
Former JK DGP SP Vaid: जम्मू कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक शेषपाल वैद ने केन्द्र की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हमने भाजपा को इसलिए वोट डाले थे कि हमें यूजीसी एक्ट और एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर बनी एक पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अचानक आती है और केन्द्र की शक्तिशाली सरकार को घुटने टेकने को मजबूत कर देती है।
लोगों को भाजपा से बहुत उम्मीदें हैं…
वैद ने एक्स पर पोस्ट किए एक वीडियो में कहा कि 2014 में आप सबने भाजपा को वोट डाले, हमने भी भाजपा को वोट दिया। क्या हमने को इसलिए वोट डाले कि हमें एस-एसटी एक्ट का दुरुपयोग देखने को मिलेगा? उन्होंने कहा कि देश के लोगों को भाजपा से बहुत उम्मीदें हैं। आपका स्लोगन भी है- सबका साथ, सबका विकास। आपको दो नावों पर सवारी नहीं करनी चाहिए साथ ही ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए, जिससे आपका कोर वोटर बंट जाए। यदि जातियों में लड़ाई होगी तो आपका ही नुकसान होगा। इसका फायदा उन लोगों को होगा, जो देश को बांटना चाहते हैं।
Today, I’m forced to address the BJP leadership. @narendramodi @AmitShah @NitinNabin pic.twitter.com/ppteSb1Vxc
— Shesh Paul Vaid (@spvaid) September 25, 2026
पूर्व डीजीपी वैद ने कहा कि मोदी जी! कितनी लंबी जिंदगी है 60-70-80 साल। ऐसा कुछ कर जाइए जिससे देश का भला हो, देश के लोगों का भला हो। ऐसा नहीं है कि देश की तरक्की नहीं हो रही, लेकिन जनता आपसे उम्मीद करती है कि बोल्ड डिसिजन लीजिए जो लोगों के हित में हैं और देश के हित में हों।
आरक्षण पर उठाया सवाल
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में आरक्षण पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा- आरक्षण उन लोगों के लिए होना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी ज़रूरत है, न कि ‘क्रीमी लेयर’, अमीर और सुविधा-संपन्न लोगों के लिए। क्या मेरिट से समझौता करके और वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज करके ‘विकसित भारत’ बनाया जा सकता है? SC/ST एक्ट का इस्तेमाल उत्पीड़न और डराने-धमकाने के हथियार के तौर पर किया जाना बंद होना चाहिए।
कौन हैं शेषपाल वैद?
शेषपाल वैद जम्मू-कश्मीर कैडर के 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक वरिष्ठ अधिकारियों में से एक रहे हैं। वे 31 दिसंबर 2016 से सितंबर 2018 तक जम्मू-कश्मीर के 32वें पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में सेवा दे चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ चलाया गया था, जिसके तहत घाटी में सक्रिय कई शीर्ष आतंकवादी कमांडरों को मुठभेड़ में मार गिराया गया था।
साल 1999 में जब वे जम्मू रेंज के डीआईजी (DIG) थे, तब आतंकवादियों ने उन पर जानलेवा हमला भी किया था। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए इसका मुकाबला किया। सितंबर 2018 में DGP पद से हटने के बाद उन्हें यातायात पुलिस आयुक्त (Commissioner Transport) बनाया गया था, जिसके बाद वे सेवानिवृत्त हो गए। वर्तमान में वे देश के विभिन्न सामाजिक, सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर टीवी डिबेट्स, समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से एक सुरक्षा विशेषज्ञ के रूप में अपनी राय और विचार जाहिर करते हैं।


