
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एक विवादित बयान देते हुए रेवंत रेड्डी ने भगवान को भी अमीरों और गरीबों में बांट दिया। उन्होंने कहा कि शिव गरीबों के भगवान हैं और राम अमीरों के। उन्होंने भाजपा पर राम को चुराने का भी आरोप लगाया। बयान पर सियासी बवाल मच गया।
दक्षिण में शिव की पूजा अधिक होती है
रेवंत रेड्डी दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम द्रविड़ियन हैं, हमारी अपनी परंपराएं हैं। शिवजी गरीबों के भगवान हैं और रामजी अमीरों के भगवान हैं। भाजपा अमीरों की पार्टी है, इसीलिए वे केवल ‘जय श्री राम’ कहते हैं, ‘हर हर महादेव’ नहीं बोलते। सीएम रेड्डी ने कहा है कि कहा कि दक्षिण में शिव की पूजा अधिक होती है और उत्तर में राम की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम को एक राजनीतिक प्रतीक बना लिया है।
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— Revanth Reddy (@revanth_anumula) September 28, 2026
बंदी संजय कुमार का पलटवार
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने पलटवार करते हुए कहा- जो CM रेवंत रेड्डी कहते हैं कि ‘मुस्लिम ही कांग्रेस है, कांग्रेस ही मुस्लिम है’, वे अब भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक लकीरें खींच रहे हैं। तेलंगाना के CM होने के नाते, जहां वेमुलावाड़ा में “दक्षिण काशी” और भद्राचलम में “दक्षिण अयोध्या” है, रेवंत रेड्डी को भगवान राम और भगवान शिव को उत्तर और दक्षिण में नहीं बांटना चाहिए। भगवान शिव ने हलाहल विष पिया और नीलकंठ कहलाए। आज, कांग्रेस अपना खुद का हलाहल तैयार कर रही है- जाति बनाम जाति, उत्तर बनाम दक्षिण, और अब शिव बनाम राम।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी वाराणसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वाराणसी के आध्यात्मिक केंद्र में कौन है? काशी विश्वनाथ, भगवान शिव। आजादी के बाद से मोदी जी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने वेमुलावाड़ा में भगवान शिव के मंदिर, श्री राजराजेश्वर स्वामी के दर्शन किए। आप महबूबनगर से आते हैं जहां मान्यमकोंडा श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर है। इसे हरिहर क्षेत्र कहा जाता है, जो हरि और हर की एकता का प्रतीक है जिन्हें आप अब राजनीति के लिए अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या बोले शाहनवाज हुसैन?
रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि कांग्रेस के नेता इसी तरह की बयानबाजी सनातन के खिलाफ करते रहते हैं। रेवंत रेड्डी ने जिस तरह राम और शिव को लेकर बयान दिया है। इस तरह की भाषा उनको नहीं बोलनी चाहिए… यह कांग्रेस को भारी पड़ेगी।


