FIH Pro League: ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पेनल्टी शूट आउट में हराया

भारतीय पुरुष हॉकी टीम को शानदार जुझारूपन दिखाने के बावजूद रविवार को यहां खेले गए एफआईएच प्रो-लीग मुकाबले में मजबूत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा।निर्धारित समय तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर रहीं। ऑस्ट्रेलिया ने दो गोल से पिछड़ने के बाद आखिरी क्वार्टर में शानदार वापसी की और फिर शूटआउट में भारत पर 5-4 से भारी पड़ा।

भारत की ओर से अमित रोहिदास (15वां मिनट) और जुगराज सिंह (43वां मिनट) ने गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, जबकि ऑस्ट्रेलिया के जोएल रिंटाला (47 वां, 56 वां मिनट) ने दो गोल कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।

यह परिणाम ऐसे समय आया है जब भारत इस साल एफआईएच प्रो लीग में लगातार पांच मुकाबले हार चुका था। इसमें राउरकेला में खेले गए घरेलू चरण के चार मैच भी शामिल हैं। टीम को होबार्ट चरण के अपने पहले मुकाबले में शनिवार को स्पेन के खिलाफ 0-2 से हार झेलनी पड़ी थी।

मुकाबले की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखते हुए भारतीय खिलाड़ियों के क्षेत्र में दबदबा बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने संयम बनाए रखा और वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर जेड स्नोडेन ने कुछ अच्छे बचाव किये।

पहले क्वार्टर के अंतिम क्षणों में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए रोहिदास ने ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।

दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। ऑस्ट्रेलिया ने पहले हाफ में 10 बार भारतीय सर्कल में प्रवेश किया और दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जबकि भारत ने नौ बार उसके सर्कल में प्रवेश कर माकूल जवाब दिया। भारतीय टीम ने मध्यांतर तक अपनी एक गोल की बढ़त बरकरार रखी।

ब्रेक के बाद भी ऑस्ट्रेलिया का दबदबा कायम रहा लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने मेजबान टीम को स्पष्ट अवसर बनाने से रोके रखा।तीसरे क्वार्टर के अंत में भारत ने पेनल्टी कॉर्नर पर जुगराज के दमदार ड्रैग-फ्लिक से अपनी बढ़त दोगुनी कर ली।

चौथे क्वार्टर की शुरुआत में रिंटाला ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर अंतर कम किया। इसके बाद बराबरी की तलाश में जुटी ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन यशदीप सिवाच ने गोल लाइन पर अहम बचाव कर भारत को राहत दिलाई।

अंतिम हूटर से चार मिनट पहले रिंटाला ने पेनल्टी कॉर्नर पर अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 2-2 कर दिया।
जीत की तलाश में ऑस्ट्रेलिया ने लगातार आक्रमण जारी रखा, लेकिन भारतीय गोलकीपर मोहित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बेहतरीन बचाव किए, जिनमें एक कमाल का ‘डबल सेव’ भी शामिल रहा, जिससे भारत मुकाबले में बना रहा।

निर्धारित समय तक 2-2 की बराबरी के बाद मुकाबला शूटआउट में पहुंचा। दोनों टीमों ने अपने पहले चार प्रयास सफलतापूर्वक भुनाए।निर्णायक क्षण में आदित्य अर्जुन लालगे के शॉट को स्नोडेन ने रोक दिया, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने रोमांचक मुकाबले में कड़ी मेहनत से जीत दर्ज की।भारत अब होबार्ट चरण के अपने तीसरे मुकाबले में मंगलवार को स्पेन से भिड़ेगा।

ऑस्ट्रेलिया में पाक हॉकी टीम की फजीहत? कप्तान बोले- होटल नहीं मिला, खिलाड़ियों ने मांजे बर्तन

pakistan hockey team in australia

ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पाकिस्तानी हॉकी टीम के साथ कथित बदइंतजामी का मामला सामने आया है। कप्तान शकील इमाद बट ने आरोप लगाया कि होटल बुकिंग नहीं होने से खिलाड़ियों को सड़कों पर भटकना पड़ा और खुद खाना बनाकर बर्तन धोने पड़े। वहीं टीम प्रबंधन ने आरोपों को खारिज किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

क्या है पाकिस्तानी कप्तान का दावा

पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान शकील इमाद बट ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में होटल में बुकिंग नहीं होने के कारण सड़कों पर भटकी पाकिस्तानी हॉकी टीम। मैच खेलने जाने से पहले बर्तन भी धोने पड़े। दूसरी ओर हॉकी टीम के कोच ने प्रबंधन पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए जांच की मांग की है। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने दिए मामले की जांच के आदेश।

 

टीम के कप्तान इमाद बट ने ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद लाहौर हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए पाकिस्तान हॉकी महासंघ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वह मौजूदा टीम प्रबंधन के साथ आगे नहीं बढ़ सकते।

 

खेल बोर्ड और हॉकी महासंघ में कौन सही?

