Vinesh vs WFI: अयोग्य होने के बाद भी ट्रायल देने पहुंची फोगाट

गोंडा के नंदिनीनगर महाविद्यालय में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से अयोग्य घोषित की गयी महिला पहलवान विनेश फोगाट के यहां पहुंचते ही उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई गई।

भारतीय कुश्ती महासंघ के सोमवार को जारी बयान के अनुसार विनेश फोगाट को यहां पहुंचते ही उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई गई। जैसा कि वहाँ मौजूद सभी लोगों ने देखा, उन्होंने अधिकारियों से मुलाक़ात की और उन्हें मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य होने की जानकारी दी गई। उन्होंने मीडिया से बेझिझक बातचीत की और उन्हें कहीं भी रोका या टोका नहीं गया; इसके बाद, वे शांतिपूर्वक कार्यक्रम स्थल से चली गईं।

भारतीय कुश्ती महासंघ ने बयान में कहा कि डब्ल्यूएफआई हर खिलाड़ी के साथ समान व्यवहार करता है, और खिलाड़ियों का कल्याण व सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं। गोंडा में उनके आगमन से लेकर कार्यक्रम स्थल से उनकी रवानगी तक, हर कदम पर उन्हें पूरी सुरक्षा और सहयोग प्रदान किया गया।

डब्ल्यूएफआई ने हाल में विनेश फोगाट को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें उन पर कई नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। इस अनुभवी पहलवान पर अनुशासनहीनता और डोपिंग-रोधी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, और उन्हें 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

विनेश, जो पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने से चूक गई थीं, पर डब्ल्यूएफआई संविधान, यूडब्ल्यूडब्ल्यू अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती नियमों और डोपिंग-रोधी विनियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया गया। उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है।

भारतीय दर्शक FIFA विश्वकप 2026 देख सकेंगे सिर्फ दूरदर्शन पर

भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए फीफा विश्वकप 2026 से जुड़ी अच्छी और बुरी दोनों खबर है। बुरी खबर यह कि अमेरिका में होने वाले फीफा विश्वकप 2026 के लिए किसी भी निजी भारतीय प्रसारक ने बोली नहीं लगाई है। अच्छी खबर यह कि फीफा विश्वकप 2026 का प्रसारण अब सरकारी प्रसारक दूरदर्शन करेगा, जिसे खेल प्रेमी मुफ्त में देख सकेंगें।

गौरतलब है कि फुटबॉल की वैश्विक संस्थआ फीफा ने पिछले साल प्रसारणकर्ताओं से निविदा आमंत्रित की थी। लेकिन किसी भी निजी प्रसारणकर्ता ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस कारण फीफा $100 मिलियन डॉलर के अनुबंध को 35 मिलियन में बेचने को राजी हो गया लेकिन फिर भी किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।

इस कारण भारत में दूरदर्श फुटबॉल विश्वकप का प्रसारण करेगा। दिलचस्पी ना दिखाने का प्रमुख कारण समय क्षेत्र है। अमेरिका में होने वाले विश्वकप भारतीय समयानुसार देर रात शुरु होंगे जिससे राजस्व ना मिलने की उम्मीद है।उल्लेखनीय है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026, 11 जून को शुरू होगा और इसका फाइनल 19 जुलाई को अमेरिका के न्यूयॉर्क में होगा। इस विश्वकप की अमेरिका मैक्सिको और कनाडा मेजबानी कर रहे हैं।

पहली बार टूर्नामेंट में 32 नहीं, बल्कि 48 टीमें ट्रॉफी की जंग लड़ेंगी।कुल 39 दिनों तक चलने वाले इस विश्व कप में 104 मुकाबले खेले जाएंगे, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लंबा विश्व कप बनाते हैं।

ग्रुप स्टेज: 12 ग्रुप और 48 टीमें

वर्ल्ड कप 2026 में 12 ग्रुप (A से L तक) होंगे, हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी. सभी टीम अपने ग्रुप में 3-3 मैच खेलेंगी।
इस प्रकार हैं कुछ महत्वपूर्ण ग्रुप:

