PM मोदी को ईरान से बड़ा न्योता, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का मिला निमंत्रण

pm modi Masoud Pezeshkian

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।

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रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री मोदी को अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। ईरान में 4 जुलाई से 9 जुलाई तक विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले इन समारोहों में लाखों लोगों के शामिल होने और कई देशों के गणमान्य व्यक्तियों के पहुंचने की उम्मीद है।

 

ईरान सरकार ने बताया कि कार्यक्रमों की शुरुआत राजधानी तेहरान से होगी और समापन मशहद में होगा, जहां खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद उनका जन्मस्थान होने के साथ-साथ शिया मुस्लिमों का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र भी है।

 

गौरतलब है कि 28 फरवरी को तेहरान पर हुए संयुक्त अमेरिका-इजराइल हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, 4 और 5 जुलाई को खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को राजकीय अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। समारोहों के दौरान तेहरान प्रांत में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

 

समारोहों की निगरानी कर रहे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर हसन हसनजादेह ने बताया कि 4 और 5 जुलाई को तेहरान में श्रद्धांजलि और नमाज-ए-जनाजा का आयोजन होगा, जबकि 6 जुलाई को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

 

तेहरान के अलावा क़ोम और मशहद जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 7 जुलाई को क़ोम में विशेष समारोह होगा, जबकि 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह परिसर में खामेनेई को दफनाया जाएगा। इन अवसरों पर दोनों शहरों में सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। पड़ोसी देश इराक में भी 8 जुलाई को विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नजफ और कर्बला जैसे प्रमुख शिया धार्मिक शहरों में विशेष प्रार्थनाएं की जाएंगी, जो क्षेत्र में खामेनेई के प्रभाव को दर्शाती हैं।

 

खामेनेई के निधन के बाद भारत ने भी शोक व्यक्त किया था। भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक पुस्तिका में अपनी संवेदनाएं दर्ज की थीं। बताया गया है कि अंतिम संस्कार मार्च में प्रस्तावित था, लेकिन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद उत्पन्न परिस्थितियों के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। Edited by : Sudhir Sharma