उन्होंने कहा कि जब मैंने इस बारे में पाकिस्तान खेल बोर्ड से बात की, तो उन्होंने कहा कि टीम के ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले हमने पाकिस्तान हॉकी महासंघ को जरूरी धनराशि उपलब्ध करा दी थी। जब मैंने टीम प्रबंधन से बात की, तो उन्होंने कहा कि खेल बोर्ड ने पर्याप्त और पूरे पैसे उपलब्ध नहीं कराए हैं।

 

कप्तान ने क्यों खड़े किए हाथ?

बट ने कहा कि 5 दिनों में विश्व कप क्वॉलीफाइंग राउंड शुरू होने वाला है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ और राष्ट्रीय टीम दोनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण आयोजन है। अब हमारे पास बहुत कम समय है, इसलिए हम मौजूदा टीम प्रबंधन के साथ आगे नहीं बढ़ सकते।

 

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से ऑस्ट्रेलिया में खेल रही पाकिस्तानी हॉकी टीम के खिलाड़ियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें खिलाड़ी अपना खाना पकाते और बर्तन साफ करते दिखाई दे रहे हैं। कई तस्वीरों में वे बैग के साथ सड़क किनारे बैठे हुए भी नजर आ रहे हैं।

edited by : Nrapendra Gupta 

इंदौर की 5 वर्षीय जियाना कटारिया ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, 28 सेकंड में हल कीं 5 सुडोकू पहेलियाँ

jaina katariya

शहर की नन्ही प्रतिभा जियाना कटारिया ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंदौर और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है। महज 5 वर्ष, 3 महीने और 11 दिन की आयु में जियाना ने “Fastest to complete  5 Easy Level 4×4 सुडोकू puzzle (Kid)” श्रेणी में विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने 5 आसान स्तर की 4×4 सुडोकू पहेलियों को मात्र 28 सेकंड और 4 मिलीसेकंड में हल कर यह उपलब्धि हासिल की। इस रिकॉर्ड को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है।

इतनी कम उम्र में इस तरह की तार्किक क्षमता और मानसिक एकाग्रता असाधारण मानी जाती है। सुडोकू जैसे ब्रेन गेम्स बच्चों में गणितीय सोच, स्मरण शक्ति और समस्या समाधान कौशल को विकसित करते हैं। जियाना ने बेहद कम समय में सटीकता के साथ सभी पहेलियों को पूरा कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। उनकी उपलब्धि न केवल परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे शहर और प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।

जियाना के अभिभावकों ने बताया कि उन्हें बचपन से ही नंबर गेम्स और पजल्स में विशेष रुचि रही है। परिवार के अनुसार नियमित अभ्यास, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण ने उनकी क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जियाना के पिता श्री विनय कटारिया ने कहा, “हमें हमेशा से विश्वास था कि जियाना में कुछ अलग करने की क्षमता है। हमने उसे कभी दबाव में नहीं रखा, बल्कि खेल-खेल में सीखने का मौका दिया। आज उसकी इस उपलब्धि पर हमें बेहद गर्व है।”

वहीं उनकी माता श्रीमती एकता कटारिया ने भावुक होते हुए कहा, “इतनी छोटी उम्र में उसे इस तरह एकाग्र होकर लक्ष्य पूरा करते देखना हमारे लिए अविस्मरणीय क्षण था। यह उसकी मेहनत और ईश्वर की कृपा का परिणाम है।”

