
किसी भी ओलंपिक की एकल प्रतियोगिता में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता और निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है। उनका मानना है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करे।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘मैंने कभी खुद को राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना। लेकिन मेरा मानना है कि चाहे फिर हम किसी भी पक्ष के हों, कुछ मुद्दे हम सभी से जुड़े हुए हैं। शिक्षा उनमें से एक है।’’बिंद्रा ने कहा, ‘‘किसी राष्ट्र का आकलन केवल उसकी अर्थव्यवस्था या उसकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इससे होती है कि उसने अपने युवाओं के लिए कितने अवसर सृजित किए। एक ऐसी शिक्षा प्रणाली किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत में से एक है, जो आत्मविश्वास जगाती है, योग्यता को सम्मानित करती है और जिज्ञासा को बढ़ाती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि हम सभी एकजुट होकर अपनी शिक्षा प्रणाली को लगातार मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे, ताकि वह भावी पीढ़ियों के लिए अवसर, नवाचार और आशा का स्रोत बनी रहे।’’
I have never considered myself a political person. But I do believe that some issues belong to all of us, regardless of where we stand. Education is one of them.
The measure of a nation is found not only in its economy or its achievements, but in the opportunities it creates for…
— Abhinav A. Bindra OLY (@Abhinav_Bindra) July 23, 2026
अब 43 साल के हो चुके बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था। वह ओलिंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी हैं।
वह 2010 से 2020 तक अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (International Shooting Sport Federation ISSF) की एथलीट समिति के सदस्य थे जिसमें वह 2014 से इसके अध्यक्ष रहे। वह 2018 से आईओसी एथलीट आयोग के सदस्य हैं।

