सासन गिर में शेर प्रेमियों के लिए खुशखबरी, गिर जंगल सफारी तय समय से 12 दिन पहले शुरू होगी

सासन गिर में शेर प्रेमियों के लिए खुशखबरी, गिर जंगल सफारी तय समय से 12 दिन पहले शुरू होगी

Sasan gir News

एशियाई शेरों को देखने के लिए सासन गिर आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। आमतौर पर हर साल मानसून के मौसम के दौरान बंद रहने वाली गिर जंगल सफारी को इस साल अपने तय समय से 12 दिन पहले शुरू करने का अहम फैसला लिया गया है। इस फैसले के मुताबिक, अब पर्यटक 3 अक्टूबर से ही गिर के जंगल में जाकर शेरों का दीदार कर सकेंगे।

हर साल 16 जून से 15 अक्टूबर तक बंद रहता है गिर का जंगल

सामान्य नियमानुसार मानसून के मौसम के दौरान गिर का जंगल पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रखा जाता है। हर साल 16 जून से 15 अक्टूबर तक गिर के जंगल में पर्यटकों के लिए सफारी स्थगित कर दी जाती है। इस अवधि के दौरान जंगल में होने वाली भारी बारिश, कच्चे रास्तों की स्थिति और वन्यजीवों के प्रजनन (ब्रीडिंग) काल को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा सभी पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी जाती है।

कम बारिश और बेहतर रास्तों के कारण वन विभाग का फैसला

इस साल गिर क्षेत्र में बारिश कम रहने और जंगल के कच्चे रास्तों की स्थिति अच्छी व वाहनों के आवागमन के अनुकूल होने के कारण वन विभाग द्वारा सफारी जल्दी शुरू करने का फैसला लिया गया है। तय तारीख 16 अक्टूबर के बजाय 12 दिन पहले यानी 3 अक्टूबर से ही पर्यटकों के लिए गिर जंगल सफारी खोल दिए जाने से शेर प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

नवरात्रि से पहले ही देख सकेंगे गिर में शेर

इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि इस साल नवरात्रि के पवित्र पर्व से पहले ही पर्यटकों को सासन गिर में शेरों का प्रत्यक्ष दीदार करने का अनोखा अवसर मिलेगा। पूरी दुनिया में गिर ही एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास है, जिसके कारण हर साल देश और विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक शेरों को देखने के लिए सासन गिर पहुंचते हैं।

पर्यटकों की भारी भीड़ की संभावना

सफारी समय से पहले शुरू होने के कारण आगामी त्योहारों के सीजन में गिर की तरफ पर्यटकों का प्रवाह काफी बढ़ने की पूरी संभावना है। वन विभाग द्वारा पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सफारी शुरू करने से पहले जरूरी सभी व्यवस्थाओं, गाइड और वाहनों की जांच के साथ-साथ जंगल के रास्तों की स्थिति का अंतिम निरीक्षण किया जा रहा है।