रिकॉर्ड बनाने के दौरान जियाना ने पूरे आत्मविश्वास और शांति के साथ चुनौती को पूरा किया। इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उन्हें आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी कर “रिकॉर्ड होल्डर” घोषित किया है। शहर के शिक्षाविदों का मानना है कि जियाना की यह सफलता अन्य बच्चों को भी बौद्धिक गतिविधियों की ओर प्रेरित करेगी। कम उम्र में इस तरह की उपलब्धि यह दर्शाती है कि यदि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो बच्चे असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल कर सकते हैं।

FIH Men Pro League 2025-26 में अर्जेंटीना ने भारत को 8 गोलों से रौंदा

FIH Men Pro League भारत को बृहस्पतिवार को यहां  के राउरकेला चरण में अर्जेंटीना से 0-8 से हार का सामना करना पड़ा।अर्जेंटीना के लिए टॉमस डोमेने ने चार गोल दागे। डोमेन (15, 20, 26, 60वें मिनट) के अलावा टॉमस रुइज (14वें मिनट), लुसियो मेंडेज (22वें मिनट), इग्नासियो इबारा (25वें मिनट) और निकोलस डेला टोरे (30वें मिनट) ने भी गोल किए।

भारत ने शुरुआत में बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर तक दबदबे के बाद उन्होंने पहले क्वार्टर के अंत में पेनल्टी स्ट्रोक मिलने पर बढ़त लेने का सुनहरा मौका गंवा दिया।

हरमनप्रीत सिंह के प्रयास को अर्जेंटीना के गोलकीपर ने रोक दिया।  अर्जेंटीना ने तुरंत गोल दाग दिया। रुइज ने अपनी टीम को बढ़त दिला दी। मेहमान टीम ने जल्द ही अपनी बढ़त दोगुनी कर ली जब डोमेने ने सूरज करकेरा को छकाते हुए अपनी टीम को शुरुआती क्वार्टर में 2-0 की बढ़त दिला दी।

भारत ने दूसरे क्वार्टर की शुरुआत अच्छी की जिसमें शिलानंद लाकड़ा और हरमनप्रीत सिंह को पेनल्टी कॉर्नर मिले। हालांकि वे गोल नहीं कर पाए।अर्जेंटीना ने दबाव बनाना जारी रखा। डोमेने ने बढ़त को तीन गुना कर दिया और मेंडेज ने जल्द ही चौथा गोल कर दिया।

इबारा पांचवां गोल किया जबकि डोमेने ने जल्द ही अपनी हैट्रिक पूरी की।निकोलस डेला टोरे के गोल से अर्जेंटीना पहले हाफ में 7-0 से बढ़त बनाए था।भारत ने कुछ मौके बनाए लेकिन गोल नहीं हुआ।फिर अर्जेंटीना ने डोमेने के गोल से शानदार जीत दर्ज की।

ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने एशियन निशानेबाजी चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक

दो बार के ओलंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने गुरुवार को एशियन निशानेबाजी चैंपियनशिप 2026 में पुरुषों की 50मी राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता।

आज यहां डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में मुकाबला करते हुए, 25 साल के भारतीय निशानेबाज ने फाइनल में नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग राउंड के बाद कुल 362.0 के साथ अपने खिताब का बचाव किया। कुल मिलाकर, यह एशियन चैंपियनशिप में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर का पांचवां व्यक्तिगत निशानेबाजी पदक है। इससे पहले उन्होंने दोहा 2019 में कांस्य, चांगवोन 2023 में स्वर्ण, जकार्ता 2024 में रजत और शिमकेंट 2025 में स्वर्ण पदक जीता था।

भारत ने पुरुषों की 50मी राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में भी क्लीन स्वीप किया, जिसमें नीरज कुमार ने 361.8 के साथ रजत और अखिल श्योरण ने 343.5 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता।इससे पहले, नीरज, ऐश्वर्य और अखिल की तिकड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 1769-106 स्कोर करके भारत को टीम स्वर्ण दिलाया। जापान 1754-86 के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कजाकिस्तान ने 1748-87 के साथ कांस्य पदक जीता।

नीरज 593-34 के साथ क्वालिफाइंग में शीर्ष पर रहे, उनके बाद रुद्रांक्ष पाटिल (591-33) रहे, जिन्होंने रैंकिंग पॉइंट्स ओनली (आरपीओ) के लिए मुकाबला किया। ऐश्वर्य (588-40) क्वालिफिकेशन में तीसरे और अखिल (588-32) चौथे स्थान पर रहे। आरपीओ के लिए निशानेबाजी कर रहे निखिल तंवर ने 587-29 के साथ छठा स्थान हासिल किया।आज मिले पदकों के साथ चैंपियनशिप में भारत के पदकों की कुल संख्या 26 हो गई है। भारत ने 10 स्वर्ण, नौ रजत और सात कांस्य पदक जीते है।

