सूखे और बाढ़ से प्रभावित देश के किसान, हालात से निपटने के लिए क्या है केंद्र की तैयारी? कृषि मंत्री शिवराज ने बताया पूरा प्लान

सूखे और बाढ़ से प्रभावित देश के किसान, हालात से निपटने के लिए क्या है केंद्र की तैयारी? कृषि मंत्री शिवराज ने बताया पूरा प्लान

देश के अलग-अलग राज्यों में सूखे और बाढ़ की स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने प्रभावित किसानों को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव अब देश में दिखाई दे रहे हैं और सरकार को इससे निपटने के लिए तैयार रहना होगा।

 

चौहान ने कहा कि कम बारिश वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए पहले से ही आकस्मिक योजनाएं तैयार कर राज्यों के साथ साझा की गई हैं। इन योजनाओं में कम समय में तैयार होने वाली और कम पानी की जरूरत वाली फसलों की जानकारी शामिल है। इसके अलावा बीज बैंक और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तैयार रखी गई हैं। राज्य सरकारों को इस संबंध में जरूरी सलाह भी जारी की गई है।

 

महाराष्ट्र के 74 फीसदी हिस्से में सूखा घोषित

 

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 74 फीसदी हिस्से में सूखा घोषित किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि उनका मंत्रालय महाराष्ट्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और सूखे से प्रभावित जिलों के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार हैं।

 

चौहान ने कहा, “राज्य सरकार के साथ समन्वय करके हम किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगे।”

 

बाढ़ और सूखे से जूझ रहे अलग-अलग राज्य

 

कृषि मंत्री ने कहा कि देश के कुछ राज्य बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं, जबकि कई अन्य राज्यों में सूखे की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव सामने आ रहे हैं और देश को इससे निपटने के लिए तैयार रहना होगा।

 

चौहान के मुताबिक, सरकार सूखे से प्रभावित क्षेत्रों के लिए दो स्तरों पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अन्य संबंधित संस्थानों ने प्रत्येक जिले के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार की हैं। इन योजनाओं को राज्य सरकारों के साथ साझा करने के साथ ही संबंधित जिलों को भी इसकी जानकारी दी गई है।

 

उन्होंने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में बारिश कम होती है तो इन योजनाओं के जरिए किसानों को बताया जाता है कि कम समय में कौन-सी फसल तैयार की जा सकती है, किन फसलों में कम पानी की जरूरत होगी और ऐसी परिस्थितियों में कौन-कौन से उपाय अपनाए जाने चाहिए। केंद्र सरकार का कहना है कि मौसम और जलवायु से जुड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किसानों को समय पर कृषि संबंधी सलाह और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।