नॉवें के हालैंड ने अकेले दम पर ब्राजील को हराकर किया विश्वकप से बाहर

एर्लिंग हालैंड अंतिम क्षणों में किये गये दो गोलों की बदौलत नॉर्वे ने पांच बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया है। इस जीत के साथ नॉर्वे ने टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है। इस रोमांचक मुकबाले के हीरो एर्लिंग हालैंड ने मैच के आखिरी क्षणों (79वें और 90वें मिनट) में दो शानदार गोल दागकर नॉर्वे को जीत दिलाई। इंजरी टाइम में ब्राजील के लिए नेमार ने पेनल्टी से एक गोल किया, लेकिन यह हार टालने के लिए नाकाफी था।

पहले हाफ में खेल का रुख बिल्कुल अलग हो सकता था, जब ब्राजील के फॉरवर्ड मैथियस कुन्हा ने पेनल्टी हासिल की, लेकिन नॉर्वे के ओरजान नाइलैंड ने ब्रूनो गुइमारेस के कमजोर प्रयास को बचा लिया। कई मौको के बावजूद पहला हॉफ गोल रहित रहा। मुकाबले के तीनों गोल मैच के दूसरे हॉफ में आये।

ब्रेक के बाद नॉर्वे ने आक्रामक खेल दिखाया, जिसका श्रेय सोलबैकन के दो बड़े और शायद अप्रत्याशित बदलावों को जाता है। उन्होंने अलेक्जेंडर सोरलॉथ और एंटोनियो नुसा की जगह एंड्रियास शेल्डरुप और ऑस्कर बॉब को मैदान पर उतारा । वहीं ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी के बदलाव – जिनमें एंड्रिक और नेमार जैसे खिलाड़ी शामिल थे – ने शायद दर्शकों को खुश किया हो, लेकिन खेल पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
नॉर्वे का क्वार्टर फाइनल में मुकाबला मियामी में इंग्लैंड बनाम मैक्सिको के मैच के विजेता से होगा । ब्राजील के लिए, यह 36 वर्षों में विश्व कप से उनका सबसे जल्दी बाहर होना है।

कमजोर दिल वालों के लिए नहीं था Mexico-England मैच: मैक्सिको का दबदबा, इंग्लैंड का जज्बा: 10 खिलाड़ियों से खेलकर भी जीता ब्लॉकबस्टर मुकाबला

England Vs Mexico

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अगर अब तक किसी मुकाबले ने दर्शकों की धड़कनें सबसे ज्यादा बढ़ाई हैं, तो वह इंग्लैंड और मेजबान मैक्सिको के बीच खेला गया राउंड ऑफ 16 का मुकाबला रहा। यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं बल्कि रोमांच, संघर्ष, विवाद और साहस की ऐसी कहानी थी, जिसमें हर कुछ मिनट बाद मैच का रंग बदलता नजर आया। दो पेनल्टी, एक रेड कार्ड, पांच गोल और अंतिम सीटी तक बना सस्पेंस, इस मुकाबले में वह सब कुछ देखने को मिला जिसकी उम्मीद विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले से की जाती है। आखिरकार इंग्लैंड ने 10 खिलाड़ियों के साथ लंबा समय खेलने के बावजूद 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया।

 

मुकाबले की शुरुआत खराब मौसम के कारण करीब एक घंटे की देरी से हुई, लेकिन जैसे ही खेल शुरू हुआ, दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज दिखाया। शुरुआती आधे घंटे तक मैक्सिको ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाया। हालांकि असली धमाका 36वें मिनट में हुआ, जब बुकायो साका के शानदार मूव के बाद जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

 

मैक्सिको इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि सिर्फ 98 सेकंड बाद 38वें मिनट में हैरी केन के शानदार पास पर बेलिंघम ने अपना दूसरा गोल दाग दिया। दो मिनट के भीतर दो गोल ने पूरे स्टेडियम को सन्न कर दिया और इंग्लैंड 2-0 से आगे निकल गया।

 

