इंदौर में संपन्न हुई पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता; दीपेंद्र और तनिष्क रहे विजेता

Shooting Competition

चत्रभुज नरसी स्कूल (CNS), इंदौर में दो दिवसीय पिस्टल शूटिंग कॉम्पिटिशन सम्पन्न हुई। ओलंपिक कोच और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट श्री रौनक पंडित की देखरेख में शुरू हुई स्कूल की नई स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट पिस्टल शूटिंग एकेडमी ने अपने पहले ही आयोजन में शहर की युवा प्रतिभाओं को नई दिशा दी है।

दो दिनों तक चले कड़े मुकाबले के बाद, दीपेंद्र वर्मा (पिता) और तनिष्क वर्मा (पुत्र) ने अपने सटीक निशाने और धैर्य का परिचय देते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि आदित्यवर्धन सिंह और भूमिका सोलंकी प्रतियोगिता के रनर -अप रहे। पिस्टल शूटिंग वर्कशॉप में लगभग 89 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और पेशेवर शूटिंग की बारीकियों को समझा।

इस पहल पर बात करते हुए, चत्रभुज नरसी स्कूल के चेयरपर्सन श्री सुजय जयराज ने कहा , “चत्रभुज नरसी स्कूल में हमारा मानना है कि शिक्षा को पढ़ाई से आगे बढ़कर अनुशासन, आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण पर केंद्रित होना चाहिए। यह शूटिंग एकेडमी और फिएस्टा जैसे आयोजन हमारे उसी विजन को दर्शाते हैं, जहाँ हम छात्रों को न केवल ज्ञान बल्कि विश्वस्तरीय मौके और खेल के जरिए मजबूती प्रदान करते हैं।”

एकेडमी के मेंटर, ओलंपिक कोच और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट श्री रौनक पंडित ने युवा निशानेबाजों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा, – “इस शुरुआती स्तर पर युवा सीखने वालों को शूटिंग के खेल से रूबरू कराना सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं था—बल्कि यह उनके भीतर फोकस, सब्र और आत्मविश्वास पैदा करने की एक कोशिश थी। मुझे इन दो दिनों में बच्चों के भीतर सीखने की जो ललक और धैर्य दिखा, वह काबिले-तारीफ है। चत्रभुज नरसी स्कूल में मेरा उद्देश्य तकनीक सिखाने के साथ उन मूल्यों को जगाना है जो इन बच्चों को जीवन की हर चुनौती के लिए तैयार करें। यहाँ की वर्ल्ड-क्लास 10-मीटर शूटिंग रेंज इंदौर में भविष्य के ओलंपिक चैंपियंस तैयार करने की क्षमता रखती है।”

प्रिंसिपल डॉ जेरिन जैकब ने भी आयोजन की सफलता पर कहा कि वर्ल्ड-क्लास एथलीट्स के साथ सीधे जुड़कर बच्चों ने सीखा है कि कैसे अनुशासन और फोकस जीवन के हर पहलू में उत्कृष्टता ला सकता है।

शूटिंग रेंज के बाहर, स्कूल परिसर में आयोजित 'फिएस्टा' ने परिवारों के लिए एक शानदार उत्सव का माहौल तैयार किया, जिसमें लगभग 266 लोगों ने शिरकत की। इस फिएस्टा में विविध एक्टिविटी स्टॉल्स, रिटेल आउटलेट्स, क्रिएटिव आर्ट स्पेसेस, DIY स्टॉल्स और बच्चों के आकर्षण के लिए बाउंसी कैसल जैसे कई विकल्प मौजूद थे। इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण वह नया 'प्ले एरिया' रहा जिसका उद्घाटन फिएस्टा से ठीक पहले किया गया था। दिन भर बच्चे अपने माता-पिता के साथ इस आधुनिक प्ले एरिया में समय बिताते और खेल का आनंद लेते नजर आए। इसके साथ ही, बच्चों की माताओं के लिए विशेष रूप से जुम्बा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी माताओं के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया और खूब आनंद उठाया।