ग्रुप A: मेक्सिको, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, डेनमार्क / मैसिडोनिया / चेकिया / आयरलैंड

ग्रुप B: कनाडा, स्विट्जरलैंड, कतर, इटली / नॉर्दर्न आयरलैंड / वेल्स / बोस्निया

ग्रुप C: ब्राजील, मोरक्को, स्कॉटलैंड, हैती

ग्रुप D: USA (अमेरिका), ऑस्ट्रेलिया, पराग्वे, तुर्किये / रोमानिया / स्लोवाकिया / कोसोवो

ग्रुप E: जर्मनी, इक्वाडोर, आइवरी कोस्ट (कोट डी’वोआर), कुरासाओ

ग्रुप F: नीदरलैंड्स, जापान, ट्यूनीशिया, यूक्रेन / स्वीडन / पोलैंड / अल्बानिया

ग्रुप G: बेल्जियम, ईरान, मिस्र, न्यूजीलैंड

ग्रुप H: स्पेन, उरुग्वे, सऊदी अरब, केप वर्डे

ग्रुप I: फ्रांस, सेनेगल, नॉर्वे, इराक / बोलिविया / सूरीनाम

ग्रुप J: अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, अल्जीरिया, जॉर्डन

ग्रुप K: पुर्तगाल, कोलंबिया, उज्बेकिस्तान, DRC (डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो) / जमैका / न्यू कैलेडोनिया

ग्रुप L: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा

इस बार केप वर्डे, क्युरासाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार विश्व कप खेलेंगे।

टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल

ग्रुप स्टेज: 11 जून – 27 जून

राउंड ऑफ 32: 28 जून – 3 जुलाई

राउंड ऑफ 16: 4 – 7 जुलाई

क्वार्टरफाइनल: 9 – 11 जुलाई

सेमीफाइनल: 14 – 15 जुलाई

थर्ड-प्लेस मैच: 18 जुलाई

फाइनल: 19 जुलाई

भारतीय महिला टीम ने मेजबान चीन को हराकर तीरंदाजी विश्वकप में जीता स्वर्ण पदक

दीपिका कुमारी, अंकिता भकत और कुमकुम मोहोद की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने रविवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में मेजबान और खिताब के प्रबल दावेदार चीन को शूट ऑफ में हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।रोमांचक फाइनल में भारत ने पहला सेट जीता लेकिन चीन ने वापसी करते हुए मुकाबला बराबर कर दिया। निर्धारित चार सेट के बाद स्कोर बराबर रहने के कारण शूट ऑफ कराया गया।

भारतीय तिकड़ी ने निर्णायक क्षणों में संयम बनाए रखते हुए 5-4 (28-26) से जीत दर्ज की। अनुभवी दीपिका ने दबाव के बीच अंतिम शूट ऑफ तीर पर अहम नौ अंक जुटाकर भारत को 2021 के बाद पहला विश्व कप स्वर्ण पदक दिलाया।

हालांकि सिमरनजीत कौर के लिए यह दिल तोड़ने वाला अनुभव रहा जब उन्हें सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और बाद में चैंपियन बनीं दक्षिण कोरिया की कांग चेयांग के खिलाफ सीधे सेट में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद कांस्य पदक के लिए हुए प्लेऑफ में उन्हें एक और कोरियाई खिलाड़ी जांग मिनही से हार मिली। इस तरह भारत ने अपने अभियान का समापन दो पदक (एक स्वर्ण, एक कांस्य) के साथ किया। शनिवार को पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड वर्ग में साहिल जाधव ने कांस्य पदक जीता था।

इससे पहले भारतीय महिला रिकर्व टीम ने सेमीफाइनल में रिकॉर्ड 10 बार के ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।ग्वाटेमाला सिटी और पेरिस में 2021 में भारत की विश्व कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहीं दीपिका के नाम 2010 से अब तक सात विश्व कप टीम स्वर्ण पदक हो गए हैं।

