
ब्रिटेन ने हूती हमलों के बीच सऊदी अरब को सीमित सैन्य सहायता देने का फैसला किया है। ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स सऊदी के लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन मुहैया कराएगी। ये समझौता फिलहाल कुछ हफ्तों के लिए किया गया है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा कि सऊदी अरब की ओर से सैन्य सहायता के अनुरोध के बाद यह फैसला लिया गया है। ALSO READ: 23 सितंबर से ईरानी एयरलाइंस पर बड़ा संकट, अमेरिका ने दी सख्त चेतावनी, मदद करने वाले देशों पर भी गिरेगी गाज
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग और विदेश मंत्री एड मिलिबैंड की सलाह के बाद सऊदी अरब के अनुरोध को स्वीकार किया है। सरकार के अधिकारियों ने कहा कि यह मदद सीमित समय के लिए होगी और शुरुआत में कुछ हफ्तों तक इसके जारी रहने की संभावना है।
Britain agrees to provide limited support to Saudi Arabia to counter attacks by Iran-backed Houthis. Riyadh requests the support as Houthi attacks on Saudi Arabia intensify.
Britain will deploy one Voyager aircraft in the coming days to provide air-to-air refuelling support.… pic.twitter.com/M8v39nORK8
— All India Radio News (@airnewsalerts) September 22, 2026
गौरतलब है कि यमन में हूती विद्रोही वहां की मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ गृहयुद्ध में शामिल हैं। सऊदी अरब इस सरकार का समर्थन करता है। हाल के दिनों में यमन के हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद को निशाना बनाया था। इसके अलावा, उन्होंने लाल सागर के तट पर स्थित ऊर्जा ठिकानों को भी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया था। ALSO READ: यूक्रेन युद्ध के बीच हुआ रूस में चुनाव, व्लादिमीर पुतिन की पार्टी को बड़ी जीत
डिफेंसिव एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग क्या है?
डिफेंसिव एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग का मतलब है कि एक सैन्य विमान हवा में उड़ते हुए दूसरे सैन्य विमान को ईंधन देता है, ताकि वह लंबे समय तक हवा में रह सके और उसे बार-बार एयरबेस लौटकर ईंधन भरने की जरूरत न पड़े। माना जा रहा है कि यह मदद आने वाले कुछ दिनों में शुरू हो सकती है। इसके तहत ब्रिटेन का एक वॉयेज़र विमान तैनात किया जाएगा, जो साइप्रस स्थित आरएएफ अक्रोटिरी से ऑपरेट करेगा।