चत्रभुज नरसी स्कूल, इंदौर एक प्रोग्रेसिव संस्थान है जो शिक्षा, खेल और कला के समन्वय से छात्रों का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। शूटिंग एकेडमी जैसी पहल स्कूल के एक्सीलेंस के प्रति कमिटमेंट को और मजबूत करती है।

21 नहीं सिर्फ 15 अंक का हुआ बैडमिंटन मैच, नाराज भारतीय खिलाड़ी

बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने शनिवार को डेनमार्क के हॉर्सन में अपनी सालाना आम बैठक में 3×15 स्कोरिंग प्रणाली को अपनाने की मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव को डाले गए वोट में से जरूरी दो-तिहाई बहुमत मिल गया।अब 3×15 स्कोरिंग प्रणाली चार जनवरी 2027 से लागू होगी।बीडब्ल्यूएफ की अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि यह फैसला बैडमिंटन के भविष्य के लिए एक अहम मील का पत्थर है। 

लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा, ‘‘हम एक ऐसा खेल तैयार कर रहे हैं जो अगली पीढ़ी से जुड़ा हो, और साथ ही हम अपने खिलाड़ियों के लंबे समय के भविष्य में भी निवेश करते रहेंगे। ’ उन्होंने कहा, ‘‘3×15 स्कोरिंग प्रणाली का मकसद बैडमिंटन को और भी ज़्यादा रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाना, बेहतर शेड्यूल, मैचों की अवधि में ज्यादा एकरूपता लाना, और खिलाड़ियों की भलाई और उबरने के लिए संभावित फायदे देना है। ’’

विश्व संस्था ने एक बयान में कहा कि यह फैसला लंबे समय तक चली टेस्टिंग, विश्लेषण और सदस्यों व हितधारकों के साथ सलाह-मशविरे की प्रक्रिया के बाद लिया गया है।

यह बीडब्ल्यूएफ के सदस्यों की सामूहिक राय को दिखाता है जो खिलाड़ियों की भलाई, और खिलाड़ियों को लंबे व ज्यादा सफल करियर बनाने में मदद करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है।

भारत की प्रमुख खिलाड़ियों ने पहले इस कदम पर अपनी आपत्तियां जताई थीं और मौजूदा 21 अंक की प्रणाली का समर्थन किया था जिनमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल शामिल हैं।

कुछ हितधारकों द्वारा उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि बैडमिंटन का मूल स्वरूप नहीं बदलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि बदलाव से चिंताएं पैदा हो सकती हैं, खासकर ऐसे खेल में जिसकी परंपराएं इतनी मजबूत हैं। लेकिन यह फैसला बैडमिंटन के बुनियादी स्वरूप को नहीं बदलता है। खेल के कौशल, रणनीतियां, शारीरिक और मानसिक चुनौतियां, और इसका रोमांच सब कुछ वैसा ही रहेगा। ’’

भविष्य में इंडियन प्रीमियर लीग हो सकता है लॉस एंजलिस ओलंपिक्स के क्रिकेट स्टेडियम में

कोलकाता नाइट राइडर्स के मुख्य कार्यकारी वेंकी मैसूर का कहना है कि लॉस एंजेलिस 2028 के लिए बनने वाला ओलंपिक क्रिकेट स्टेडियम भविष्य में अपने वैश्विक विस्तार योजनाओं के तहत इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीमों की मेज़बानी कर सकता है। गेम्स में क्रिकेट की वापसी की तैयारी के तौर पर, दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के पोमोना शहर में फेयरग्राउंड्स (जिसे आधिकारिक तौर पर फेयरप्लेक्स के नाम से जाना जाता है) में अब निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

यह स्टेडियम केकेआर की यूएस फ्रेंचाइजी, लॉस एंजेलिस नाइट राइडर्स का घरेलू मैदान बन जाएगा और इस जुलाई में मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) के मैचों की मेज़बानी करेगा। यह तीन चरणों में बनाया जाने वाला एक मॉड्यूलर स्टेडियम होगा, जिसकी क्षमता इस साल 5,000 प्रशंसकों की होगी, जो 2027 में बढ़कर 8,500 हो जाएगी, और फिर लॉस एंजेलिस 2028 के लिए छह-टीमों वाले टी20 टूर्नामेंट के लिए 15,000 तक पहुँच जाएगी।