यह भारतीय महिला रिकर्व टीम का तीन साल में पहला विश्व कप पदक भी है। इससे पहले टीम 2023 में पेरिस में चरण चार में पोडियम पर पहुंची थी जिसमें अंकिता पदक जीतने वाली टीम की सदस्य थीं।शंघाई में भारत अब तक दो पदक जीत चुका है। इससे पहले कंपाउंड तीरंदाज साहिल जाधव ने शनिवार को कांस्य पदक जीतकर देश के पदक का खाता खोला था।

भारत एक और पदक की दौड़ में बना हुआ है। रिकर्व तीरंदाज सिमरनजीत कौर दिन में बाद में सेमीफाइनल में उतरेंगी और विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें एक जीत की जरूरत है।

वाका वाका के बाद दाई दाई, शकीरा के विश्वकप एंथम ने फिर मचाई सोशल मीडिया पर धूम (Video)

कोलंबिया की मशहूर गायिका शकीरा द्वारा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट फीफा विश्वकप 2026 के लिये पेश किये गये गीत 'दाई दाई' का टीजर सोशल मीडिया मंच धूम मचा रहा है। पिछले कई सालों में देखा गया है कि जब तक शकीरा नहीं गाती है, तब तक यह फीफा विश्व कप शुरु नहीं होता।

उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ऑफिशियल एंथम “दाई दाई” का टीजर, कोलंबियाई सुपरस्टार के 2010 के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट, “वाका वाका (दिस टाइम फॉर अफ्रीका)” का एंथम साउथ अफ्रीका में गाने के 16 साल बाद और जर्मनी में 2006 फीफा वर्ल्ड कप की क्लोजिंग सेरेमनी में “हिप्स डोंट लाइ (बैम्बू)” का अडैप्टेड वर्जन गाने के 20 साल बाद आया है।

2026 एंथम के टीजर में, शकीरा को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो के मशहूर माराकाना स्टेडियम में डांसर्स की एक टीम के साथ दिखाया गया है। सभी डांसर्स ऐसे आउटफिट्स पहने हुए हैं जो आने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली अलग-अलग फुटबॉल टीमों को ट्रिब्यूट देते हैं, जिसमें शकीरा ने कोलंबिया के पीले और नीले रंग के कपड़े पहने हैं।

शकीरा ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, “माराकाना स्टेडियम से, ये रहा 'दाई दाई', एटदारेटफीफावर्ल्डकप का आधिकारिक गाना 2026,” साथ ही उन्होंने एफ्रोबीट्स स्टार बर्ना बॉय का भी जिक्र किया, जो एंथम में भी हैं।

इस क्लिप को 24 घंटे से भी कम समय में 1.9 मिलियन लोगों ने पसंद किया और पूरा गाना गुरुवार (14 मई) को रिलीज होगा। उल्लेखनीय है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026, 11 जून को शुरू होगा और इसका फाइनल 19 जुलाई को अमेरिका के न्यूयॉर्क में होगा। इस विश्वकप की अमेरिका मैक्सिको और कनाडा मेजबानी कर रहे हैं।

Asian Games 2026 चयन के लिए अयोग्य हुई पहलवान विनेश फोगाट

तीन बार की ओलंपियन विनेश फोगट को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) द्वारा घोषित मानदंडों के अनुसार एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल के लिए बुधवार को अयोग्य घोषित कर दिया गया। फेडरेशन के अनुसार,सेलेक्शन ट्रायल के लिए पात्रता तीन घरेलू प्रतियोगिताओं – 2025 सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप, 2026 सीनियर फेडरेशन कप और अंडर-20 नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप के पदक विजेताओं तक सीमित है।

सीनियर नेशनल चैंपियनशिप दिसंबर में आयोजित की गई थी, जबकि फेडरेशन कप फरवरी में हुआ था। विनेश फोगाट ने इनमें से किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है, क्योंकि वह पेरिस 2024 ओलंपिक के बाद से प्रतिस्पर्धा से दूर रही हैं और इसलिए पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करती हैं। उन्होंने ग्रीष्मकालीन खेलों के तुरंत बाद रेसलिंग से संन्यास ले लिया था, लेकिन पिछले साल दिसंबर में विनेश ने कुश्ती में फिर से वापसी की घोषणा की थी।