हालांकि मेजबान टीम ने हार नहीं मानी। 42वें मिनट में फ्री-किक के बाद जूलियन क्विनोनेस ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल ने मैच में फिर जान डाल दी और हाफ टाइम तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ दिखाई दिया।

 

दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए मुश्किलों से भरी रही। डिफेंडर जारेल क्वांसाह ने जीसस गालार्डो पर खतरनाक टैकल किया। VAR समीक्षा के बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद इंग्लैंड को लगभग पूरा दूसरा हाफ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। रेड कार्ड के फैसले के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

England Vs Mexico

 

संख्यात्मक कमी के बावजूद इंग्लैंड ने हार नहीं मानी। 60वें मिनट में उसे पेनल्टी मिली और कप्तान हैरी केन ने कोई गलती नहीं करते हुए गेंद को गोल में भेज दिया। इंग्लैंड ने फिर दो गोल की बढ़त हासिल कर ली और स्कोर 3-1 हो गया।

 

लेकिन मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ था। 69वें मिनट में इंग्लैंड के बॉक्स में फाउल के बाद मैक्सिको को भी पेनल्टी मिली। अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 3-2 कर दिया। इसके बाद पूरे स्टेडियम में रोमांच चरम पर पहुंच गया।

 

आखिरी 20 मिनट और फिर 11 मिनट के अतिरिक्त समय में मैक्सिको ने लगातार हमले किए। गेंद पर उसका नियंत्रण भी ज्यादा रहा और उसने इंग्लैंड के गोल पर कई खतरनाक मौके बनाए। लेकिन गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार बचाव किए, जबकि डेक्लान राइस और जूड बेलिंघम ने डिफेंस में भी अहम भूमिका निभाई। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने हर हमले के सामने दीवार बनकर खड़े रहते हुए आखिर तक बढ़त बचाए रखी।

 

यह मुकाबला सिर्फ स्कोरलाइन के लिए नहीं, बल्कि इंग्लैंड के जज्बे के लिए भी याद रखा जाएगा। एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद टीम ने संयम नहीं खोया और विश्व कप के सबसे कठिन नॉकआउट मुकाबलों में से एक जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। वहीं मैक्सिको ने पूरे मैच में दबाव तो बनाया, लेकिन मिले अवसरों को गोल में बदलने में वह इंग्लैंड जितना प्रभावी साबित नहीं हो सका। यही दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर बन गया।

FIFA World Cup 2026: झंडा चुनते ही बता देती है मैच का नतीजा! इंटरनेट सेंसेशन बनी ये बिल्ली

इन दिनों हर किसी पर फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खुमार चढ़ा है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक से एक रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर नॉर्दर्न आयरलैंड की एक बिल्ली काफी वायरल हो रही है। नॉर्दर्न आयरलैंड की एक प्यारी ब्रिटिश शॉर्टहेयर बिल्ली इन दिनों फुटबॉल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ये बिल्ली अपने पंजों की मदद से मैचों के नतीजों का अनुमान लगाती है और अब तक कई भविष्यवाणियां सही साबित होने के कारण लोगों का ध्यान खींच रही है। उसकी लगातार सटीक भविष्यवाणियों ने खेल प्रेमियों को हैरान कर दिया। सोशल मीडिया पर लोग उसे “भविष्यवक्ता बिल्ली” कहकर बुला रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट को लेकर इसकी भविष्यवाणियों ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं। आइए जानते हैं इस बिल्ली के बारे में

बिल्ली कर रही भविष्यवाणी

नॉर्दर्न आयरलैंड की एक साल की ब्रिटिश शॉर्टहेयर बिल्ली अब तक फुटबॉल विश्व कप के 19 ऐसे मैचों के विजेताओं का सही अनुमान लगा चुकी है, जिनका नतीजा ड्रॉ नहीं रहा। हर मैच से पहले बिल्ली की मालिक लिंका लिन उसके सामने मुकाबला खेलने वाली दोनों टीमों के झंडे रखती हैं। इसके बाद बिल्ली अपने पंजे से किसी एक झंडे को चुनती है, जिसे उसकी भविष्यवाणी माना जाता है। हैरानी की बात ये है कि अब तक उसके चुने हुए ज्यादातर नतीजे सही साबित हुए हैं। हाल ही में उसने अर्जेंटीना की ऑस्ट्रिया पर जीत का भी सही अनुमान लगाया था, जिसके बाद फुटबॉल प्रशंसकों के बीच उसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है।

