
इंदौर कांग्रेस ने महापौर को मित्रासुर बताया और शहर की समस्याओं को लेकर सोमवार को रीगल चौराहे पर उनका पुतला फूंका। यहां नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव व नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने गड्ढे, जलसंकट, ट्रैफिक, ड्रेनेज और कथित घोटालों जैसे मुद्दों को उठाया। मिमरोट ने महापौर को छह महीने में काम साबित करने या इस्तीफा देने की चुनौती दी।
सोनिला मिमरोट महिलाओं के साथ रीगल चौराहे पर पहुंचीं। प्रदर्शन के दौरान महापौर मुर्दाबाद, धोखेबाज और भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के खिलाफ भी नारेबाजी की। इस दौरान राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे भी सुनाई दिए।
प्रदर्शन के दौरान मित्रासुर का पुतला लाया गया। उसके अलग-अलग चेहरों पर शहर की समस्याओं और कथित अनियमितताओं से जुड़े नाम लिखे गए थे। इनमें गड्ढा मित्र, फर्जी नामांतरण घोटाला मित्र, भागीरथपुरा कांड मित्र, सफाईकर्मियों का झूठा मित्र, जलसंकट मित्र, अवैध होर्डिंग मित्र, घटिया ट्रैफिक नवाचार मित्र, भेदभाव मित्र और फर्जी बिल घोटाला मित्र शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने मित्रासुर मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पुतला दहन किया।
नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद को इंदौर का मित्र बताते हैं, लेकिन उनके अनुसार वे जनता के मित्र नहीं, बल्कि शत्रु हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर ने अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाईं और शहर के गड्ढों, पानी, ट्रैफिक व ड्रेनेज की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने महापौर पर घोटालों में शामिल लोगों का साथ देने का आरोप भी लगाया।