मैदान से दूर रहने के दौरान उन्होंने एक व्यक्तिगत उपलब्धि भी हासिल की, क्योंकि वह पिछले साल जुलाई में माँ बनी थीं।31 वर्षीय भारतीय पहलवान ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में 10 से 12 मई तक होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट को अपनी वापसी के लिए चुना था।

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के परिणाम चयन ट्रायल में पात्रता के लिए मान्य नहीं होंगे। फेडरेशन ने एशियन गेम्स के सेलेक्शन ट्रायल इसी महीने के अंत में दो दिनों में आयोजित करने का फैसला किया है।

महिला कुश्ती के चयन ट्रायल 30 मई को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होंगे, जबकि पुरुषों की फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन प्रतियोगिताएं 31 मई को लखनऊ के क्षेत्रीय केंद्र में होंगी।ये ट्रायल सभी 18 ओलंपिक भार वर्गों में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक में तीन डिसिप्लिन में छह कैटेगरी होंगी।

फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में पिछले प्रदर्शनों पर विचार नहीं किया जाएगा, केवल सेलेक्शन ट्रायल के रिजल्ट पर ही ध्यान दिया जाएगा।एशियन गेम्स 2026 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान में होंगे।

Archery World Cup में बेहतर प्रदर्शन की तलाश में उतरेंगे भारतीय तीरंदाज

भारत ने अनुभवी खिलाड़ियों ज्योति सुरेखा वेन्नम और दीपिका कुमारी की अगुआई में आर्चरी वर्ल्ड कप 2026 स्टेज 2 के लिए 16 सदस्यीय टीम भेजी है, जो मंगलवार से इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। यह विश्व कप शंघाई में आयोजित हो रहा है।चार चरणों वाले इस वर्ल्ड कप के दूसरे लेग में 44 देशों के 300 से ज्यादा तीरंदाज 5 से 10 मई तक मुकाबला करेंगे, जहां आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालिफिकेशन दांव पर होगा। भारत में इसके रिकर्व और कंपाउंड फाइनल्स की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी।

भारत ने पिछले महीने पुबेला में हुए पहले चरण में सिर्फ एक पदक जीता था, जहां महिला कंपाउंड टीम ज्योति, मधुरा धामनगांवकर और प्रगति ने गोल्ड मेडल हासिल किया।शंघाई में वही 16 सदस्यीय टीम उतरेगी, जिसका चयन फरवरी में कोलकाता में हुए ट्रायल्स के आधार पर हुआ था। भारत को इस वेन्यू से अच्छी उम्मीदें होंगी, क्योंकि पिछले साल यहां टीम ने दो गोल्ड समेत कुल सात पदक जीते थे।

पिछले साल मधुरा धामनगांवकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण और अभिषेक वर्मा के साथ मिक्स्ड टीम में कांस्य जीता था, जबकि महिला कंपाउंड टीम को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। पुरुष कंपाउंड टीम, जिसने पिछले साल शंघाई में गोल्ड जीता था, इस बार कुशल दलाल, पूर्व विश्व चैंपियन ओजस देवतले, साहिल जाधव और अभिषेक वर्मा के साथ उतरेगी।

महिला रिकर्व में दीपिका कुमारी एक और पोडियम फिनिश का लक्ष्य रखेंगी। चार बार की ओलंपियन दीपिका के नाम वर्ल्ड कप में 38 मेडल हैं और उन्होंने पिछले साल यहां व्यक्तिगत ब्रॉन्ज जीता था। भारत की पुरुष रिकर्व टीम में ओलंपियन अतानु दास और तरुणदीप राय शामिल हैं।सितंबर में होने वाले आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल 2026 में चारों वर्ल्ड कप चरणों के व्यक्तिगत चैंपियन (रिकर्व और कंपाउंड) हिस्सा लेंगे।