विनेश फोगाट ने हरियाणा कुश्ती चयन मानदंडों की आलोचना की, नियमों से रूकी वापसी

भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने गुरुवार को हरियाणा कुश्ती संघ के फेडरेशन कप 2026 के लिए चयन मानदंडों की आलोचना करते हुए इसे अनुचित और युवा और उभरते पहलवानों के भविष्य के लिए हानिकारक बताया। एक्स पर एक तीखे पोस्ट में, विनेश ने केवल 2025 सीनियर स्टेट पदक विजेताओं और 2025 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहलवानों तक ट्रायल सीमित करने के फैसले पर सवाल उठाया, और कहा कि यह उन हजारों योग्य एथलीटों को बाहर करता है जिन्होंने सालों तक ट्रेनिंग ली है।

विनेश ने लिखा, “केवल 2025 सीनियर स्टेट पदक विजेताओं और उन पहलवानों को ट्रायल का मौका देना जिन्होंने 2025 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया, हजारों मेहनती पहलवानों के साथ धोखा है।”कई तीखे सवाल उठाते हुए, राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की पदक विजेता ने पूछा कि क्या 2024 के राष्ट्रीय पदक विजेता अचानक अयोग्य हो गए हैं, क्या सब जूनियर राष्ट्रीय पदकों का कोई मूल्य नहीं रह गया है, और क्या घायल खिलाड़ियों को उन परिस्थितियों के लिए दंडित किया जा रहा है जो उनके नियंत्रण से बाहर हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि कई पहलवान जो उम्र की पाबंदी के कारण 2025 सीनियर नेशनल में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सके, वे 2026 में पूरी तरह से योग्य हैं, फिर भी उन्हें अवसर नहीं दिए जा रहे हैं विनेश ने चेतावनी दी कि ऐसी चयन नीतियों के दीर्घकालिक परिणाम हो सकते हैं, खासकर ऐसे साल में जिसमें एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन होने हैं उन्होंने कहा, “ऐसे टूर्नामेंट में खेलना और देश के लिए पदक लाना हर खिलाड़ी का सपना होता है। लेकिन इन नियमों के कारण, आप उन्हें अभी ही बाहर कर रहे हैं और व्यावहारिक रूप से उनके भविष्य पर स्थायी रोक लगा रहे हैं,” उन्होंने इस स्थिति को “खिलाड़ियों के जीवन और संघर्षों का खुला मजाक” बताया।

पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता ने राज्य स्तर पर भी निष्पक्ष ट्रायल की कमी पर चिंता व्यक्त की, और तर्क दिया कि यह माहौल नई प्रतिभाओं के उभरने को असंभव बनाता है। उन्होंने आगे कहा, “अगर निष्पक्ष चयन की जरूरत है, तो ओपन ट्रायल होने चाहिए। प्रतिभा की पहचान मैट पर होती है, और किसी खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका न देना बहुत बड़ा धोखा है।” सीधे राज्य नेतृत्व से अपील करते हुए, विनेश ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हस्तक्षेप करने और राज्य के पहलवानों के लिए न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया

महान पूर्व भारतीय एथलीट P.T .उषा के पति का हुआ निधन

राज्यसभा सांसद और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) अध्यक्ष पी.टी. उषा के पति, वेंगलिल श्रीनिवासन (67) का शुक्रवार सुबह कोझिकोड जिले में अपने घर पर गिरने के बाद निधन हो गया, परिवार के सूत्रों ने बताया। पोन्नानी के रहने वाले श्रीनिवासन, थिक्कोडी के पेरुमलपुरम में अपने घर पर सुबह करीब 12.30 बजे गिर गए। उन्हें तुरंत पेरुमलपुरम के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वह सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में इंस्पेक्टर थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी और बेटा, डॉ. उज्ज्वल विग्नेश हैं।महान पूर्व एथलीट और मौजूदा राज्यसभा मेंबर डॉ. उषा, अभी नई दिल्ली में चल रहे पार्लियामेंट सेशन में शामिल हो रही हैं।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने श्रीनिवासन के निधन पर शोक जताया है। एक्स पर एक पोस्ट में, स्टालिन ने कहा, “इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट और सांसद थिरुमिगु पीटी उषा के पति थिरु. श्रीनिवासन के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। थिरुमिगु पीटी उषा और उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं, जो अपने प्रियजन के निधन पर शोक मना रहे हैं।”