मैसूर को यह भी उम्मीद है कि यह मैदान अंततः आईपीएल के प्रदर्शनी मैचों की मेज़बानी कर सकता है, क्योंकि यह प्रतियोगिता संयुक्त राज्य अमेरिका में विस्तार करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, “क्या यह शानदार नहीं होगा?” “चुनौती हमेशा खिलाड़ियों की उपलब्धता होती है। एक बार जब आईपीएल सीजन खत्म हो जाता है, तो सभी का कैलेंडर भरा होता है और वे अलग-अलग दिशाओं में व्यस्त हो जाते हैं। “लेकिन बीसीसीआई ने क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए कुछ टीमों को बाहर भेजकर प्रदर्शनी मैच खेलने के बारे में बात की है… इसलिए यह हमेशा एजेंडे में रहता है।” अमेरिका को व्यापक रूप से दुनिया का सबसे बड़ा खेल बाज़ार माना जाता है और क्रिकेट के लिए एक प्रमुख विकास क्षेत्र के रूप में देखा जाता है।

मैसूर ने कहा कि अतीत में यूएस और कनाडा दोनों से आईपीएल टीमों की मेज़बानी के लिए “ठोस प्रस्ताव” आए थे, हालाँकि उनमें से कोई भी सफल नहीं हो पाया। उन्होंने समझाया, “यह आईपीएल के साथ मेरा 16वां सीज़न है और हमने हर साल कोशिश की है, लेकिन किसी न किसी तरह से ऐसा हो नहीं पाया।” “बाज़ार को और आगे बढ़ाने के लिए एमएलसी के साथ जो कुछ हो रहा है, उसका लाभ उठाने का एक वास्तविक अवसर है। “जब दर्शकों की संख्या बढ़ती है, तो इसका मीडिया अधिकारों जैसी चीज़ों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह बहुत मायने रखता है। लेकिन सबसे पहले, हमें वह पूरा करना होगा जिसकी शुरुआत हमने यहाँ की है।”

इंदौर में पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन, ओलंपिक कोच रौनक पंडित होंगे मेंटर

चत्रभुज नरसी स्कूल, में 25 और 26 अप्रैल, 2026 को पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता होगी। इस प्रतियोगिता में छात्र और वयस्क इस अनुशासित खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन का मार्गदर्शन ओलंपिक कोच एवं कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक विजेता श्री रौनक पंडित द्वारा किया जाएगा, जिनकी उपस्थिति प्रतियोगिता को विशेष गरिमा और उत्साह प्रदान करेगी।

25 अप्रैल को सुबह 10 से 11 बजे तक एक ओपन हाउस होगा, जिसमें श्री पंडित और अन्य ओलंपिक खिलाड़ी विद्यार्थियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों के साथ बातचीत करेंगे। यह सत्र प्रतिभागियों को ओलंपियंस से सीधे जुड़ने का एक मौका करेगा।

इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए चत्रभुज नरसी स्कूल की प्राचार्या, सुश्री जेरिन जैकब ने कहा, “हमें इस प्रतियोगिता की मेजबानी करते हुए अत्यंत खुशी हो रही है। यह आयोजन विद्यार्थियों को अनुशासन और एकाग्रता के मूल्यों से परिचित कराने के साथ उन्हें विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के मार्गदर्शन से प्रेरित भी करता है। यह कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा को निखारने और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

चत्रभुज नरसी स्कूल, इंदौर के बारे में:
चत्रभुज नरसी स्कूल इंदौर एक प्रगतिशील शैक्षणिक संस्थान है, जो शिक्षा के समग्र दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। यह विद्यालय अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला और जीवन कौशल का संतुलित समावेश करता है। नवाचार और अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष जोर देते हुए, यह विद्यालय विद्यार्थियों को कक्षा के भीतर और बाहर दोनों ही क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के अवसर प्रदान करता है।

चीन उतना मजबूत नहीं, क्या है थॉमस और उबेर कप में भारत के लिए संभावनाएं?

