
- राहुल की सभा के लिए 19 सितंबर को देश की राजनीति के केंद्र में होगा इंदौर
- कांग्रेस का लाखों छात्र-छात्राओं के रजिस्ट्रेशन का दावा
- कई अड़ंगों के बाद इंदौर में मिली आयोजन की अनुमति
- इंदौर, भोपाल और पुणे के विशेषज्ञों से तैयार हुआ राहुल का मंच
तमाम राजनीतिक उठापटक, मारकाट बयानबाजी और खींचतान की कवायद के बीच किसी शहर में कोई राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होता है तो उसकी आखिरी तस्वीर तो बेहद साफ-सुथरी और परफैक्ट नजर आती है, लेकिन उस आयोजन की रूपरेखा, डिजाइन, प्लानिंग और अंतत: तैयार होने वाले पूरे ढांचे के पीछे कितने लोगों का और कितने वक्त तक का श्रम लगता है शायद इसका अंदाजा हम कभी लगाना जरूरी नहीं समझते। जब मंच तैयार हो जाता है तो सभी का ध्यान सिर्फ उस मंच और उस पर खडे सेलिब्रेटी की तरफ होता है, लेकिन उस मंच के तैयार होने के पीछे की कहानी कभी खबरों में नहीं आ पाती है।
इंदौर में 19 अगस्त को कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अंतत: तय हो गया है। एक लंबी राजनीतिक उठापटक के बाद कांग्रेस को राहुल गांधी का यह आयोजन करने की अनुमति मिल गई। यह आयोजन इंदौर के रीजनल पार्क के सामने वाले आईडीए ग्राउंड पर होगा। जिसकी दिन-रात तैयारी की जा रही है। आयोजन के ठीक एक दिन पहले वेबदुनिया ने इसकी तैयारी का जायजा लिया।
दरअसल, पूरी तैयारी का काम एक इवेंट कंपनी को सौंपा गया है। इसमें दिल्ली की राहुल गांधी की टीम भी कंपनी से कॉर्डिनेट कर रही है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं की भूमिका इसमें कम से कम रखी गई है। इंदौरी नेता बाहर रहकर व्यवस्था संभालेंगे।

एक लाख तक की क्षमता, क्या सफल होगी गूंज : राहुल गांधी के छात्रों की गूंज आयोजन के लिए यहां एक डोम तैयार किया गया है। यह डोम करीब 600 बाय 200 फीट एरिया को कवर करता है। इसकी मैदान की क्षमता करीब 60 हजार से 75 हजार तक की बताई जा रही है। छात्र-छात्राओं की एंट्री के बाद ग्राउंड के बाहर की तरफ भी स्टूडेंट के लिए व्यवस्था की जा रही है। सवाल है कि क्या इतनी संख्या में स्टूडेंट आ पाएंगे और आयोजन सफल हो सकेगा।
छात्रों से राहुल का सीधा संवाद होगा : कांग्रेस इस आयोजन को गैर-राजनीतिक बता रही है, क्योंकि यह राहुल गांधी का जेन-जी छात्रों से सीधा संवाद करने वाला आयोजन है। हालांकि आयोजन में इंदौर और आसपास के नेताओं की शिरकत भी होगी। आयोजन की तैयारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेडे, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी खुद प्रत्यक्षरूप से देख रहे हैं।

भोपाल, पुणे से डोम और साउंड : इस पूरे आयोजन का स्थल और मंच तैयार करने में न सिर्फ इंदौर बल्कि भोपाल, जबलपुर और पुणे का वर्क और मैनफोर्स लगा हुआ है। यहां आयोजन के एक हिस्से की मॉनिटरिंग कर रहे फजल ने बताया कि करीब 200 लोग इसकी तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर, भोपाल और पुणे के लोग काम कर रहे हैं। साथ ही डोम भोपाल से आया है तो साउंड पुणे से मंगाया गया है। साथ में कई लोग और एक्सपर्ट आए हैं।
ALSO READ: इंदौर में राहुल गांधी को 5 शर्तों पर आयोजन की अनुमति, जानिए क्या है शर्तें और किसे करना होगी पूरी?
