क्या है ‘मुंढे इफेक्ट’? जानिए कैसे IAS तुकाराम मुंढे ने एक ही झटके में बदल दी खाद्य सुरक्षा की तस्वीर, ब्लिंकिट से लेकर KFC और Starbucks को भी थमाए नोटिस!

क्या है 'मुंढे इफेक्ट'? जानिए कैसे IAS तुकाराम मुंढे ने एक ही झटके में बदल दी खाद्य सुरक्षा की तस्वीर, ब्लिंकिट से लेकर KFC और Starbucks को भी थमाए नोटिस!

tukaram mudhe

'मी तुकाराम मुंढे बोलतो आहे!'—महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा (Food Safety) के क्षेत्र में यह वाक्य इन दिनों नियमों का उल्लंघन करने वालों और मिलावटखोरों के लिए सबसे बड़ा खौफ बन चुका है।अपनी निडर, सख्त और बेबाक प्रशासनिक शैली के लिए पहचाने जाने वाले IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे (कमिश्नर, महाराष्ट्र FDA) ने राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कमान संभालते ही खाद्य सुरक्षा की पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है। उनकी इस बेखौफ कार्रवाई का असर इतना व्यापक है कि मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में इसे “मुंढे इफेक्ट” (The Mundhe Effect) नाम दिया गया है।

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क्या है “मुंढे इफेक्ट”?

“मुंढे इफेक्ट” का सीधा अर्थ है—ब्रांड चाहे कितना भी बड़ा हो, इतिहास कितना भी पुराना हो या रसूख कितना भी भारी हो; अगर जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ हुआ, तो बख्शा नहीं जाएगा।

तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA ने बिना किसी राजनीतिक या कॉरपोरेट दबाव के बहुराष्ट्रीय फास्ट-फूड चेन्स, 10-मिनट ग्रॉसरी डिलीवरी वाले 'डार्क स्टोर्स', ऐतिहासिक डेरी ब्रांड्स और वीआईपी क्लब्स पर एक साथ सर्जिकल स्ट्राइक की है।

इस कार्रवाई के डर से न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि कर्नाटक और गुजरात जैसे पड़ोसी राज्यों में भी बड़ी कंपनियों ने अपने किचन्स और वेयरहाउसेज में खुद ही 'मॉक ऑडिट' और 'डीप-क्लीनिंग' अभियान शुरू कर दिए हैं।

1. बहुराष्ट्रीय ब्रांड्स और रेस्टोरेंट चेन्स पर नकेल

FDA कमिश्नर के निर्देश पर राज्यभर के नामचीन आउटलेट्स पर औचक छापेमारी की गई:

 डोमिनोज (Domino's): मुंबई (विले पार्ले, बोरीवली, आर-सिटी मॉल) और कराड स्थित कई डोमिनोज स्टोर्स में गंदगी और खाद्य मानकों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर उनके लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिए गए।

 KFC, सबवे, मैक्डोनाल्ड्स और पिज्जा हट: राज्यव्यापी विशेष चेकिंग अभियान के तहत इनके किचन्स की गहन जांच की गई। स्वच्छता संबंधी खामियां मिलने पर कई आउटलेट्स को सख्त सुधार नोटिस (Improvement Notices) जारी किए गए।

 स्टारबक्स और बर्गर किंग: इन प्रीमियम आउटलेट्स के किचन्स में भी FDA की टीमों ने औचक निरीक्षण कर कड़े निर्देश दिए।
 

2. 'डार्क स्टोर्स' और क्विक-कॉमर्स पर बड़ा प्रहार

10 मिनट में डिलीवरी का दावा करने वाले ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म्स के वेयरहाउसेज में स्वच्छता की धज्जियां उड़ती पाई गईं:
 

 ब्लिंकिट (Blinkit) : मुंबई स्थित ब्लिंकिट के वेयरहाउस पर छापेमारी में अधिकारियों को कॉकरोच, एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स और असुरक्षित स्टोरेज कंडीशन मिलीं, जिसके बाद वेयरहाउस को सील कर लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया।
 

ज़ेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट : एफडीए ने एक ही दिन में ब्लिंकिट व ज़ेप्टो से जुड़े दर्जनों सेंटर्स पर कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित किए।

3. FMCG और बेवरेज वेयरहाउसेज पर रातभर छापेमारी

 पारले एग्रो (Parle Agro): चेंबूर, मुंबई में पारले एग्रो से जुड़े एक मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर वेयरहाउस पर पूरी रात चली छापेमारी में भारी मात्रा में एक्सपायर्ड फ्रूटी, एपी फिज और कैंडी जूस जब्त किया गया और गोदाम का लाइसेंस रद्द किया गया।

 रिलायंस रिटेल (Reliance Retail): रिलायंस रिटेल के वेयरहाउसेज में फंगल इंफेक्शन और असुरक्षित स्टोरेज पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की गई।

4. ना 100 साल पुराना ब्रांड बख्शा, ना वीआईपी क्लब

तुकाराम मुंढे की इस मुहिम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं दिखा:
 

पारसी डेअरी फार्म : मुंबई के 100 साल से भी अधिक पुराने प्रतिष्ठित डेरी ब्रांड के परवाने (चीज़) में फंगस मिलने और कच्चा माल जमीन पर रखे होने के कारण लाइसेंस निलंबित किया गया।

 के. रुस्तम (K. Rustoms): चर्चगेट का दशकों पुराना मशहूर आइसक्रीम पार्लर भी किचन में गंदगी के कारण कार्रवाई की जद में आया।
 

 पॉश क्लब्स: दक्षिण मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI), विलिंगडन स्पोर्ट्स क्लब और जुहू जिमखाना जैसे हाई-प्रोफाइल स्थानों के किचन्स में भी एफडीए टीमों ने छापा मारकर सुधार के सख्त आदेश दिए।