काफी पॉपुलर है बिली

बिली की कहानी भी उसकी भविष्यवाणियों जितनी ही दिलचस्प है। उसे केवल तीन महीने की उम्र में यूएसपीसीए से गोद लिया गया था। उसकी नाक पर बने दिल जैसे निशान की वजह से उसके मालिकों ने उसे प्यार से “बिली हार्टनोज” नाम दिया। शुरुआत में उसका सोशल मीडिया अकाउंट सिर्फ एक प्यारे पालतू जानवर की तस्वीरें शेयर करने के लिए बनाया गया था, लेकिन समय के साथ आज वह दुनियाभर के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।

लिंका के मुताबिक, बिली हमेशा से बहुत ज्यादा एक्सप्रेसिव और इंटेलिजेंट रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट को उसने बताया, “हम जानते हैं कि बिली बहुत, बहुत स्मार्ट है,” यह बताते हुए कि कैसे उसकी अजीब पर्सनैलिटी ने वीडियो को इंस्पायर किया।

कब की पहली भविष्यवाणी

फुटबॉल मैचों के नतीजों का अनुमान लगाने से पहले बिली सोशल मीडिया पर मजेदार वीडियो के लिए जाना जाता था। इन वीडियो में वह खाने-पीने की चीजों और दूसरी पसंदों में से किसी एक ऑप्शन को चुनता नजर आता था। फीफा विश्व कप शुरू होने के दौरान लिंका एक कार्यक्रम से टीमों के छोटे-छोटे झंडे घर लेकर आईं और उन्होंने मजाक-मजाक में बिली से एक झंडा चुनवाया। इसके बाद उसकी भविष्यवाणियां सही निकलने लगीं और देखते ही देखते उसके वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गए। बिली की बढ़ती लोकप्रियता ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर है बिली

सोशल मीडिया पर मशहूर होने के बाद भी बिली की जिंदगी में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। उसकी मालिक लिंका का कहना है कि उनके लिए वह आज भी पहले जैसा ही प्यारा पालतू है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर लाखों लोगों का ध्यान मिलने के बावजूद बिली बिल्कुल सामान्य रहता है। चाहे वह फुटबॉल मैचों के नतीजों का अनुमान लगा रहा हो या फिर अपने पसंदीदा खाने की मांग कर रहा हो, उसकी मासूम हरकतें लोगों का दिल जीत रही हैं और वह लगातार सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल कर रहा है।

फीफा वर्ल्ड कप: स्कॉटलैंड के खिलाफ खेलेंगे नेमार

ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने बताया है कि टीम के स्टार खिलाड़ी नेमार फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी मुकाबले में स्कॉटलैंड के खिलाफ होने वाले मैच के लिए उपलब्ध होंगे। 

नेमार का फिट होना ब्राजील के लिए राहत भरी खबर है। ब्राजील ने टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में हैती को 3-0 से हराया। इस जीत के साथ ही टीम ने नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। 34 साल के नेमार 17 मई को सैंटोस क्लब के लिए खेलते समय दाहिने पैर की पिंडली में चोट लग गई थी। इसी वजह से वह अब तक वर्ल्ड कप के दोनों मैचों में नहीं खेल पाए हैं।

कोच एंसेलोटी ने कहा नेमार कल अकेले और सोमवार को टीम के साथ ट्रेनिंग करेंगे। वह स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। वर्ल्ड कप टीम में शामिल होने के बाद से नेमार ने ब्राजील के साथ पूरे ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं लिया है। इसके बजाय, वह इस हफ्ते की शुरुआत में मेडिकल जांच के बाद एक व्यक्तिगत रिहैबिलिटेशन (फिजियोथेरेपी और रिकवरी) प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं। 

