Onion Price Hike : प्याज महंगा होते ही सरकार का बड़ा एक्शन, इन 5 शहरों में 35 रुपए किलो मिलेगा

Onion Price Hike : प्याज महंगा होते ही सरकार का बड़ा एक्शन, इन 5 शहरों में 35 रुपए किलो मिलेगा

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देश में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक साल में खुदरा प्याज की कीमतों में 59 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। कीमतों पर लगाम लगाने और बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने अब महाराष्ट्र के नासिक से प्रमुख खपत वाले शहरों तक प्याज पहुंचाने के लिए समर्पित रेलवे रेक यानी ‘कांदा एक्सप्रेस’ (Kanda Express) की सप्लाई बढ़ा दी है। उपभोक्ता मामलों की सचिव के मुताबिक इस कदम का उद्देश्य बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाना और मौसमी तेजी के कारण बढ़ रही कीमतों को नियंत्रित करना है।

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एक साल में 59% महंगा हुआ प्याज

 

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 24 अगस्त 2026 को 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। एक साल पहले इसी दिन यह कीमत 27.37 रुपये प्रति किलोग्राम थी। यानी खुदरा कीमत में करीब 59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, प्याज का औसत थोक भाव भी करीब 68 फीसदी बढ़कर 35.58 रुपये प्रति किलो हो गया है, जो एक साल पहले 21.23 रुपये प्रति किलो था।

 

दिल्ली समेत बड़े शहरों में क्या है प्याज का भाव?

 

सोमवार को प्रमुख शहरों में प्याज की खुदरा कीमतें इस प्रकार रहीं:

 

  • चेन्नई : 60 रुपये प्रति किलो, पिछले साल 33 रुपये
  • दिल्ली : 55 रुपये प्रति किलो, पिछले साल 35 रुपये
  • कोलकाता : 53 रुपये प्रति किलो

 

सरकार का कहना है कि कीमतों में तेजी को देखते हुए बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ाई जा रही है।

 

इन 5 शहरों में पहुंचेगा ‘कांदा एक्सप्रेस’ का प्याज

 

निधि खरे ने बताया कि शुरुआत में प्याज की सप्लाई पांच प्रमुख खपत केंद्रों—चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी में की जाएगी। बाजार की जरूरत के अनुसार बाद में अन्य शहरों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। नासिक में रखे गए प्याज के बफर स्टॉक को विशेष रेलवे रेक के जरिए बड़ी मात्रा में इन शहरों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद इसे चुनिंदा शहरों के थोक और खुदरा बाजारों में वितरित किया जाएगा।

 

35 रुपये किलो में मिलेगा प्याज

 

सरकार के मुताबिक, NCCF और NAFED के माध्यम से खुदरा बाजारों में प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बाजार में बढ़ी हुई कीमतों को नियंत्रित करने और उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की जाएगी। सरकार प्याज की कीमतों पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नासिक की मंडियों में प्याज के भाव दिल्ली से ज्यादा चल रहे हैं, जबकि सामान्य स्थिति में ऐसा नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, इससे बाजार में कार्टेलाइजेशन और सट्टेबाजी की आशंका दिखाई देती है।

 

क्या है प्याज का बफर स्टॉक?

 

प्याज का बफर स्टॉक केंद्र सरकार का रणनीतिक भंडार है। इसका उद्देश्य आपूर्ति कम होने या कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के समय बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित करना है। सरकार मुख्य रूप से NAFED और NCCF जैसी एजेंसियों के माध्यम से प्याज की खरीद करती है। इसे Price Stabilisation Fund के तहत जमा किया जाता है और जरूरत के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाता है। चालू वर्ष के लिए सरकार के पास 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक है, जो मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

 

अगस्त-सितंबर में क्यों बढ़ते हैं प्याज के दाम?

आमतौर पर अगस्त और सितंबर में प्याज की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। इसके पीछे त्योहारी मांग में बढ़ोतरी, मौसम से जुड़ी समस्याएं, सप्लाई चेन में बदलाव और खपत के पैटर्न में परिवर्तन जैसे कई कारण होते हैं। सरकार की ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश से आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।