WFI ने की विनेश फोगाट की मांग खारिज, नहीं बदला जाएगा नेशनल टूर्नामेंट का वेन्यू

गोंडा में होने वाले नेशनल कुश्ती टूर्नामेंट को लेकर विवाद बढ़ गया है। विनेश फोगाट ने सुरक्षा और पक्षपात की आशंका में स्थल बदलने की मांग की, जिसे WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने ठुकराते हुए खुद सुरक्षा की गारंटी ली है। वहीं, विनेश ने चेतावनी दी है कि किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। 10-12 मई तक होने वाले इस टूर्नामेंट में विनेश 57 किलो वर्ग में हिस्सा लेंगी।

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने साफ कहा कि गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट का स्थान नहीं बदला जाएगा और उन्होंने विनेश फोगाट की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ली है। ये भरोसा तब दिया गया जब विनेश ने सुरक्षा और पक्षपात को लेकर चिंता जताई थी। विनेश ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर गोंडा में होने वाले टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के साथ कुछ गलत होता है तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी। साथ ही उन्होंने मुकाबलों में पक्षपात की भी आशंका जताई। विनेश ने करीब 18 महीने बाद वापसी से पहले एक वीडियो में कहा कि बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े स्थान पर होने वाली प्रतियोगिता के नतीजों पर डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष के करीबी लोग असर डाल सकते हैं।

संजय सिंह ने एक बयान में कहा, ‘अगर विनेश को अपनी सुरक्षा की चिंता है तो मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि मैं खुद इसकी गारंटी लेता हूं। हमारे पास यूडब्ल्यूडब्ल्यू से मान्यता प्राप्त रेफरी हैं और सभी मुकाबलों की रिकॉर्डिंग होती है, इसलिए पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं है। ‘’ उन्होंने कहा, ‘ये ओपन टूर्नामेंट है, इसमें भाग लेना या न लेना विनेश फोगाट का फैसला है। हम आयोजन स्थल नहीं बदलेंगे।’’ टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक चलेगा। पहले दिन पुरुषों के फ्रीस्टाइल ट्रायल होंगे, फिर ग्रीको-रोमन (11 मई) और महिलाओं की स्पर्धा (12 मई) होगी। विनेश 57 किलो वर्ग में उतरेंगी। उन्होंने दिन में अपनी चिंता जाहिर की थी।

0-3 से फ्रांस से हारकर थॉमस कप से बाहर हुआ भारत, लेकिन मिला कांस्य पदक

भारत की फिर से खिताब जीतने की उम्मीदें शनिवार को थॉमस कप फाइनल्स के सेमीफाइनल में फ्रांस से 0-3 से मिली हार से निराशा में बदल गई और उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।लक्ष्य सेन का नहीं खेलना भारत को भारी पड़ा और एच एस प्रणय भी आयुष शेट्टी और किदांबी श्रीकांत की तरह हार गए।

प्रणय को दुनिया के 17वें नंबर के खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव के हाथों 19-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस पूरी तरह से एकतरफा मुकाबले में भारत एक भी गेम जीतने में नाकाम रहा।

2022 की चैंपियन टीम भारत ने सेमीफाइनल में पहुंचकर एक पदक पक्का कर लिया था। इस तरह इस पदक से 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदकों में इजाफा हुआ।फ्रांस इस जीत के साथ डेनमार्क के 2016 में पहला खिताब जीतने के बाद फाइनल में पहुंचने वाला दूसरा यूरोपीय देश बन गया।

आयुष को शुरूआती एकल में दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव से और फिर दूसरे एकल में किदांबी श्रीकांत को दुनिया के 10वें नंबर के खिलाड़ी एलेक्स लैनियर से हार मिली।

लक्ष्य सेन की दाहिनी कोहनी में सूजन थी जिसके बाद 20 साल के आयुष को शुरुआती एकल में उतारा गया। पर आयुष फ्रांस के पोपोव की रणनीति का मुकाबला करने में नाकाम रहे और 39 मिनट में 11-21, 9-21 से पराजित हो गए।