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बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व स्टार को मोरक्को के खिलाफ ब्राजील के पहले मुकाबले के लिए सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल किया गया था। हालांकि, वह मैच में नहीं खेले थे।

नेमार की वापसी ब्राजील के लिए एक अहम समय पर हुई है, खासकर तब जब विंगर राफिन्हा को हैती के खिलाफ पहले हाफ में हैमस्ट्रिंग चोट की आशंका के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। बार्सिलोना के इस फॉरवर्ड खिलाड़ी की आगे मेडिकल जांच की जाएगी। कोच एंसेलोटी ने भी कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि चोट कितनी गंभीर है।

एंसेलोटी ने कहा हमें उनकी जांच करनी होगी। हमें अभी तक पता नहीं चल सका है कि उनकी चोट कितनी गंभीर है। राफिन्हा के जाने से नेमार की वापसी और भी जरूरी हो गई है, क्योंकि ब्राजील को अपने सबसे अनुभवी अटैकिंग खिलाड़ी की कमी साफतौर पर महसूस हुई है। नेमार नॉकआउट राउंड में ब्राजील के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

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पिता हैं बीमार, फिर भी देश के लिए खुद को मैदान पर झोंक रहे लियोनेल मेसी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज अर्जेंटीना ने धमाकेदार जीत के साथ किया है। अल्जीरिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मेसी ने तीन गोल दागते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, मैदान पर अपने खेल से हर किसी का दिल जीत रहे मेसी अंदर से बेहद परेशान हैं।  

मेसी के पिता जॉर्ज मेसी बीमार हैं और वह स्वास्थ्य संबंधी समस्या से लड़ाई लड़ रहे हैं। यही वजह है कि अल्जीरिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पहला गोल करने के बाद मेसी भावुक भी हो गए थे। सोशल मीडिया पर मेसी के पिता को लेकर चल रही तमाम तरह की अटकलों और अफवाहों के बीच उनके परिवार का बयान सामने आया है। मेसी के परिवार ने इस मुश्किल समय में गोपनीयता का सम्मान करने की अपील की है। इसके साथ ही परिवार ने बताया है कि मेसी के पिता बीमार हैं, लेकिन उनकी हेल्थ में लगातार सुधार हो रहा है।

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परिवार ने इसके साथ ही मेसी के पिता को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर नाराजगी भी जाहिर की है। परिवार ने बताया कि डॉक्टरों की देखरेख में जॉर्ज मेसी का इलाज चल रहा है। परिवार ने बयान में कहा जॉर्ज मेसी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति से उबर रहे हैं। वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।

परिवार ने मेसी के पिता को लेकर किसी भी तरह की अफवाह न उड़ाने की भी अपील की। परिवार ने साफ किया कि जॉर्ज मेसी की हेल्थ को लेकर उनके द्वारा दी गई जानकारी को ही सही माना जाए और तमाम तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न जताया जाए। मेसी के परिवार ने सभी से संयम और मानवता दिखाने का भी आग्रह किया।

मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ किए गए तीन गोल के साथ ही जर्मनी के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। मेसी अब फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। विश्व कप में मेसी अब तक कुल 16 गोल कर चुके हैं। मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ अपना 200वां इंटरनेशनल मुकाबला भी खेला। मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना को अपना अगला मुकाबला 22 जून को ऑस्ट्रिया के खिलाफ खेलना है।

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फीफा वर्ल्ड कप: इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया

इंग्लैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज जीत के साथ किया है। डलास स्टेडियम में हुए ग्रुप एल के मुकाबले में इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए क्रोएशिया को 4-2 से हराया। 

इंग्लैंड की ओर से कप्तान हैरी केन ने दो गोल दागे, जबकि जूड बेलिंगहैम और सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरे मार्कस रैशफोर्ड ने एक गोल किया। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। क्रोएशिया ने शुरुआती मिनटों में इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने जल्द ही मुकाबले पर पकड़ बना ली।