साइना नेहवाल का संन्यास: भारतीय बैडमिंटन की गोल्डन गर्ल ने खेल को कहा अलविदा

Olympic Medalist Saina Nehwal Retires from Professional Badminton

Saina Nehwal retirement : भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने सोमवार को प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन से संन्यास का एलान कर दिया। वे लंबे समय से घुटने की गंभीर समस्या से जूझ रही थीं। उन्होंने कहा कि अब उनका शरीर एलीट स्तर के खेल की शारीरिक मांगों को सहन करने की स्थिति में नहीं है।

 

साइना ने लंदन ओलंपिक 2012 में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 2017 में विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक और 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीता। वे 2023 में सिंगापुर ओपन में आखिरी बार प्रतिस्पर्धी मैच खेलते दिखाई दी थी।

 

विश्व की नंबर एक खिलाड़ी रहीं साइना ने एक पॉडकास्ट में बताया कि मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मुझे लगा कि मैंने अपने दम पर इस खेल में कदम रखा और अपने ही फैसले से बाहर आई, इसलिए अलग से संन्यास की घोषणा करने की जरूरत नहीं समझी।

 

उन्होंने बताया कि उनके घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुकी है और उन्हें आर्थराइटिस हो गया है, जिसकी वजह से लंबे समय तक और तेज ट्रेनिंग करना संभव नहीं रहा। मैंने अपने माता-पिता और कोच को बता दिया था कि अब शायद मैं इसे आगे नहीं कर पाऊंगी।

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India Open के दौरान स्टेडियम में फैली गंदगी और धूल से BAI शर्मसार, वैश्विक संस्था ने लगाई लताड़

योनेक्स -सनराइज इंडिया ओपन 2026 के हालात को लेकर खिलाड़ियों की चिंताओं को मानते हुए, बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने कहा है कि वह इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बड़े अपग्रेड पर ज़ोर देते हुए, समस्याओं को सुलझाने के लिए बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) के साथ मिलकर काम कर रहा है।

यह बयान डेनमार्क के शटलर मिया ब्लिचफेल्ड और एंडर्स एंटोनसन समेत टॉप खिलाड़ियों की एयर क्वालिटी, हाइजीन और ट्रेनिंग सुविधाओं की आलोचना के बाद आया है, जिससे फेडरेशन ने एथलीटों के लिए एक सुरक्षित, वर्ल्ड-क्लास माहौल पक्का करने के अपने वादे पर ज़ोर दिया। एक ऑफिशियल बयान में, बीडब्ल्यूएफ ने कहा कि धुंध और ठंडे मौसम जैसे मौसमी फैक्टर्स को मैनेज करना, जिससे एयर क्वालिटी और इनडोर टेम्परेचर पर असर पड़ा, इस हफ़्ते मुश्किलें खड़ी कर रहा था। हालांकि, वैश्विक संस्थान ने कहा कि उसके आंकलन से यह पुष्ट हुआ है कि इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहले के वेन्यू, केडी जाधव स्टेडियम के मुकाबले, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में बड़ी सुधार की जरुरत है ।

फेडरेशन ने कहा कि उसने खिलाड़ियों के कमेंट्स और उसके बाद मीडिया कवरेज पर ध्यान दिया, और इस बात पर ज़ोर दिया कि मिला फीडबैक न सिर्फ़ मौजूदा टूर्नामेंट के माहौल को बल्कि भविष्य की चैंपियनशिप को भी बनाने में कीमती था।

यह मानते हुए कि आम सफ़ाई, हाइजीन और जानवरों के कंट्रोल जैसी कुछ बातों पर ध्यान देने की ज़रूरत है, फेडरेशन ने कहा कि बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए तेज़ी से काम किया। इसमें यह भी कहा गया कि खिलाड़ियों ने खेलने की जगह और फ़्लोरिंग, जिम और मेडिकल सपोर्ट एरिया जैसी जरूरी सुविधाओं में सुधार पर भी ज़ोर दिया था।

