
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में एक ओर जहां सीनियर चेहरों को जगह दी गई वहीं कई नए चेहरों के जरिए एक 'नवीन' भाजपा की राजनीति संदेश भी दिया गया है। इस नई टीम के जरिए पार्टी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ संगठन में नए चेहरों को आगे करने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच समन्वय को साधने का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है।
नितिन नबीन की इस 'नवीन' टीम ने एक तरफ जहां अमित मालवीय जैसे चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाकर सोशल मीडिया और आईटी सेल में बड़े बदलाव का संकेत दिया है, वहीं दूसरी तरफ अनुभवी दिग्गजों स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल और राममाधव जैसे पुराने दिग्गजों को वापस लाकर एक संतुलन बनाया गया है। भाजपा की नई टीम के गठन और फेरबदल का मूल संदेश स्पष्ट है भाजपा अब केवल तात्कालिक चुनावी जीत नहीं, बल्कि 2029 के आम चुनाव तक के लिए अपने सांगठनिक ढांचे को अभेद्य किला बना रही है।
स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश चुनाव में बनेगी चेहरा- 2024 लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद पार्टी में हाशिए पर चल रही स्मृति ईरानी की दमदार वापसी हुई है,उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाकर पार्टी ने अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मे महिला वोटर्स को साधने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर रहीं स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव जैसी बड़ी जिम्मेदारी देकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि वे पार्टी की कोर लीडरशिप का हिस्सा बनी रहेंगी। स्मृति ईरानी के आक्रामक तेवर और गांधी परिवार पर सीधा अटैक करने के कारण पार्टी मुख्य रूप से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करेगी। वह संगठन और जनता के बीच एक पुल का काम करेंगी।
पीयूष गोयल सत्ता से अब संगठन की ओर- केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वे 2014 में भी इस जिम्मेदारी को संभाल चुके हैं। गोयल के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनने के बाद अब वह मोदी कैबिनेट से बाहर हो सकते है। सियासी गलियारों में अटकलें हैं कि वे 'एक व्यक्ति, एक पद' की परंपरा के तहत पीयूष गोयल अपने पद से इस्तीफा देकर संगठन में पूरी तरह सक्रिय हो सकते है।
AAP से आए संदीप पाठक पंजाब में बनेंगे रणनीतिकार-आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए संदीप पाठक को नितिन नवीन की नई टीम राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। एक समय संदीप पाठक की गिनती अरविंद केजरीवाल के अहम सहयोगी के तौर होती थी और उन्हें आम आदमी पार्टी के सबसे अहम रणनीतिकारों में गिना जाता था। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के पीछे उनकी जमीनी रणनीति और डेटा आधारित चुनावी प्रबंधन को महत्वपूर्ण माना गया था। आम आदमी पार्टी ने 2022 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में 117 में से 92 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी। इसके बाद संदीप पाठक पार्टी के संगठन और चुनावी रणनीति में लगातार सक्रिय रहे।
अप्रैल 2026 में उन्होंने राघव चड्ढा,अशोक मित्तल समेत आप के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया। अरविंद केजरीवाल से मतभेद के चलते 2026 में संदीप पाठक ने बीजेपी का दामन थामा और अब वह नितिन नवीन की नई टीम के एक प्रमुख चेहरे हो गए है। संदीप पाठक के अनुभव और चुनावी रणनीति का इस्तेमाल बीजेपी अपनी रणनीति मजबूत करने के लिए करना चाह रही है। खास तौर पर बूथ स्तर पर संगठन, वोटरों के माइक्रो मैनेजमेंट और डेटा आधारित चुनावी रणनीति में पाठक की विशेषज्ञता पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है। पंजाब विधानसभा चुनाव में संदीप पाठक पार्टी के एक प्रमुख रऩनीतिकार के तौर पर नजर आएंगे
संघ और भाजपा में तालमेल बनाएंगे राममाधव-पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त करना इस पूरी टीम का सबसे बड़ा चौंकाने वाला फैसला है। वह वर्तमान में संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। राम माधव को कश्मीर और उत्तर-पूर्व में भाजपा के विस्तार का चाणक्य माना जाता है। उनकी वापसी का साफ मतलब है कि संघ और भाजपा अब आगामी चुनौतियों के लिए पूरी तरह एक सुर में काम करना चाहते हैं। राममाधव संघ और भाजपा के बीच एक कड़ी का काम करेंगे। 2024 के लोकसभा चुनाव के समय तत्कालिक भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और आरएसएस के बीच तो तल्खी हुई थी उसके बाद


