सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर, 6 भूखंडों पर बनी 55 दुकानें ध्वस्त, भावुक हुईं महिलाएं, व्यापारियों में रोष

सेंट्रल मार्केट में चला बुलडोजर, 6 भूखंडों पर बनी 55 दुकानें ध्वस्त, भावुक हुईं महिलाएं, व्यापारियों में रोष

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मेरठ शहर के चर्चित सेंट्रल मार्केट में आज सुबह से ही पीला शिकंजा कहर ढहा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास विकास परिषद ने 44 भूखंडों को चिन्हित किया था, जिसमें आवासीय भूखंड और कामर्शियल भूखंड शामिल है। इन भूखंडों में या तो सेटबैक नही छोड़े गये है या अवैध निर्माण किया गया है। आवास विकास परिषद और प्रशासन की टीम करीब आधा 8 बुलडोजरों के साथ 6 टीमों का गठन करते हुए 6 भूखंडों पर बनी लगभग 55 ध्वस्त कर दी है। यह भूखंड पूरी तरह से अवैध थे क्योंकि इनकख न तो रिहायशी नक्शा और न ही प्रतिष्ठान का नक्शा पास था। जिसके चलते आज इन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। 

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बुधवार की सुबह 6 बजे से तीन बजे तक चली इस कार्रवाई में 44 चिन्हित अवैध भवनों में से छह भवनों को ध्वस्त किया जा चुका था। इन भवनों में बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे थे। एक के बाद एक भवनों पर बुलडोजर चलने से सेंट्रल मार्केट का बड़ा हिस्सा खंडहर में तब्दील होता नजर आया।

 

चप्पे-चप्पे पर पुलिस, रास्ते सील

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सेंट्रल मार्केट की तरफ जाने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग करते हुज सभी सीमाओं को सील कर दिया गया था। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक और आवास विकास परिषद के अधिकारी मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बना रखा है।

 

व्यापारियों में भारी आक्रोश

 

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होते ही व्यापारियों में भारी रोष देखने को मिला। मौके पर मौजूद व्यापारी लगातार कार्रवाई का विरोध करते नजर आए। उनका कहना है कि वर्षों से संचालित दुकानों और प्रतिष्ठानों पर इस तरह की कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। 

 

भावुक हो गई महिलाएं

 

वहीं अपना आशियाना और प्रतिष्ठान उजड़ता हुआ देखकर महिलाएं भावुक हो गई। हालांकि पिछले 5 महीने से अपनी सिर की छत बचाने के लिए शास्त्रीनगर सेक्टर दो की महिलाएं दिन-रात धरना दे रही जी, उन्हें सरकार से उम्मीद थी कि वह उनका घरौंदा बचा देंगी, लेकिन आज उन्हें भी धरना स्थल से हटा दिया गया।

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

 

सेंट्रल मार्केट का विवाद आवासीय भूखंडों पर किए गए व्यावसायिक निर्माण से जुड़ा है। अवैध निर्माणों को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब आवास विकास परिषद और प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

 

21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

 

सेंट्रल मार्केट प्रकरण में 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई प्रस्तावित है। इस दौरान आवास विकास परिषद को अब तक की कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश करनी है। ऐसे में आज शुरू हुई कार्रवाई को लेकर व्यापारियों और प्रशासन, दोनों की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। सुबह से जारी बुलडोजर कार्रवाई ने सेंट्रल मार्केट की तस्वीर बदल दी है। जहां कभी दुकानों और कारोबार की चहल-पहल रहती थी, वहां अब ध्वस्त भवनों का मलबा नजर आ रहा है।