
Weather Update 14 September : विदाई से पहले फिर सक्रिय हुआ मानसून। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात समेत देश के 12 राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश रायगढ़ जिले के पनवेल में हुई। यहां 200 मीमी पानी गिर गया।
सौराष्ट्र में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, मोरबी और जामनगर समेत कई इलाकों में बारिश ने जोरदार दस्तक दी है। भारी बारिश की वजह से गांधीनगर और अहमदाबाद के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। ALSO READ: सौराष्ट्र में भारी बारिश, लंबे अंतराल के बाद बारिश से फसलों को मिला नया जीवन
उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, बिठूर के पास गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में भारी बारिश के बाद कुछ हिस्सों में भारी जलभराव देखा गया। त्रिची में तेज बारिश से हुए जलभराव के चलते एक बस सबवे में फंसी गई।
क्या है IMD की चेतावनी?
IMD के अनुसार, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे गुजरात क्षेत्र तथा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के प्रभाव के चलते, आज गुजरात राज्य में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि दक्षिण-पूर्व राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास का कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) आज, 14 सितंबर 2026 को सुबह 05:30 बजे भारतीय समयानुसार, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे लगे गुजरात क्षेत्र तथा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित था। इसके अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण राजस्थान और उत्तर गुजरात से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।
एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण निचले और मध्यम क्षोभमंडल स्तरों में उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर स्थित है। निचले क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ (द्रोणिका) दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
राजस्थान से कब होगी मानसून की विदाई
मौसम विभाग के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने लगी हैं।


