जम्मू कश्मीर विधानसभा में पहले ही दिन भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष, सदन में धक्का-मुक्की

जम्मू कश्मीर विधानसभा में पहले ही दिन भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष, सदन में धक्का-मुक्की

jammu kashmir assembly

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र की शुरुआत बेहद हंगामेदार रही है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया और वेल में आकर प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों पक्षों के विधायकों के बीच तीखी नोकझोक और धक्का-मुक्की भी हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मौजूदगी में सत्र के पहले ही दिन सियासी पारा चढ़ गया।

 

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने बिजली, रोजगार और बुनियादी कामकाज के मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार का जनता के असल मुद्दों पर कोई फोकस नहीं है।

 

डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी का बयान

विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा, “हमारे मंत्री हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन ये लोग सुनने को तैयार ही नहीं हैं। मैं जम्मू-कश्मीर की जनता से अपील करता हूं कि वे बीजेपी का असली चेहरा देखें, जो जनता के कल्याणकारी कार्य नहीं होने देना चाहती।”

 

नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा का पलटवार

वहीं, बीजेपी विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने सरकार पर चुनावी वादों को पूरा न करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सवाल सिर्फ हंगामे का नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर की जनता की उम्मीदों का है। जनता देख रही है कि सरकार इस सत्र में क्या कर रही है। विपक्ष होने के नाते हमारा फर्ज है कि हम उन तबकों की आवाज उठाएं जिन्हें नजरअंदाज किया गया है।”