
चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की बैठक हुई है। इसी बीच चुनाव आयोग ने कई मुद्दों पर अपना पक्ष साफ किया है और एसआईआर को लेकर कई फैसले भी लिए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र आयोग की किसी नीति या आईटी विभाग से जुड़ा मामला नहीं था, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।
विवादों के बीच चुनाव आयोग की हुई अहम मीटिंग में कैबिनेट सचिव को लिखी गई चिट्ठी पर जारी किए गए बयान में कहा गया कि लेटर किसी नीति से संबंधित नहीं, बल्कि डेपुटेशन पर आए एक अधिकारी से संबंधित था, कैबिनेट सचिव को लेटर नीति से संबंधित नहीं था। कैबिनेट को लिखे लेटर पर बयान जारी कहा- चिट्ठी किसी पॉलिसी से नहीं बल्कि डेपुटेशन में आए एक अफसर के कामकाज से संबंधित था।
इन विवादों के बीच दिल्ली में चुनाव आयोग की इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। EC की विज्ञप्ति में SIR और आयोग के कामकाज के तरीकों से जुड़े कुछ फैसलों की भी घोषणा की गई। साथ ही, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ (23 सितंबर) की रिपोर्ट के अनुसार, संधू और जोशी द्वारा कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए पत्र पर आयोग का रुख भी स्पष्ट किया गया।
चुनाव आयोग ने क्या-क्या फैसले लिए : केंद्रीय चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। आयोग की शनिवार को हुई बैठक में तय किया गया कि अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के मामलों में नोटिस पाने वाले लोगों को सुनवाई के लिए ईआरओ और एईआरओ कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं होगी। चुनाव आयोग की बैठक में लिए गए फैसलों के अनुसार, ऐसे लोगों के घर जाकर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे। इसके बाद संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) दस्तावेजों के आधार पर फैसला करेंगे।
सीईसी के खिलाफ विपक्षी दल एकजुट : चीफ इलेक्शन कमीशनर ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विपक्ष एकजुट हो रहा है। पहले कांग्रेस ने देश भर में जोरदार प्रदर्शन किया और अब इंडिया अलायंस की बड़ी बैठक 30 सितंबर को बुलाई गई है। कांग्रेस कह रही कि ज्ञानेश कुमार अप्रूवर बन जाएं तो इसी में उनकी भलाई है, तो वहीं अखिलेश और केजरीवाल ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।


