DDA बना रहा दिल्ली के 17 लाख लोगों को पक्के मकान देने का प्लान, इन-सिटू मॉडल से तैयार होंगे फ्लैट्स

दिल्ली की झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए DDA बड़ी योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत करीब 17 लाख लोगों को पक्के घर देने की तैयारी है। इसमें लोगों को उनकी झुग्गियां की जगह या उसके पास नए घर बनाने योजना है। इसे इन-सिटू रिहैबिलिटेशन (In-situ rehabilitation) कहा जाता है।

दिल्ली-2047 योजना के तहत इस काम को बड़े स्तर पर करने की तैयारी है। DDA का लक्ष्य करीब 17 लाख JJ क्लस्टर निवासियों के लिए घर तैयार करना है।

इतने बड़े स्तर पर घर बनाने के लिए DDA प्राइवेट कंपनियों और डेवलपर्स को भी इस योजना से जोड़ने पर विचार कर रहा है। इसी सिलसिले में 25 सितंबर को इन्वेस्टर्स के साथ बैठक की गई। कंस्ट्रक्शन पर आने वाला खर्च, जमीन का इस्तेमाल और काम के दौरान आने वाली परेशानियों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

घर के साथ कई दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी

योजना का मकसद झुग्गियों की जगह नए फ्लैट बनाने के साथ लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं देने पर ध्यान देना है। इसमें सड़क, स्कूल, आंगनवाड़ी, हेल्थ सेंटर और बच्चों के खेलने की जगह जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यानी कोशिश यह है कि लोगों को घर मिलने के साथ उनके आसपास रोज की जरूरी सुविधाएं भी मिले।

DDA दिल्ली में पहले भी इस तरह के प्रोजेक्ट पर काम कर चुका है। कालकाजी एक्सटेंशन और जेलरवाला बाग में झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए नए घर बनाए गए हैं।

करीब 4 लाख परिवारों के लिए सेपरेट पॉलिसी

जून 2026 में केंद्र सरकार ने दिल्ली की झुग्गी-बस्तियों के लिए एक अलग नीति की घोषणा भी की थी। इस नीति में बेहतर घरों के साथ स्कूल, आंगनवाड़ी और हेल्थ सेंटर जैसी सुविधाएं देने पर भी जोर है। इस तरह दिल्ली की झुग्गी-बस्तियों के लोगों के लिए अलग-अलग योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

फिलहाल DDA इस बड़ी योजना को आगे बढ़ाने के लिए प्राइवेट कंपनियों से राय लेकर यह तय कि घर कहां बनाए जाएंगे, जमीन का इस्तेमाल कैसे होगा और पूरी योजना को किस तरीके से लागू किया जाएगा।

दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट