
भोपाल। मंत्रालय के सामने धरना दे रहे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में लिया। भोपाल में मंत्रालय के सामने बुधवार को उस समय हंगामा हो गया, जब रीवा के कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने धरना स्थल से जबरन हटा दिया। विधायक रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। पुलिस ने प्रदर्शन को हटाने की कार्रवाई करते हुए विधायक को हिरासत में ले लिया।
बुधवार सुबह कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा अपने समर्थकों के साथ मंत्रालय के सामने पहुंचे थे और उन्होंने कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में सरकार से जवाब और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। विधायक का आरोप है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर उन्होंने मंत्रालय के सामने धरना शुरू किया। कांग्रेस विधायक, डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
धरने के दौरान पुलिस और कांग्रेस विधायक के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। जब विधायक ने धरना समाप्त नहीं किया तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की। विधायक के विरोध के बावजूद पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन स्थल पर मंत्रालय के सामने रेलिंग पर लगाए गए पोस्टर और बैनर भी पुलिसकर्मियों ने हटा दिए। पुलिस ने धरना स्थल को खाली कराया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। कार्रवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध भी किया।
विधायक अभय मिश्रा का कहना है कि कल्पना मिश्रा की मौत का मामला गंभीर है और इसमें दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के साथ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर प्रदर्शन की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधि को अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है।