12वें मिनट में इंग्लैंड के हाथ पेनल्टी लगी। पेनल्टी पर हैरी केन का पहला प्रयास गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने रोक लिया, लेकिन नियम उल्लंघन के कारण पेनल्टी दोबारा कराई गई। दूसरे प्रयास में केन ने कोई गलती नहीं की और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, क्रोएशिया ने मैच में जल्द ही वापसी की। मार्टिन बटुरिना ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने एक बार फिर बढ़त हासिल की। कॉर्नर किक पर हैरी केन ने बेहतरीन हेडर लगाकर अपना दूसरा गोल किया और इंग्लैंड को 2-1 से आगे कर दिया।

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पहले हाफ के अंत में क्रोएशिया ने स्कोर को फिर से बराबर कर दिया। स्टॉपेज टाइम में इवान पेरिसिक को कुछ जगह मिली और उन्होंने मूसा को पास दिया, जिन्होंने गेंद को गोल पोस्ट में डालकर ब्रेक तक स्कोर 2-2 कर दिया। दूसरे हाफ में इंग्लैंड अलग ही अंदाज में मैदान पर उतरा। खेल शुरू होने के केवल दो मिनट बाद जूड बेलिंगहैम ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास करते हुए शानदार गोल दागा। उन्होंने दाईं ओर से बॉक्स में प्रवेश किया और सटीक शॉट लगाकर इंग्लैंड को मुकाबले में 3-2 की बढ़त दिला दी।

इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार आक्रमण जारी रखा। बेलिंगहैम, डेक्लान राइस और निको ओ’रेली ने कई मौके बनाए, लेकिन क्रोएशियाई गोलकीपर लिवाकोविक ने कुछ बेहतरीन बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। दूसरी ओर, क्रोएशिया ने भी जवाबी हमले किए और मार्को पासालिक का एक जबरदस्त शॉट इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार तरीके से रोक दिया।

मैच के अंतिम पलों में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मार्कस रैशफोर्ड ने गोल करते हुए इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उन्होंने डिफेंडर को छकाते हुए गेंद को इंग्लैंड की ओर से चौथा गोल किया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप एल में तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और अपने विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की। कप्तान हैरी केन ने दो गोल कर एक और रिकॉर्ड बनाया। वह अब वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा पेनल्टी गोल (शूटआउट को छोड़कर) करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं, जूड बेलिंगहैम ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हैरी केन का कमाल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हैरी केन ने इंग्लैंड की पहली जीत में अहम भूमिका निभाई। केन के दो दमदार गोल की बदौलत इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया। केन ने इन दो गोल के साथ ही खास उपलब्धि को भी अपने नाम कर लिया है।  

हैरी केन इंग्लैंड की ओर से फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने इस मामले में पूर्व कप्तान गैरी लिनेकर के रिकॉर्ड की बराबरी की। केन विश्व कप में अब लिनेकर के बराबर 10 गोल कर चुके हैं। इस मुकाबले से पहले लिनेकर की बराबरी करने के लिए केन को 2 गोल की दरकार थी। केन ने पहले ही हाफ में दो गोल करते हुए लिनेकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

केन ने 12वें मिनट में स्पॉट से अपना पहला गोल किया, जिससे वह टूर्नामेंट के इतिहास में पांच पेनल्टी (शूटआउट को छोड़कर) करने वाले पहले खिलाड़ी बने। वहीं, हाफ टाइम से ठीक पहले उन्होंने मैच में अपना दूसरा गोल दागा। हैरी केन ने साल 2018 में अपना पहला फीफा वर्ल्ड कप खेला था। इस विश्व कप में इंग्लैंड ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था और हैरी केन 6 गोल के साथ गोल्डन बूट जीतने में सफल रहे थे। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे थे। इसके बाद 2022 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और सेनेगल और फ्रांस के खिलाफ 2 गोल किए।

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हैरी केन इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। केन 2018 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल, 2020 और 2024 में यूरो कप का फाइनल खेलने वाली इंग्लैंड टीम का हिस्सा रहे हैं। केन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत भी शानदार अंदाज में की है। क्रोएशिया के खिलाफ केन के अलावा इंग्लैंड की तरफ से जूड बेलिंगहैम और मार्कस रैशफोर्ड ने एक-एक गोल दागा।