 भारत की पुरुष और महिला टीमें थॉमस कप और उबेर कप फ़ाइनल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं, जिसमें सभी की नजरें डेनमार्क के हॉर्सेंस में होने वाले पहले दिन के मुक़ाबलों पर टिकी हैं। 2022 की ऐतिहासिक चैंपियन पुरुष टीम 24 अप्रैल को दोपहर 12 बजे (भारतीय समयानुसार) कनाडा के ख़िलाफ़ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद, उसी दिन महिला टीम का सामना मेजबान डेनमार्क से होगा।

ये सभी मुक़ाबले ‘फ़ोरम हॉर्सेंस’ में खेले जाएँगे। ग्रुप चरण में ग़लती की गुंजाइश बहुत कम होती है, ऐसे में भारत को शुरुआत में ही एक कड़े शेड्यूल का सामना करना पड़ रहा है। पुरुष टीम का अगला मुक़ाबला 27 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया से होगा (दोपहर 12 बजे), जिसके बाद 29 अप्रैल को चीन के ख़िलाफ़ एक बेहद अहम मुक़ाबला खेला जाएगा (दोपहर 1:30 बजे)। वहीं, महिला टीम अपना अभियान 25 अप्रैल को यूक्रेन और 27 अप्रैल को चीन के ख़िलाफ़ जारी रखेगी; ये दोनों ही मुक़ाबले रात 10 बजे खेले जाएँगे। हर ग्रुप से केवल शीर्ष दो टीमें ही नॉकआउट चरण में पहुँचेंगी, इसलिए शुरुआत में ही मज़बूत प्रदर्शन करना बेहद ज़रूरी है। सभी मैचों का सीधा प्रसारण जियो हॉटस्टार पर किया जाएगा और जियो स्टार नेटवर्क पर भी दिखाया जाएगा।

पुरुष टीम के दिग्गज खिलाड़ी एच.एस. प्रणॉय ने कहा, “पिछले कुछ हफ़्तों से हम एक टीम के तौर पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमारा पूरा ध्यान अपनी टीम के तालमेल को सही करने और हर विभाग में अपनी लय बनाने पर है। थॉमस कप हमेशा ही एक कठिन प्रतियोगिता रही है, और आगे तीन कड़े ग्रुप मुक़ाबले होने के कारण, हमारा ध्यान पूरी तरह से चौकस रहने और एक-एक मैच पर ध्यान केंद्रित करने पर है।” 

महिला टीम एक नए और ताज़ा मिश्रण के साथ इस प्रतियोगिता में उतर रही है, जिसमें उभरती हुई प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा। टीम का लक्ष्य 2014 और 2016 में सेमीफ़ाइनल तक पहुँचने के अपने पिछले प्रदर्शन को और बेहतर बनाना है। टीम की डबल्स जोड़ी में एक बदलाव किया गया है: श्रुति मिश्रा और प्रिया कोंजेंगबम को टीम में शामिल किया गया है, जबकि ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद, जिनमें से एक खिलाड़ी के चोटिल होने के कारण, इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगी।

महिला टीम की सदस्य उन्नति हुड्डा ने कहा, “यह एक बहुत बड़ा मंच है जिसका हिस्सा बनना अपने आप में एक बड़ी बात है, और जैसे ही आप इस माहौल में कदम रखते हैं, आप महसूस कर सकते हैं कि थॉमस और उबेर कप कितना महत्वपूर्ण है। इस बार हमारी टीम में युवा खिलाड़ी ज़्यादा हैं, और हर कोई कड़ी मेहनत कर रहा है, ट्रेनिंग के दौरान हर दिन एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहा है। टीम में बहुत जोश और ऊर्जा है, और हम इस मौके का पूरा फ़ायदा उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

