
Ganga Corridor Project: उत्तराखंड सरकार राज्य की धार्मिक विरासत, गंगा तटों की भव्यता और पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक एवं भव्य स्वरूप देने के लिए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 235 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से ‘गंगा कॉरिडोर परियोजना’ पर तेजी से कार्य चल रहा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा तटों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 235 करोड़ रुपए से अधिक की विशाल लागत से गंगा कॉरिडोर परियोजना (Ganga Corridor Project) का निर्माण किया जा रहा है।
गंगा तटों की भव्यता, धार्मिक विरासत और पर्यटन सुविधाओं को नया स्वरूप देने की दिशा में हरिद्वार एवं ऋषिकेश में ₹235 करोड़ से अधिक की लागत से गंगा कॉरिडोर परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के माध्यम से घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों का विकास कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार और प्रदेश के पर्यटन को नई संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) November 5, 2026
घाटों का विकास और सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से गंगा नदी के प्रमुख घाटों, आसपास के क्षेत्रों और पहुंच मार्गों का आधुनिक तकनीकों एवं सांस्कृतिक शैलियों के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है। परियोजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए गंगा आरती स्थल और स्नान घाटों का विस्तार, सुगम आवागमन हेतु पैदल पथ और सुरक्षा सुविधाएं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) और बैठने के आधुनिक प्रबंध, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रदेश के पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
गंगा कॉरिडोर केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के पर्यटन को नई संभावनाओं से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को एक सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त होगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद हरिद्वार और ऋषिकेश की धार्मिक भव्यता और अधिक निखर कर सामने आएगी, जिससे राज्य में धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा।