इसके बाद सभी की नजरें श्रीकांत पर थीं कि वह मैच बराबर करें, लेकिन दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद भी 16-21, 18-21 से हार गए।

फिर जिम्मेदारी एच एस प्रणय पर थी कि वह भारत की उम्मीदों को जीवंत रखें। 2023 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता ने बेहतर चुनौती पेश की लेकिन वह दुनिया के 17वें नंबर के खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव को नहीं हरा सके।

श्रीकांत ने मैच की शुरुआत बराबरी पर की। वह 3-3 से बराबरी पर थे। लेकिन लैनियर ने ब्रेक तक बढ़त बना ली।
श्रीकांत को अपनी गलतियों से जूझना पड़ा और वे 9-14 से पीछे हो गए। हालांकि उन्होंने थोड़ी वापसी करते हुए अंतर को कम करके 15-18 तक पहुंचाया, लेकिन नेट पर एक गलती के कारण लैनियर ने गेम प्वाइंट जीत लिया।

दूसरा गेम भी कुछ इसी तरह का रहा। श्रीकांत ने शुरुआती पिछड़ने के बाद वापसी की और लगातार आक्रामक विनर लगाकर 7-7 से बराबरी कर ली। लेकिन लैनियर की रणनीति के कारण भारतीय खिलाड़ी से गलतियां हुईं और वे 10-15 से पीछे हो गए।

श्रीकांत ने कोशिश की और अंतर को कम करके 15-16 तक पहुंचाया, लेकिन आखिरी पलों में उनसे फिर गलतियां हो गईं। लैनियर को दो मैच प्वाइंट मिले और श्रीकांत का शॉट नेट में फंसने से लैनियर ने मैच जीत लिया।

इससे पहले पोपोव के हाथों आयुष की यह दूसरी हार थी। इससे पहले 2024 में हायलो ओपन में हुई उनकी एकमात्र भिड़ंत में भी आयुष को हार का सामना करना पड़ा था।

पोपोव ने शुरू से ही मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने कोर्ट के चारों ओर आयुष को दौड़ाने के लिए तेज रिटर्न का इस्तेमाल किया और नेट पर शुरुआती नियंत्रण हासिल कर लिया।

भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत में तो धैर्य दिखाया, लेकिन लगातार की गई कुछ गलतियों के कारण फ्रांसीसी खिलाड़ी 8-3 की बढ़त बनाने में कामयाब रहा।आयुष ने बीच-बीच में कुछ अच्छे शॉट लगाए लेकिन वह दबाव बरकरार नहीं रख सके। पोपोव ने ब्रेक तक 11-6 की बढ़त बनाई और फिर इसे 15-6 तक पहुंचा दिया।

हालांकि पोपोव की कुछ गलतियों ने थोड़ी देर के लिए आयुष को मैच में बनाए रखा, लेकिन भारतीय खिलाड़ी इसका फ़ायदा नहीं उठा सका। फ्रांसीसी खिलाड़ी ने कुछ गेम प्वाइंट गंवाने के बाद भी पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया।

दूसरा गेम भी लगभग यही सिलसिला रहा। पोपोव ने शुरू में ही अपनी पकड़ मज़बूत कर ली और फ्रंट कोर्ट (नेट के पास) के खेल पर पूरी तरह से हावी रहे। आयुष थोड़े हिचकिचाते हुए दिखे और अपने विरोधी के खेल को समझने में उन्हें काफी मुश्किल हुई जबकि पोपोव बार-बार उनके बैकहैंड वाले कोने को निशाना बनाकर उन पर दबाव बनाते रहे।

फ्रांसीसी खिलाड़ी ब्रेक तक 11-2 की बढ़त बनाने में कामयाब रहा और उसने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने रैलियों पर नियंत्रण बनाए रखा। आयुष के इक्का-दुक्का विनर तब आए जब काफी देर हो चुकी थी। पोपोव 19-8 की बढ़त पर पहुंच गए, जिसके बाद उन्होंने लगातार कई मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से यह मुक़ाबला जीत लिया।