थॉमस कप और उबर कप, दोनों के फ़ाइनल में कुल 16 टीमें हिस्सा लेती हैं, जिनमें दुनिया भर के शीर्ष बैडमिंटन खेलने वाले देश शामिल होते हैं। भारतीय पुरुष टीम ने कट-ऑफ़ तारीख तक शीर्ष तीन रैंकिंग वाली टीमों में से एक के रूप में क्वालिफ़ाई किया, जबकि महिला टीम ने भी इसी रास्ते से अपनी जगह बनाई; यह इस बात को दर्शाता है कि भारत इस खेल के शीर्ष स्तर पर लगातार अपनी उपस्थिति बनाए हुए है।

पुरुष टीम 2022 की चैंपियन के तौर पर इस टूर्नामेंट में उतर रही है, और महिला टीम में युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मेल है; ऐसे में भारत की कोशिश होगी कि वह जल्द से जल्द इस माहौल में ढल जाए और अपने अभियान को एक-एक कदम करके आगे बढ़ाए।

पुरुष टीम के मुक़ाबले – ग्रुप चरण (भारतीय समयानुसार)
24 अप्रैल: भारत बनाम कनाडा – दोपहर 12:00 बजे
27 अप्रैल: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया – दोपहर 12:00 बजे
29 अप्रैल: भारत बनाम चीन – दोपहर 1:30 बजे
महिला टीम के मुक़ाबले – ग्रुप चरण
24 अप्रैल: भारत बनाम डेनमार्क – दोपहर 3:30 बजे
25 अप्रैल: भारत बनाम यूक्रेन – रात 10:00 बजे
27 अप्रैल: भारत बनाम चीन – रात 10:00 बजे

राजनीति के कारण भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता हुई रद्द

विश्व वॉलीबॉल महासंघ (FIVB) ने ‘कानूनी और प्रशासनिक मानकों’ के उल्लंघन का हवाला देते हुए भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी।यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही दो अनुभवी खिलाड़ियों ने ‘खराब सुविधाओं’ तथा चयन में ‘राजनीति’ का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय शिविर छोड़ दिया था।FIVB ने बयान में कहा कि उसके नियमों के अनुरूप आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण भारतीय संघ की अंतरिम मान्यता वापस ले ली गई है।

FIVB ने देश में खेल की निरंतरता और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए एक संचालन समिति गठित की है, जिसमें विश्व संस्था और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं।संचालन समिति का मुख्य उद्देश्य बदलाव के इस दौर में खेल संचालन में स्थिरता, पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करना है। इसके तहत खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा, एथलीट आयोग का गठन, राज्य संघों के चुनाव और संविधान को कानूनी मानकों के अनुरूप बनाना शामिल है।

इसके अलावा, समिति पारदर्शी और योग्यता-आधारित राष्ट्रीय टीम चयन प्रक्रिया लागू करेगी, आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का समन्वय करेगी तथा तकनीकी और उच्च प्रदर्शन सहायता उपलब्ध कराएगी।FIVB के वॉलीबॉल सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत भारत को 2026 में 2.58 लाख डॉलर की सहायता जारी रहेगी।

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय संघ का कामकाज पहले से ही एक अंतरिम संचालन समिति देख रही थी, जिसे प्रशासनिक सुधारों की शर्त पर सीमित अवधि के लिए मान्यता दी गई थी।विश्व निकाय ने एक बयान में कहा, “एफआईवीबी के सामान्य विनियमों के अनुच्छेद 1.5.3 और 1.9.1 के अनुसार, एफआईवीबी प्रशासनिक बोर्ड ने यह निर्धारित किया है कि भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (वीएफआई) के अंतरिम नेतृत्व द्वारा एफआईवीबी द्वारा स्थापित कानूनी और प्रशासनिक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया गया है।”

