
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद 900 से ज्यादा हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता हैं। इन मजूदूरों के जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई इलाकों में सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत अभियान प्रभावित हुआ है। सुरंग में फंसे कर्मचारियों और इंजीनियरों को निकालने के लिए नेपाली सेना के नेतृत्व में करीब 90 सदस्यीय संयुक्त टीम अभियान चला रही है। बचाव दल सुरंग तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग, खुदाई और नियंत्रित विस्फोट कर रहे हैं। बचाव दल सुरंग के मुख्य हिस्से तक पहुंचने में कामयाब रहा।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद 900 से ज्यादा हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता हैं। इन मजूदूरों के जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई इलाकों में सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत अभियान प्रभावित हुआ है।
सुरंग में फंसे कर्मचारियों और इंजीनियरों को निकालने के लिए नेपाली सेना के नेतृत्व में करीब 90 सदस्यीय संयुक्त टीम अभियान चला रही है। बचाव दल सुरंग तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग, खुदाई और नियंत्रित विस्फोट कर रहे हैं। सुरंग के अंदर फंसे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद में बचाव दल ने ऊर्ध्वाधर रास्ते से ऑक्सीजन और हवा पहुंचानी शुरू कर दी है।
अंदर की स्थिति का पता लगाने के लिए कैमरा भी भेजा गया है। साथ ही खाने का सामान भी सुरंग के भीतर पहुंचाने का प्रयास किया गया है। मलबा बेहद ज्यादा होने के कारण बचाव दल रास्ते को चौड़ा करने में जुटा है। भारी मशीनों और नियंत्रित विस्फोटों की मदद से सुरंग के अंदर जाने का रास्ता तैयार किया जा रहा है। बचाव दल अभी तक सुरंग के अंदर मौजूद किसी व्यक्ति से संपर्क स्थापित नहीं कर सका है।
इसके बावजूद अभियान जारी है और सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण अभियान में रुकावट आ रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सुरंग में प्रवेश का रास्ता पूरी तरह खुलने के बाद अंदर फंसे लोगों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने का अभियान तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
सेना के अधिकारियों के मुताबिक, नदी के तेज बहाव और कठिन परिस्थितियों के बावजूद संयुक्त बचाव दल लगातार काम कर रहा है। त्रिशूली नदी का जलस्तर सिर्फ 30 मिनट में करीब 9 मीटर तक बढ़ गया। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार प्राकृतिक आपदा में अब तक 752 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,502 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
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राहत और बचाव कार्य में लगभग 20 हजार सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है और करीब 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। लापता लोगों में 933 हाइड्रोपावर कर्मचारी शामिल हैं। भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस समेत कई देशों और संगठनों ने नेपाल को राहत सहायता देने की पेशकश की है।