इंग्लैंड के लिए फीफा वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी

हैरी केन – 12 मैच में 10 गोल

गैरी लिनेकर – 12 मैच में 10 गोल

ज्योफ हर्स्ट – 6 मैच में 5 गोल

बॉबी चार्लटन – 14मैच में 4 गोल

माइकल ओवेन – 12 मैच में 4 गोल

डेविड बेकहम – 13 मैच में 3 गोल

स्टीवन गेरार्ड – 12 मैच में 3 गोल

मार्कस रैशफोर्ड – 11 मैच में 3 गोल

रोजर हंट – 6 मैच में 3 गोल

डेविड प्लैट – 6 मैच में 3 गोल

बुकायो साका – 4 मैच में 3 गोल

नेट लॉफ्टहाउस – 2 मैच में 3 गोल

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FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप में अचानक आया ये खतरनाक मेहमान, ट्रेनिंग कैंप के आसपास दिखे जहरीले सांप!

दुनियाभर में इस समय फुटबॉल के महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच चरम पर है। सभी टीमें इस खिताब को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। 11 जून से शुरू हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी पहली बार तीन देश अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा मिलकर कर रहे हैं। फीफा वर्ल्ड कप में अभी तक कई रोमांचक मुकाबले खेले जा चुके हैं। वहीं इसी बीच फीफा वर्ल्ड कप कुछ टीमों को मैदान पर होने वाले मुकाबलों के साथ-साथ बाहर भी अनोखी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे जैसी टीमों को उनके ट्रेनिंग कैंप के आसपास जहरीला सांप दिखाई दिया है।

जर्मनी के ट्रेनिंग कैंप के पास दिखा सांप

फीफा वर्ल्ड कप के दौरान जर्मनी की टीम मैदान के बाहर अलग ही परेशानी का सामना कर रही है। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित अपने ट्रेनिंग कैंप के आसपास सांप दिखाई देने के बाद खिलाड़ियों में सतर्कता बढ़ गई है। जर्मनी के कप्तान जोशुआ किमिच ने कहा, “जर्मनी में आप टैक्टिक्स, चोटों और अगले विरोधी को लेकर चिंता करते हैं, लेकिन यहां आपको ये भी सोचना पड़ता है कि घास में क्या छिपा हो सकता है।”

अस्पताल जाना पड़ सकता है

किमिच ने कहा कि जब उनकी टीम को यह पता चला कि वह सांप जहरीला है, तो खिलाड़ियों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने कहा, “हमने कल एक सांप देखा था और हमें बताया गया कि वह जहरीला है। अगर वह आपको काट ले, तो आपको अस्पताल जाना पड़ेगा। मुझे नहीं लगता कि इससे किसी की जान जाएगी, लेकिन ये निश्चित रूप से खतरनाक है। अगर गलती से आप ऐसे सांप पर पैर रख दें, तो स्थिति खराब हो सकती है।”

जानवरों से बनाई दूरी

उन्होंने आगे कहा, “यही वजह है कि हम यहां जानवरों से दूरी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। मैं यहां के लोगों का सम्मान करता हूं, लेकिन जर्मनी में इतने खतरनाक जानवर देखने को नहीं मिलते।” किमिच ने कहा, “जब आपको पता चलता है कि यह किस तरह का सांप है और इसके काटने पर क्या हो सकता है, तो ये बात जल्द ही मजाकिया नहीं लगती।”

टूर्नामेंट का किया शानदार आगाज

चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी ने अपने वर्ल्ड कप अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पहली बार टूर्नामेंट खेल रही कुराकाओ की टीम को 7-1 से हराया। अब उसका अगला मुकाबला 21 जून को आइवरी कोस्ट से होगा। वहीं ब्रिटिश वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, किमिच और उनके साथियों को कैंप के आसपास एक कॉपरहेड सांप दिखाई दिया, जो नॉर्थ कैरोलिना में पाया जाने वाला एक जहरीला सांप माना जाता है।