3-0 से चाइनीज ताईपे को रौंदकर भारत पहुंचा थॉमस कप के सेमीफाइनल में

Lakshya Sen

लक्ष्य सेन की जोरदार वापसी के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी तथा युवा आयुष शेट्टी के बेहतरीन खेल के प्रदर्शन से भारत ने शुक्रवार को यहां चीनी ताइपे के खिलाफ 3-0 की अजेय बढ़त हासिल करके थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की।

लक्ष्य ने दो मैच प्वाइंट बचाते हुए विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। लक्ष्य इस मैच में अधिकतर समय पीछे चल रहे थे लेकिन उन्होंने गजब का जुझारूपन दिखाया तथा एक घंटे और 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की।

इसके बाद सात्विक और चिराग की युगल जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21 19-21 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।इसके बाद जिम्मेदारी आयुष शेट्टी पर आ गई और इस युवा खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया।हाल ही में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने दूसरे एकल में विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हराकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।

भारत की इस जीत पर पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा, ‘‘यह यादगार प्रदर्शन है। इससे भारतीय बैडमिंटन में बढ़ते आत्मविश्वास, तैयारी और ताकत का पता चलता है।’’

भारत 2022 का चैंपियन है। वह सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा।इस जीत से भारत का थॉमस कप में पदक भी पक्का हो गया है। उसने 2022 में थॉमस कप जीता था। इसके अलावा भारत ने 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीते थे।

लक्ष्य और चोउ के बीच इस मुकाबले से पहले आपस में रिकॉर्ड 4-4 से बराबरी पर था। इस मुकाबले में लंबी रैलियों, सटीक स्ट्रोकप्ले और उतार-चढ़ाव से भरपूर रोमांचक द्वंद्व देखने को मिला।

चोउ ने पहला गेम में 10-15 से पिछड़ने के बाद जीता, लेकिन दूसरे गेम में लक्ष्य ने दबाव में शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने 13-17 से पीछे रहने के बाद लगातार चार अंक जीतकर स्कोर बराबर कर लिया। चोउ को दो मैच प्वाइंट मिले, लेकिन लक्ष्य ने अपना संयम बनाए रखा और दोनों को बचाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में 36 वर्षीय चोउ शारीरिक रूप से कमजोर पड़ते नजर आए और लक्ष्य ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद भी उन्होंने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और मैच जीतने में सफल रहे।

Satvik Chirag

सात्विक और चिराग ने शुरुआत में संघर्ष किया तथा वे 5-5 से बराबरी पर रहने के बाद वे 8-13 से पीछे हो गए। भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश की लेकिन चियू और वांग ने 18-15 से मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।सात्विक और चिराग ने हार नहीं मानी। उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 18-19 तक पहुंचा दिया और इसके बाद पहला गेम अपने नाम कर दिया।

दूसरा गेम भी काफी कड़ा रहा। शुरुआत में दोनों जोड़ियां 8-8 के स्कोर पर बराबरी पर थीं। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद 14-11 की बढ़त बनाई लेकिन ताइवानी खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद आक्रामक खेल का सिलसिला जारी रहा, जिसमें दोनों टीमों का पलड़ा बराबर रहा लेकिन आखिर में चियू और वांग ने बढ़त बनाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में खेल का रुख पूरी तरह से बदल गया। भारतीय टीम आक्रामक और सटीक खेल दिखाते हुए तेजी से 9-3 की बढ़त बनाने में कामयाब रही।सात्विक ने नेट और बैककोर्ट दोनों जगह शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय जोड़ी को 13-6 और फिर 15-7 की बढ़त दिलाई। सात्विक और चिराग ने जल्द ही कई मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से मैच अपने नाम कर लिया।

