SEBI का अवधूत साठे के खिलाफ बड़ा एक्शन, ट्रेडिंग अकादमी को लौटाने होंगे 546 करोड़, पेनाल्टी भी लगाई

सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी (एएसटीपीएल) और इसके फाउंडर अवधूत साठे के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। मार्केट रेगुलेटर ने दोनों के 546.17 करोड़ रुपये लौटने के आदेश दिए हैं। यह पैसा अकादमी ने इनवेस्टर्स और पार्टिसिपेंट्स से वसूले थे। साठे और अकादमी पर अनरजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवायजरी और रिसर्च एनालिस्ट एक्टिविटीज में शामिल होने का आरोप है।

साठे और अकादमी को 67.87 करोड़ रुपये डिपॉजिट करने का भी आदेश 

SEBI ने साठे और अकादमी को 67.87 करोड़ रुपये डिपॉजिट करने का भी आदेश दिया है। यह पैसा सेबी के इनवेस्टर प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड (IPEF) में डिपॉजिट करना होगा। सेबी ने इस मामले में फाइनल ऑर्डर 23 अक्तूबर को पारित किया। इसमें अकादमी और साठे पर 2 साल या तब तक सिक्योरिटीज मार्केट में किसी तरह का ट्रांजेक्शन करने पर रोक रहेगी, जब तक वे रिफंड के आदेश का पालन नहीं करते। इनमें से जो भी बाद में होगा लागू होगा।

गौरी अवधूत साठे छह महीने तक मार्केट में ट्रांजेक्शंस नहीं कर सकेंगी

अकादमी की डायरेक्टर गौरी अवधूत साठे पर मार्केट्स में किसी तरह का ट्रांजेक्शंस करने पर छह महीने तक रोक रहेगी। सेबी ने अकादमी, अवधूत साठे और गौरी साठे पर कुल 11.5 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई है। अकादमी पर 6 करोड़, अवधूत साठे पर 4 करोड़ और गौरी साठे पर 1.5 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। ऑर्डर मिलने की तारीख से 45 दिन के अंदर पेनाल्टी चुकानी होगी।

अकादमी और इसके फाउंडर के बैंक अकाउंट्स को भी फ्रीज किया गया

सेबी ने अकादमी और इसके फाउंडर के बैंक अकाउंट्स को भी फ्रीज कर दिया है। तय अमाउंट डिपॉजिट करने के बाद ही अकाउंट पर से रोक हटेगी। उन्हें अपने एसेट्स बेचने से रोक दिया गया है। इनमें शेयर और म्यूचुअल फंड्स में निवेश भी शामिल हैं। हालांकि, रिफंड के आदेश का पालन करने के लिए वे इन्हें बेच सकेंगे। सेबी ने तीनों को अनरजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवायजरी और रिसर्च एनालिस्ट सर्विसेज बंद करने को कहा है।

सेबी ने साठे और अकादमी की 2027 से 2025 तक की थी जांच

सेबी ने अकादमी और साठे की 1 जुलाई, 2017 से 9 अक्तूबर, 2025 के बीच जांच की थी। मार्केट रेगुलेटर का आरोप है कि अकादमी और इसके फाउंडर स्टॉक-मार्केट एजुकेशन से काफी आगे बढ़ गए और शेयरों से जुड़ी खास सलाह देने शुरू कर दिए। इनमें ट्रेडिंग कॉल, एंट्री और एग्जिट टारगेट्स, स्टॉप-लॉस लेवल और प्राइस की दिशा के अनुमान शामिल थे। वे रिजस्ट्रेशन के बगैर ऐसा कर रहे थे। सेबी ने पिछले साल अगस्त में करजत में अकादमी पर छापा भी मारा था।

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अनरजिस्टर्ड एडवाइजर्स को शेयरों के बारे में सलाह देने की इजाजत नहीं 

अनरजिस्टर्ड एडवाइजर्स को शेयरों के बारे में इनवेस्टर्स को किसी तरह की सलाह देने की इजाजत नहीं है। सेबी समय-समय पर निवेशकों को ऐसे एडवाइजर्स से सतर्क रहने की सलाह देता रहता है। इसके बावजूद जल्द प्रॉफिट कमाने के लालच में कई लोग ऐसे एडवाइजर्स के जाल में फंस जाते हैं।