स्विट्जरलैंड और नॉर्वे की टीमों ने भी जताई चिंता

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे की टीमों ने भी ऐसी ही चिंताएं जताई हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि, ‘स्विस टीम ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले सैन डिएगो स्थित अपने कैंप के बाहर एक हिस्से को “स्नेक एरिया” के रूप में मार्क कर दिया था।’वहीं नॉर्वे के कप्तान क्रिस्टियन थॉर्स्टवेट ने कहा, “हम यहां दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट की तैयारी करने आए हैं, लेकिन अब खिलाड़ी हर कदम रखने से पहले जमीन की तरफ देखने लगे हैं।” उन्होंने ये भी कहा कि नॉर्थ कैरोलिना में कॉपरहेड सांपों के आम होने की जानकारी सुनकर उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। थॉर्स्टवेट ने कहा, “ये सुनकर मुझे बिल्कुल भी खुशी नहीं हुई।”

FIFA World Cup में Japan Fans अपने साथ लाए कचरे का बैग, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान [VIDEO]

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FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जापान की टीम ने नीदरलैंड्स के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 2-2 की बराबरी हासिल की, लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो नजारा देखने को मिला, उसने खिलाड़ियों से ज्यादा उनके फैंस की चर्चा छेड़ दी।

 

अमेरिका के डलास स्टेडियम में मुकाबला समाप्त होते ही जापानी समर्थक अपनी सीटों से उठे और हाथों में नीले बैग लेकर स्टैंड्स में फैला कचरा समेटने लगे। यही बैग मैच के दौरान टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए लहराए जा रहे थे, लेकिन अंतिम सीटी बजते ही उनका इस्तेमाल सफाई के लिए किया गया।

 

 वीडियो वायरल, दुनिया कर रही तारीफ

 

फीफा द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में जापानी फैंस बड़े ही व्यवस्थित तरीके से अपने आसपास का कचरा इकट्ठा करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक समर्थक ने बताया कि यह केवल सफाई नहीं बल्कि सम्मान की भावना है।

उसने कहा, “हम खिलाड़ियों, अन्य दर्शकों और स्टेडियम का सम्मान करते हैं। हमें यहां आने का मौका मिला है, इसलिए हम अपने पीछे गंदगी छोड़कर नहीं जाना चाहते।”

 

 1998 से निभा रहे हैं यह परंपरा

 

जापानी फैंस पहली बार 1998 के वर्ल्ड कप के दौरान दुनिया की नजरों में आए थे, जब फ्रांस में मैच के बाद उन्हें स्टेडियम साफ करते देखा गया था। तब से लेकर हर वर्ल्ड कप और बड़े खेल आयोजन में यह परंपरा जारी है।

 

कतर वर्ल्ड कप 2022 में भी जर्मनी पर यादगार जीत के बाद जापानी समर्थकों ने जश्न से पहले स्टेडियम की सफाई कर दुनिया को प्रभावित किया था।

 

एक कहावत जो बताती है जापान की सोच

 

जापानी संस्कृति में एक प्रसिद्ध कहावत है:

 

“Tatsu Tori Ato wo Nigosazu”

 

इसका शाब्दिक अंग्रेजी अर्थ है:

 

“A bird leaves nothing behind.”

 

यानी, “एक पक्षी उड़ते समय अपने पीछे कोई निशान या गंदगी नहीं छोड़ता।”

 

एक और कहावत जिसे वे फॉलो करते हैं “किसी जगह को वैसा ही छोड़कर जाएं जैसा आपने उसे पाया था।”

 

यही विचार जापानी समाज में गहराई से समाया हुआ है और लोगों के व्यवहार में साफ दिखाई देता है।

बचपन से सिखाई जाती है जिम्मेदारी

 

जापान में बच्चों को स्कूल के दिनों से ही अपनी कक्षा, गलियारों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई करने की आदत डाली जाती है। वहां सफाई केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं मानी जाती, बल्कि इसे अनुशासन, जिम्मेदारी और दूसरों के प्रति सम्मान का हिस्सा समझा जाता है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यही कारण है कि बड़े होने के बाद भी जापानी नागरिक सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने को अपना कर्तव्य समझते हैं।

