
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी पर बना तटबंध टूटने से हड़कंप मच गया। कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। करीब एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सीएम योगी के निर्देश पर प्रशासन-पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी। ALSO READ: नेपाल में बारिश और भूस्खलन से हाहाकार, 3 दिन में 24 की मौत, 14 अब भी लापता
जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटान तेज होने और तटबंध में बने रेट होल और लगातार हो रहे सीपेज के चलते ए पी तटबंध टूट गया। इसके बाद गांवों की ओर पानी तेजी से बढ़ा। खेतों में पानी भरने से पक चुकी धान और गन्ने की फसलें डूब गई हैं।
एक्शन में सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन-पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुट गई हैं। NDRF और SDRF की टीमों को भी मौके पर पहुंचकर व्यापक स्तर पर बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। ALSO READ: Weather Update : पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड, IMD इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
लोगों को सुरक्षित इलाकों में जाने की सलाह
कुशीनगर की तमकुहीराज तहसील के तत्वा टोला इलाके में सोमवार देर रात नारायणी नदी का AP तटबंध चेन पट्टी और जवाही माली एहतमाली के पास टूट गया, जिससे पानी आस-पास के गांवों की ओर बढ़ने लगा। प्रभावित इलाकों के लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन की मुनादी के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घरों को बंद कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
कई मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि ग्रामीणों के मुताबिक, नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद से ही इस स्थान पर हल्का रिसाव हो रहा था। बाढ़ खंड के अधिकारी पहले से ही इसे रोकने का प्रयास कर रहे थे। सोमवार देर रात अचानक यहां बड़ा होल हो गया, जिसके बाद पानी तेजी से निकलने लगा।


