
उत्तर प्रदेश के देवरिया में रविवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की सामाजिक समरसता रैली आयोजित की गई। इस रैली में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आगामी चुनावों से पहले एक बड़ा सियासी दांव चलते हुए उत्तर प्रदेश के भविष्य और आरक्षण के मुद्दे पर तीखे बयान दिए।
करीब साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंचे सुभासपा प्रमुख राजभर ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश चार हिस्सों में बंटेगा। उन्होंने पुरजोर दावा किया कि यदि पूर्वांचल अलग राज्य बनता है, तो वहां राजभर समाज का कोई बेटा ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगा। उनके इस बयान को पूर्वांचल की राजनीति में एक नए समीकरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
जनता इंटर कॉलेज मैदान, सोनूघाट, जनपद देवरिया में सुभासपा के तत्वावधान में आयोजित “सामाजिक समरसता महारैली” में सम्मिलित होकर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
इस अवसर पर सामाजिक समरसता, समान अधिकार एवं जनभागीदारी को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। pic.twitter.com/joMH06KB6S
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 20, 2026
आरक्षण और शिक्षा पर जोर
राजभर ने 27 प्रतिशत आरक्षण के भीतर हिस्सेदारी और इसके वर्गीकरण की मांग एक बार फिर उठाई। उन्होंने कहा कि 1993 से पिछड़ों को 27% आरक्षण मिल रहा है, लेकिन इसका फायदा सिर्फ कुछ चुनिंदा जातियों तक ही सीमित रह गया है। इस लाभ को समाज की हर पिछड़ी जाति तक पहुँचाने के लिए आरक्षण का बंटवारा बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर वे लखनऊ में पंचायत करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी अपना पक्ष रख चुके हैं, जिसके बाद केंद्र स्तर पर ‘रोहिणी आयोग’ का गठन भी हुआ था।
रैली के दौरान राजभर ने गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजनाओं और सरकारी कल्याणकारी स्कीमों का भी जिक्र किया। उन्होंने शिक्षा की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि जब तक गरीब और पिछड़े वर्ग के बेटा-बेटी नहीं पढ़ेंगे, तब तक समाज का वास्तविक विकास संभव नहीं है।