इसमें कहा गया, “इसलिए, वीएफआई की अस्थायी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है और भारत में वॉलीबॉल गतिविधियों की निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एफआईवीबी और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधियों से बनी एक संचालन समिति को अस्थायी प्रशासनिक क्षमता प्रदान की गई है।”इस बीच, अहमदाबाद में 20 से 28 जून तक एशियाई वॉलीबॉल परिसंघ पुरुष कप का आयोजन होना है, जिसमें 12 देशों के भाग लेने की संभावना है।

चीन में ‘Humanoid Robot’ ने Half Marathon में इंसानों का World Record तोड़ा (Video)

चीन की एक कंपनी द्वारा बनाए गए एक ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ ने रविवार को  शौकिया धावकों के साथ हुई एक रेस में 50 मिनट 26 सेकंड के समय के साथ इंसानों का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया।

चीन की ‘शेन्जेन ऑनर स्मार्ट टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड’ द्वारा बनाए गए ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ ‘फ्लैश’ ने 2026 बीजिंग ई-टाउन हाफ मैराथन में ऑटोनॉमस नेविगेशन श्रेणी में जीत हासिल की। यहां की आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ‘फ्लैश’ ने इंसानों के 57:20 के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

पुरुषों की हाफ मैराथन का विश्व रिकॉर्ड पिछले महीने पुर्तगाल में लिस्बन हाफ मैराथन में युगांडा के स्टार लंबी दूरी के धावक जैकब किप्लिमो ने बनाया था। चीन, जर्मनी, फ्रांस और ब्राजील की 100 से ज्यादा टीमों ने इंसानी धावकों के साथ इस दौड़ में हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार रोबोट और इंसानी धावकों ने 21 किलोमीटर का एक ही रास्ता तय किया, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग लेन का इस्तेमाल किया।सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार रोबोट के लिए कट-ऑफ समय तीन घंटे 40 मिनट निर्धारित किया गया था।

90% सिंथेटिक ट्रैक है घटिया क्वालिटी के, भारतीय एथलेटिक्स में बड़ा खुलासा

भारत में एथलेटिक्स के बुनियादी ढांचे को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के प्रवक्ता आदिल सुमरिवाला ने कहा है कि देश में इस्तेमाल हो रहे लगभग 90 प्रतिशत सिंथेटिक ट्रैक मानकों के अनुरूप नहीं हैं।सुमरिवाला ने कहा कि यह समस्या केवल सामग्री की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया, मार्किंग और समग्र निर्माण मानकों में भी गंभीर खामियां हैं।
उन्होंने बताया कि विश्व एथलेटिक्स (डब्ल्यूए) ने इस मुद्दे पर एएफआई को सक्रिय भूमिका निभाने और स्थिति सुधारने के निर्देश दिए हैं।

सुमरिवाला ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं किसी ट्रैक का नाम नहीं लूंगा, लेकिन इतना जरूर कह सकता हूं कि भारत में 90 प्रतिशत से अधिक ट्रैक सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और मार्किंग के लिहाज से मानकों से नीचे हैं। हमने तोक्यो में विश्व एथलेटिक्स के साथ एक बैठक की थी (पिछले वर्ष विश्व चैंपियनशिप के दौरान), जहां उन्होंने हमें कुछ आंकड़े दिखाए, जो काफी चौंकाने वाले थे।”उन्होंने बताया, “कुछ मामलों में स्थिति बेहद खराब है, जहां असली पॉलीयुरेथेन की जगह पुराने टायरों के रबर का उपयोग किया जा रहा है और ऊपर से केवल रंग चढ़ा दिया जाता है। ऐसे ट्रैक कुछ महीनों में ही खराब हो जाते हैं और उन पर प्रदर्शन करना मुश्किल हो जाता है।”

सुमरिवाला ने कहा कि एएफआई ने 14 और 15 अप्रैल को कोहिमा में आयोजित अपनी वार्षिक आम बैठक के दौरान ट्रैक प्रमाणन प्रक्रिया में शामिल होने का निर्णय लिया है।उन्होंने बताया कि महासंघ अब प्रमाणित और विश्वसनीय विक्रेताओं की सूची तैयार करने पर भी काम करेगा और विदेशी विशेषज्ञों की मदद से अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में पहले से मौजूद विश्व एथलेटिक्स प्रमाणित ट्रैकों पर पुनः प्रमाणन की आवश्यकता नहीं होगी।

