
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश ‘सेवा संकल्प अभियान‘ चलाया जाएगा। ‘सेवा संकल्प अभियान‘ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर के मध्य 12 अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए 71 हजार से अधिक बूथों के लाभार्थियों तक पहुंचेगी। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 17 सितंबर को शाम सात बजे प्रदेश के 71 हजार से अधिक बूथों के हर लाभार्थियों के घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्वलित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, समर्पण, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित हैं। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की इस सेवा यात्रा से जन-जन को परिचित कराने और सेवा के संस्कार को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। यह केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, सुशासन और जनभागीदारी का व्यापक अभियान है। प्रधानमंत्री के सेवा-संकल्प से प्रेरणा लेकर विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री की 25वर्षों की सेवा यात्रा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सेवा के 25 वर्ष सत्ता के नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण के 25 वर्ष हैं। मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक उन्होंने प्रत्येक भूमिका में स्वयं को शासक नहीं, बल्कि जनसेवक माना है। प्रधानमंत्री जी ने सार्वजनिक जीवन को पद नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का माध्यम बनाया। इसी सेवा भाव को आगे बढ़ाना सेवा संकल्प अभियान का मूल उद्देश्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। प्रधानमंत्री का जीवन बताता है कि बड़ा नेतृत्व अचानक नहीं बनता। उसके पीछे बचपन के संस्कार, संघर्ष का अनुभव, समाज से निकटता, संगठन की तपस्या और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण होता है।
गुजरात के वडनगर के एक साधारण परिवार में जन्मे प्रधानमंत्री ने बचपन से अभाव, परिश्रम और सामान्य जनजीवन को करीब से देखा है। यही कारण है कि समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति संवेदना उनके व्यक्तित्व का स्वाभाविक हिस्सा बनी। प्रधानमंत्री को माताजी से मिले सादगी, श्रम, अनुशासन और ईमानदारी के संस्कारों ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क ने उनके भीतर सेवा, अनुशासन, राष्ट्रप्रथम और समाज के बीच रहकर काम करने की भावना को संगठित दिशा दी। प्रचारक जीवन में उन्होंने गांव-गांव, प्रदेश-प्रदेश प्रवास किया। उन्होंने समाज के अलग-अलग वर्गों की पीड़ा, अपेक्षा और शक्ति के साथ समाज की विविधता, समस्याओं और उसकी शक्ति को समझने का अवसर दिया। यही अनुभव आगे चलकर उनके नेतृत्व की बड़ी ताकत बना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर बढ़ाया अपना प्रभाव –मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर आत्मविश्वास और गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, भारत आज अपने हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम हुआ है। वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत है, यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मजबूत आर्थिक नीतियों का परिणाम है। 40 से अधिक देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में आगे बढ़ते हुए भारत ने वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति को मजबूत किया है।
डिजिटल भुगतान और डिजिटल करेंसी के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की डिजिटल व्यवस्था को दुनिया में व्यापक स्वीकार्यता मिली है। विभिन्न देशों के साथ भारतीय मुद्रा में व्यापार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अनुच्छेद 370 को समाप्त करने से लेकर जीएसटी लागू करने तक अनेक ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में हुए हैं। प्रधानमंत्री जी ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश के महापुरुषों और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधोसंरचना, उद्योग, निवेश, रोजगार, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के साथ मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।


