कैलाश विजयवर्गीय के NEET छात्रों को कीड़ा बताने वाले बयान पर विधानसभा में जमकर हंगामा, रात 11 बजे तक दिया धरना, भुट्टा पार्टी के अरमानों पर फिरा पानी

kailash vijaywargiya

अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वाले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नीट छात्रों की कीड़े से तुलना करने के बयान पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हो गया। कैलाश विजयवर्गीय के बयान के विरोध में कांग्रेस ‌विधायकों ने जमकर हंगामा किया और सदन के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान ऩेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कैलाश विजयवर्गीय की तीखी नोंक झोंक भी हुई। विधानसभा  मुख्यमंत्री के चैंबर के बाहर धरना दे रहे  कांग्रेस विधायकों का धरना रात 11 बजे खत्म हुआ।

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कांग्रेस विधायकों के हंगामे के कारण नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पारंपरिक भुट्टा पार्टी पर पानी फिर गया।  कीड़ा वाले बयान पर छिड़ा संग्राम- सदन में विवाद की मुख्य वजह कांग्रेस का वह गंभीर आरोप है, जिसमें कहा गया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कथित तौर पर कीड़ा कहकर संबोधित किया है। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने इसे सीधे तौर पर देश और प्रदेश के होनहार युवाओं और छात्रों का घोर अपमान करार दिया। 

कांग्रेसियों का धरना और 'रायता फैलाओ' रणनीति

एक तरफ जहां सत्तापक्ष के लोग भुट्टे चबाने की तैयारी में थे, वहीं कांग्रेसियों ने इस मुद्दे को लेकर सदन के भीतर और बाहर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि भाजपा सरकार छात्रों के साथ हो रही बर्बरता और उनके भविष्य से जुड़े खिलवाड़ पर विधानसभा में चर्चा ही नहीं करना चाहती।  जब तक कैलाश विजयवर्गीय सार्वजनिक रूप से देश के छात्रों से माफी नहीं मांग लेते, तब तक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और धरना खत्म नहीं होगा।

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कांग्रेस के कई विधायक सदन के गर्भगृह में आ गए और जमीन पर बैठकर धरना देने लगे, जिससे विधायी कार्य पूरी तरह बाधित हो गया। जहां बीजेपी इस पूरे हंगामे को कांग्रेस द्वारा जबरन पैदा किया गया 'रायता' और भुट्टा पार्टी के सौहार्दपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश बता रही है, वहीं कांग्रेस का साफ कहना है कि छात्रों के सम्मान के आगे किसी भी तरह का भोज या उत्सव उनके लिए मायने नहीं रखता। फिलहाल इस 'भुट्टा बनाम कीड़ा' राजनीति ने मध्य प्रदेश के इस सत्र को पूरी तरह गरमा दिया है।