BWF के मुताबिक, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट होने से एथलीटों और अधिकारियों के लिए ज़्यादा जगह मिली है और यह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप समेत बड़े इवेंट्स की मेज़बानी के लिए फेडरेशन की फ़ील्ड ऑफ प्ले जरूरतों को पूरा करता है। वर्ल्ड बॉडी ने यह भी कहा कि इंडिया ओपन के दौरान मिली जानकारी अगस्त में इस जगह पर होने वाली BWF World Championship से पहले और अपग्रेड करने में मदद करेगी, जब मौसम के हालात कम खराब होने की उम्मीद है।

घर पर वियतनाम की खिलाड़ी से शर्मसार हुई PV सिंधू, इंडिया ओपन के पहले दौर से बाहर (Video)

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दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधु ने इंडिया ओपन से पहले अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का वादा किया था लेकिन वह बुधवार को पहले ही राउंड में वियतनाम की थुई लिन्ह एनगुएन से तीन गेमों के संघर्षपूर्ण मुकाबले में 22-20, 12-21, 15-21 से हार गई। सिंधु ने इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कम्पलेक्स में यह मुकाबला एक घंटे आठ मिनट में गंवाया। सिंधु का खेल देखने पहुंचे भारतीय दर्शकों को अपनी बैडमिंटन स्टार की हार से भारी निराशा का सामना करना पड़ा।

अन्य मैचों में मालविका बंसोड़ चीनी ताईपे की पेई यू पो को 41 मिनट में 21-18, 21-19 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई।एक अन्य मैच में मुख्य ड्रा में जगह पाने वाली तन्वी शर्मा दूसरी सीड चीन की वांग झी यी से 20-22, 21-18, 13-21 से हार कर बाहर हो गई।

यह मेरा दिन नहीं था, इस स्तर पर आप आसान मुकाबलों की उम्मीद नहीं कर सकते: सिंधू

पिछले हफ्ते मलेशिया ओपन सुपर 1000 के सेमीफाइनल में पहुंची सिंधू ने मैच के बाद कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह मेरा दिन था। उसके (एनगुएन के) खिलाफ खेलना आसान नहीं होता। उसके पास अच्छे शॉट हैं और आपको लय बरकरार रखनी होती है। अहम लम्हों में छोटी-छोटी गलतियां निर्णायक होती हैं और मैंने महत्वपूर्ण समय में गलतियां की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे निश्चित रूप से अपने खेल में अधिक निरंतरता दिखाने की जरूरत है। मुझे विरोधी खिलाड़ी को आसान या लगातार अंक देने से बचना होगा। मुझे प्रत्येक अंक और रैली के बाद तुरंत अगले अंक के लिए तैयार रहना होगा। इसमें कोई कोताही नहीं बरती जा सकती।’’

सिंधू ने कहा कि हार-जीत लगी रहती है और अब अगले टूर्नामेंट की तैयारी करने का समय है।उन्होंने कहा, ‘‘पहला गेम जीतने के बाद मैंने दूसरा गेम गंवा दिया। तीसरे गेम में स्कोर 11-10 था (एनगुएन के पक्ष में) लेकिन इसके बाद उसने दो या तीन अंक की बढ़त बनाई और फिर अंतर को बढ़ाती चली गई।’’

सिंधू ने कहा, ‘‘उसके पास गंवाने के लिए कुछ नहीं था इसलिए वह और खतरनाक हो गई। हार और जीत लगी रहती है और अब मुझे अगले टूर्नामेंट की तैयारी करनी होगी।’’सिंधू को एनगुएन के खिलाफ लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने कहा कि पिछले मुकाबलों के नतीजे मायने नहीं रखते।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हर कोर्ट अलग होता है। मैं तो यह कहूंगी कि हर शटल अलग होती है। कभी-कभी वे ड्रिफ्ट करती हैं तो कभी कोर्ट धीमा तो कभी तेज होता है। मैं शिकायत नहीं कर रही क्योंकि यह दोनों खिलाड़ियों के लिए एक जैसा है।’’

वियतनाम की खिलाड़ी ने कहा, ‘‘आज मैंने अच्छा किया। मैं हार या जीत के बारे में नहीं बोल रही लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में मैंने अंत तक प्रयास किया जो महत्वपूर्ण है।’’