 

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- दुनिया को सीखना चाहिए

 

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर जापानी फैंस की जमकर तारीफ हो रही है। कई यूजर्स ने इसे अनुशासन, संस्कार और नागरिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बताया।

 

एक यूजर ने लिखा, “यह हर देश के लिए सीख है।”

 

दूसरे ने कहा, “मैच में अच्छा खेलना बड़ी बात है, लेकिन मैच के बाद ऐसा व्यवहार दिखाना उससे भी बड़ी बात है।”

 

मैदान पर जुझारू प्रदर्शन और मैदान के बाहर शानदार संस्का जापान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि असली जीत सिर्फ स्कोरलाइन से नहीं, बल्कि संस्कृति और व्यवहार से भी हासिल की जाती है।

 

FIFA World Cup 2026 में हैरी केन की अगुवाई में खेलेगी इंग्लैंड की टीम

इंग्लैंड ने हैरी केन की अगुवाई में फुटबॉल महाकुंभ फीफा विश्वकप 2026 के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है। इंग्लैंड टीम के कप्तान हैरी केन ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर हैं। बायर्न म्यूनिख के स्ट्राइकर इस सीज़न में क्लब और देश के लिए शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने 53 मैचों में 60 गोल किए हैं।

वहीं रियल मैड्रिड के मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम केन के पीछे लाइन अप करेंगे। 22 साल के सुपरस्टार ने यूरो 2024 के फाइनल में इंग्लैंड के पहुंचने में बड़ा असर डाला था, जिसमें वे स्पेन से हार गए थे। डेक्लान राइस थ्री लायंस के एक और अहम मिडफील्डर हैं। अनुभवी जॉर्डन पिकफोर्ड नॉर्थ अमेरिका में लाइन अप करने पर इंग्लैंड के किसी गोलकीपर द्वारा सबसे ज़्यादा टूर्नामेंट में खेलने का अपना रिकॉर्ड और बढ़ाएंगे।

उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड को फीफा विवश्व कप जीते हुए अब 60 साल हो गए हैं। बीच के सालों में, वे दो बार सेमीफाइनल में पहुंचे हैं, 1990 और 2018 में। लेकिन 1966 में अपने घर पर उनकी जीत उनकी अकेली जीत है। इंग्लैंड हाल ही में यूरोपियन चैंपियनशिप में भी कई बार बाल-बाल बचा है, यूरो 2020 और यूरो 2024 दोनों के फ़ाइनल में हार गया।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए इंग्लैंड की पूरी टीम इस प्रकार है:-

गोलकीपर: जॉर्डन पिकफोर्ड (एवर्टन), डीन हेंडरसन (क्रिस्टल पैलेस), जेम्स ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर सिटी) डिफेंडर: रीस जेम्स (चेल्सी), टीनो लिवरामेंटो (न्यूकैसल), मार्क गुएही (मैनचेस्टर सिटी), एज़री कोंसा (एस्टन विला), जॉन स्टोन्स (मैनचेस्टर सिटी), जेरेल क्वांसाह (बायर लेवरकुसेन), निको ओ’रेली (मैनचेस्टर सिटी), डैन बर्न (न्यूकैसल), जेड स्पेंस (टोटेनहम हॉटस्पर)

मिडफील्डर: डेक्लान राइस (आर्सेनल), इलियट एंडरसन (नॉटिंघम फॉरेस्ट), जूड बेलिंगहम (रियल मैड्रिड), जॉर्डन हेंडरसन (ब्रेंटफोर्ड), मॉर्गन रोजर्स (एस्टन विला), कोबी मैनू (मैनचेस्टर यूनाइटेड), एबेरेची एज़े (आर्सेनल)
फॉरवर्ड: हैरी केन (बायर्न म्यूनिख), इवान टोनी (अल-अहली), ओली वॉटकिंस (एस्टन विला), बुकायो साका (आर्सेनल), नोनी मदुके (आर्सेनल), मार्कस रैशफोर्ड (बार्सिलोना), एंथनी गॉर्डन (न्यूकैसल)