3 दिनों से 300 लोगों के श्रम से हो रहा तैयार : आयोजन के लिए कई एक्सपर्ट और लेबर काम कर रहे हैं। पूरे स्थल को तैयार करने के लिए यहां 200 से 300 लोग पिछले तीन दिनों से दिन-रात काम कर रहे हैं। डोम लगाने से लेकर ग्राउंड को समतल करने तक। स्टेज सेट करने से लेकर साउंड की मशीनें प्लेस करने और बैठक व्यवस्था की प्लानिंग करने तक कई लेबर और एक्सपर्ट कई कई घंटों से काम कर रहे हैं। डोम फायर और वाटर प्रूफ है
कहां से और कैसे होगी सभा में एंट्री : सभा में एंट्री के लिए पांच तरफ से एंट्री के लिए गेट बनाए गए हैं। मंच के सामने युवकों और युवतियों के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए हैं। युवकों का ब्लॉक 19 हजार फीट और युवतियों का ब्लॉक 12 हजार फीट का रहेगा। उनकी एंट्री भी अलग-अलग रहेंगी, जबकि एक एंट्री वीआईपी के लिए रहेगी। वहीं वीवीआईपी एंट्री भी है। मीडिया का ब्लॉक लेडीज ब्लॉक के आगे बनाया गया है। राहुल गांधी की एंट्री पिछले हिस्से से रखी गई है। रीजनल पार्क की एक लेन वीआईपी और नेताओं के आने-जाने के लिए रहेगी, जबकि दूसरी लेन से युवा अलग-अलग ब्लॉकों में प्रवेश करेंगे। पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जा रहा है और सीसीटीवी से निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है।
सिक्योरिटी और बाउंसर की तैनाती : राहुल की सभा में सुरक्षा के लिए सभा स्थल पर 30 फीमेल बाउंसर और 50 मेल बाउंसर भी तैनात रहेंगे। वैसे यातायात का जिम्मा ट्रैफिक पुलिस संभालेगी, लेकिन आयोजकों ने 18 ट्रैफिक मार्शलों को तैनात करने की व्यवस्था भी की है। ये आयोजन स्थल के आसपास तैनात रहेंगे। इसके साथ ही सभा स्थल पर कलाकारों के लिए अलग से स्टेज बनाया गया है। उनकी एंट्री स्टेज के पास से ही रहेगी। स्टेज के पास कलाकारों के लिए अस्थायी रूम भी तैयार किए गए हैं। राहुल के मंच पर आने से पहले वे जेन-जी के सामने गीतों की प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन स्थल के मैदान को सुरक्षा कारणों से चारों तरफ से टीन शेड से कवर किया गया है। राहुल गांधी दोपहर में इंदौर आएंगे और छह घंटे इंदौर में रुकेंगे। वे रात 9 बजे इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
2 लाख रजिस्ट्रेशन का दावा : आयोजन स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेता संमदर पटेल ने दावा किया कि राहुल की सभा के लिए 2 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से कम से कम एक लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। उनका दावा है कि बच्चों और स्टूडेंट में जमकर उत्साह है और यह आयोजन सफल होगा। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस जेनजी को आकर्षित करने के लिए नुक्कड़ नाटकों और म्यूजिकल बैंड्स जैसे माध्यमों की मदद ले रही है। ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्टूडेंट सभा में पहुंच सके।
स्थानीय स्तर पर किसे मिली क्या जिम्मेदारी : राहुल गांधी के छात्रों की गूंज सभा के लिए स्थानीय स्तर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को प्रदेशभर से छात्रों को लाने की जिम्मेदारी मिली है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी को छात्राओं को आयोजन स्थल तक लाने का जिम्मा सौंपा गया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को वार्ड, ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर समन्वय करना है और छात्रों के रजिस्ट्रेशन का काम देखना है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेडे दिल्ली से आई टीम के साथ कॉर्डिनेट करेंगे, जबकि एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे कॉलेज, कोचिंग में युवाओं के रजिस्ट्रेशन का काम देख रहे हैं।