आयुष ने संयमित और आक्रामक प्रदर्शन करते हुए लिन को हराया जो पैर में चोट के कारण पूरी तरह से फिट नहीं थे।पहले गेम में 7-11 से पिछड़ने के बाद आयुष ने धैर्य का परिचय दिया और महत्वपूर्ण अवसर पर आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए लगातार कई विनर्स लगाकर स्कोर को 13-12 कर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार सात अंक बनाकर पहला गेम अपने नाम किया।

आयुष ने दूसरे गेम में भी उसी लय को बरकरार रखा और शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद 9-7 से बढ़त बना ली। इंटरवल तक वह 11-8 से आगे थे।दर्शकों से मिल रहे अपार समर्थन और भारत माता की जय के नारों के बीच आयुष ने 15-11 और फिर 19-13 की बढ़त हासिल कर ली।

लिन ने अंतिम क्षणों में वापसी की कोशिश की और स्कोर का अंतर 16-19 तक कम कर दिया, लेकिन आयुष ने संयम बनाए रखा और कई मैच प्वाइंट हासिल करते हुए अपने प्रतिद्वंदी के शॉट को लंबा जाने देकर मैच जीत लिया। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।

थॉमस कप में चीन ने भारत को 3-2 से हराकर किया ग्रुप टॉप

 बुधवार को डेनमार्क के हॉर्सेंस में थॉमस और उबेर कप 2026 के अपने आखिरी राउंड रॉबिन मुकाबले में, डिफेंडिंग चैंपियन चीन से हारकर भारतीय पुरुष टीम ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रही।

ग्रुप के पिछले मुकाबलों में कनाडा और ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद, भारत और चीन दोनों का क्वार्टरफाइनल में पहुंचना पक्का हो गया था। बुधवार का यह मुकाबला ग्रुप के विजेता का फैसला करने के लिए था, जिसे आखिरकार चीन ने 3-2 से जीत लिया।

लक्ष्य सेन और पुरुष डबल्स की जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के पास जीतने के मौके थे, लेकिन वे निर्णायक मुकाबले में चूक गए।

सेन पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन ली शी फेंग से 19-21, 21-8, 12-21 से हार गए, जबकि सात्विक-चिराग ने पांच मैच पॉइंट बचाए, लेकिन आखिर में वे लियांग वेई कांग और वांग चांग से 13-21, 21-13, 24-26 से हार गए।

इसके बाद एशियन चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट आयुष शेट्टी ने भारत को स्कोरबोर्ड पर जगह दिलाई। उन्होंने एक गेम से पिछड़ने के बाद ज़ोरदार वापसी करते हुए दुनिया के 15वें नंबर के खिलाड़ी वेंग होंग यांग को 17-21, 21-13, 21-15 से हराया।

हालांकि, दूसरी पुरुष डबल्स जोड़ी हरिहरन अमसकारुनन और एमआर अर्जुन इस लय को बरकरार नहीं रख पाए और ही जी टिंग और रेन जियांग यू से 17-21, 13-21 से हार गए, जिससे ग्रुप में टॉप पर रहने की भारत की उम्मीदें खत्म हो गईं।

इसके बाद एचएस प्रणय ने लू गुआंग ज़ू को 20-22, 21-19, 21-11 से हराकर भारत के लिए दिन का समापन जीत के साथ किया। अब वे क्वार्टरफाइनल के ड्रॉ का इंतज़ार कर रहे हैं।

परिणाम:

पुरुष: भारत चीन से 2-3 से हार गया (लक्ष्य सेन ली शी फेंग से 19-21, 21-8, 12-21 से हार गए; सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी/चिराग शेट्टी लियांग वेई कांग/वांग चांग से 13-21, 21-13, 24-26 से हार गए; आयुष शेट्टी ने वेंग होंग यांग को 17-21, 21-13, 21-15 से हराया; हरिहरन अम्सकरुनन/एमआर अर्जुन हे जी टिंग/रेन जियांग यू से 17-21, 13-21 से हार गए; एचएस प्रणय ने लू गुआंग ज़ू 20-22, 21-19, 21-11से हराया)