
'बड़ी बाढ़ आ रही है, भागो…' चिल्लाते हुए स्कूल के पास से गुजर रहे इस अज्ञात व्यक्ति ने जो आवाज लगाई, वह किसी आधिकारिक अलर्ट से पहले उत्तर्गया पब्लिक स्कूल, बेत्रावती तक पहुंच गई। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच एक अनजान शख्स की कुछ शब्दों की चेतावनी ने सैकड़ों जिंदगियां बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक बुधवार की सुबह त्रिशूली बाजार से कुछ किलोमीटर दूर, नदी के उस पार बेत्रावती में उत्तरगया पब्लिक स्कूल के पास से भागते हुए एक अनजान आदमी ने कहा था कि बाढ़ आ रही है भागो। उस वक्त स्कूल में पढ़ाई का दिन शुरू ही हुआ था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में बाढ़ का पानी रास्तों और आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में लेने वाला है। स्कूल में न तो सायरन बजा था, न कोई ऑटोमेटेड मैसेज आया था और न ही कोई आधिकारिक चेतावनी पहुंची थी, लेकिन उस अनजान शख्स की आवाज ने सबको खतरे का एहसास करा दिया।
नाश्ता कर रहे थे हॉस्टल के छात्र, तभी सुनाई दी आवाज
बाढ़ की चेतावनी जब स्कूल परिसर में पहुंची, तब हॉस्टल में रहने वाले छात्र नाश्ता कर रहे थे। जैसे ही उन्हें पता चला कि बड़ी बाढ़ आने वाली है, स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। कक्षा 7 से 10 तक के बड़े छात्र खुद ऊंचाई की तरफ भागने लगे, जबकि शिक्षकों ने छोटे बच्चों को सुरक्षित निकालने की जिम्मेदारी संभाली। कुछ बच्चे कीचड़ में तेजी से नहीं चल पा रहे थे तो स्कूल स्टाफ ने उन्हें उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
कुछ ही मिनटों में छात्र स्कूल के पीछे मौजूद जंगल और ऊंची पहाड़ी की ओर पहुंचने लगे। बाढ़ के पानी ने सड़क और सामान्य रास्तों को काट दिया था। नेपाल की यह घटना सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा की कहानी नहीं है। यह हमें बताती है कि कभी-कभी एक छोटी सी चेतावनी भी सैकड़ों जिंदगियों के बीच और मौत के बीच दीवार बन सकती है।
न कोई सरकारी सिस्टम, न सायरन और न कोई आधिकारिक संदेश—लेकिन एक अनजान व्यक्ति ने खतरा देखा और बिना यह सोचे कि उसे इसका क्या मिलेगा, लोगों को चेतावनी देने लगा।
उसकी एक आवाज- 'बड़ी बाढ़ आ रही है, भागो…'
शायद सैकड़ों लोगों के लिए जिंदगी की पुकार बन गई। और जब खतरा सामने आया तो शिक्षकों ने भी अपने छात्रों को अकेला नहीं छोड़ा। बड़े बच्चों ने छोटे बच्चों का साथ दिया और स्टाफ ने उन बच्चों को भी उठाकर सुरक्षित पहुंचाया जो खुद भाग नहीं पा रहे थे।