इसी बीच, एएफआई ने हाल ही में खिलाड़ियों के प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) समझौतों पर लगाए गए प्रतिबंध को फिलहाल तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया है, ताकि इस पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जा सके।
सुमरिवाला ने कहा, “महासंघ का उद्देश्य खिलाड़ियों की सुरक्षा और हितों की रक्षा करना है, क्योंकि कई अनुबंधों में पारदर्शिता और सुरक्षा की कमी देखी गई है।”

फिडे विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनी वैशाली

भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ी आर वैशाली ने फिडे विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया। वह यह खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस उपलब्धि पर वैशाली को बधाई दी। बुधवार को 14 राउंड के इस मुकाबले में आखिरी राउंड में कतेरीना लाग्नो को हराकर वैशाली ने खिताब अपने नाम किया।

इस खिताबी जीत के साथ ही उन्होंने इस साल के आखिर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप का टिकट मिल गया है, जहां उनका सामना चीन की जू वेनजुन से होगा।

केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए आर वैशाली को बधाई दी है। डॉ. मांडविया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ” भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है। फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रचने पर आर वैशाली को हार्दिक बधाई। पूरे भारत को आप पर गर्व है।”

विश्व चैंपियन दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसन ने लिया संन्यास

Vicktor Axelsen

दो बार के ओलंपिक और विश्व चैंपियन दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसन ने बुधवार को संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि लगातार चोटिल होने के कारण उन्हें यह फैसला करना पड़ा।डेनमार्क का यह 32 वर्षीय खिलाड़ी पिछले साल अक्टूबर से पीठ की समस्या के कारण किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाया है। उन्होंने इसके लिए सर्जरी भी कराई लेकिन उनका दर्द अब भी बना रहता है। 

तीन बार के यूरोपीय चैंपियन एक्सेलसन ने ‘बैडमिंटन यूरोप’ से कहा, ‘‘जैसा कि अधिकतर लोग जानते हैं कि मैं काफी समय से अपनी पीठ की समस्या से जूझ रहा हूं। पिछले साल अप्रैल में सर्जरी कराने और लंबे समय तक ‘रिहैबिलिटेशन’ से गुजरने के बाद दुर्भाग्य से अक्टूबर में यह दर्द फिर से उबर गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दर्द के कारण मैं खेल नहीं पा रहा हूं और अभ्यास भी नहीं कर पा रहा हूं। इस कारण मुझे यह बेहद मुश्किल फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’ 

एक्सलसेन 183 सप्ताह तक विश्व में नंबर एक खिलाड़ी रहे हैं और वह इस मामले में तीसरे स्थान पर काबिज हैं। उन्होंने कहा कि दर्द कम न होने और डॉक्टरों का खेल जारी रखने पर एक और सर्जरी की चेतावनी दिए जाने के बाद आखिर में उन्हें अपने शरीर की बात सुननी पड़ी।

मिलनसार स्वभाव का यह खिलाड़ी अपने पूरे करियर में अस्थमा से जूझता रहा है। उन्होंने तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में लगातार स्वर्ण पदक जीते तथा 2017 और 2022 विश्व चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान हासिल किया। वह यूरोपीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली डेनमार्क की छह टीमों का भी हिस्सा रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह फैसला चिकित्सकों से परामर्श करने के बाद लिया है। उनका कहना है कि मुझे अभी जो दर्द हो रहा है, उसके लिए शायद एक और सर्जरी करवानी पड़े। अगर सर्जरी सफल नहीं रही तो इससे भी गंभीर प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। मेरा शरीर मुझे रुकने का संकेत दे रहा है और मुझे अपने डॉक्टरों की सलाह माननी होगी।’’एक्सलसेन अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच अक्टूबर 2025 में डेनमार्क ओपन में खेला था।