बना रहा,साथ ही हरे हिस्टोग्राम बार भी बढ़ते रहे। ये सभी इंडिकेटर बैंकिंग इंडेक्स में लगातार मजबूती और पॉजिटिव मोमेंटम की ओर इशारा करते हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

17 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार रहे। इन्होनें 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी नेट खरीदार बने रहे और उन्होंने सेशन के दौरान 1,561 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 1.31% की गिरावट आई और यह 13.19 पर बंद हुआ। यह 26 फरवरी के बाद का इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है,जो दिखाता है कि तेजी की उम्मीद रखने वाले निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। VIX में लगातार गिरावट से बाजार के लोगों का भरोसा और बढ़ने और अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 जून को पिछले सेशन के 1.08 से बढ़कर 1.1 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

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