राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले दो एथलीट पोल वॉल्ट को रिक्शे में लेकर पहुंचे होटल (Video)

 

मध्य प्रदेश के पोल वॉल्ट खिलाड़ियों ने मैदान तो मार लिया लेकिन सच्चाई उनसे बहुते देर तक दूर नहीं रही। राष्ट्रीय रिकॉर्ड पाने के  बाद दोनों एथलीट इलेक्ट्रिक रिक्शा में अपने पोल वॉल्ट को ढोकर होटल पहुंचे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है और एक बार फिर खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर बहस छिड़ चुकी है।

मध्य प्रदेश के पोल वॉल्ट खिलाड़ी देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार ने 5.45 मीटर की समान छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया लेकिन रविवार को राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता के तीसरे और अंतिम दिन देव कुमार मीना ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

पिछला रिकॉर्ड (5.41 मीटर) हाल ही में भुवनेश्वर में कुलदीप कुमार ने ही बनाया था।दोनों खिलाड़ियों ने 5.45 मीटर की छलांग लगाई, लेकिन काउंटबैक के आधार पर देव कुमार मीना ने स्वर्ण पदक जीता। कुलदीप को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

कुलदीप को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।पोल वॉल्ट और ऊंची कूद स्पर्धाओं में जब दो या दो से अधिक एथलीट समान ऊंचाई पार करते हैं, तो काउंटबैक नियम के आधार पर विजेता का फैसला होता है।

इसमें प्रतियोगिता के दौरान उस ऊंचाई को पार करने में सबसे कम प्रयास करने वाला खिलाड़ी विजेता माना जाता है।दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) द्वारा निर्धारित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 5.25 मीटर का क्वालीफाइंग मार्क भी हासिल कर लिया।

39 साल की उम्र में मैच खेलते हुए अक्षय का निधन, जीत चुके थे रणजी

कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज SL अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 39 वर्ष के थे।अक्षय उस टीम का हिस्सा रहे थे जिसने 2014-15 सत्र में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। वह रविवार को केएससीए तीसरे डिवीजन मैच में सैफायर सीसी की ओर से खेल रहे थे।मैच के दौरान चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद अक्षय ने असहज महसूस होने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ की ओर से जारी बयान के मुताबिक, “अक्षय ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कर्नाटक का शानदार प्रतिनिधित्व किया। अपने खेल करियर के बाद भी उन्होंने पूरे समर्पण और जुनून के साथ क्रिकेट की सेवा जारी रखी।”जूनियर स्तर के कोच के रूप में उन्होंने युवा खिलाड़ियों को निखारने और उनका मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं के विकास पर स्थायी प्रभाव पड़ा।एसएल अक्षय ने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए छह प्रथम श्रेणी, तीन लिस्ट ए और नौ टी20 मुकाबले खेले थे। खेल से संन्यास के बाद वह राज्य की अंडर-19 टीम के साथ कोचिंग से जुड़े हुए थे।

आल्हा जयंती कैसे और कब मनाई जाती है?

Picture depicting the tales of bravery of Aalha, the great brave warrior of Bundelkhand, on his birth anniversary

Alha Jayanti celebration: बुंदेलखंड के महान और अदम्य साहसी योद्धा वीर आल्हा की जयंती हर साल 25 मई को मनाई जाती है। आल्हा और उनके छोटे भाई ऊदल (उदयसिंह), महोबा के राजा परमाल (जिन्हें इतिहास में परमर्दी देव चंदेल के नाम से जाना जाता है) के महान सेनापति थे, जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए 52 युद्ध लड़े थे और वे किसी भी युद्ध में पराजित नहीं हुए।ALSO READ: Navtapa 2026 dates: कब से कब तक रहेगा नौतपा?

 

आइए जानते हैं कि आल्हा जयंती कैसे और क्यों मनाई जाती है:

 

आल्हा जयंती कैसे मनाई जाती है?

आल्हा जयंती मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से) में बेहद उत्साह और गर्व के साथ मनाई जाती है। इसे मनाने के पारंपरिक तरीके निम्नलिखित हैं:

 

1. 'आल्हा खंड' (आल्हा गायन) का आयोजन

इस दिन बुंदेलखंड के गांवों, चौपालों और शहरों में विशेष रूप से “आल्हा गायन” के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

 

महोबा के राजकवि जगनिक, जिन्हें 'परमाल रासो' के नाम से भी जाना जाता है, द्वारा रचित 'आल्हा खंड' (वीर रस से भरपूर महाकाव्य) को ढोलक और मंजीरों की थाप पर ऊंचे स्वर में गाया जाता है। बुंदेली भाषा में गाए जाने वाले ये गीत बहुत लोकप्रिय हैं। इसे सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है, क्योंकि इसके शब्दों और धुनों में आज भी युवाओं के रोंगटे खड़े कर देने वाला वीर रस होता है।

 

2. मैहर माता मंदिर (सतना, मरणोपरांत मान्यता) में विशेष पूजा

आल्हा को मां शारदा (सरस्वती) का परम भक्त माना जाता है। मान्यता है कि मां शारदा के आशीर्वाद से ही उन्हें अमरत्व का वरदान मिला था। इस दिन मध्य प्रदेश के महोबा और मैहर (शारदा भवानी मंदिर) में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। लोक मान्यता है कि आज भी हर सुबह मंदिर के कपाट खुलने से पहले वीर आल्हा अदृश्य रूप से आकर मां शारदा की सबसे पहली पूजा और श्रृंगार करके जाते हैं।

 

3. शौर्य यात्राएं और प्रतिमा पूजन

बुंदेलखंड के कई शहरों में वीर आल्हा और ऊदल की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया जाता है। राजपूत और स्थानीय समाज के लोग इस दिन भव्य शौर्य यात्राएं निकालते हैं और उनके पराक्रम को याद करते हैं।

 

आल्हा जयंती का महत्व

अमरता की लोक मान्यता: ऐसी लोक कथाएं हैं कि आल्हा ने अपने जीवन के अंतिम समय में युद्ध छोड़कर संन्यास ले लिया था और वे आज भी अमर हैं।

 

अंतिम युद्ध: आल्हा-ऊदल ने अपना आखिरी और सबसे प्रसिद्ध युद्ध दिल्ली के शासक पृथ्वीराज चौहान के साथ लड़ा था, जिसमें उनके भाई ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए थे, लेकिन आल्हा ने अद्भुत वीरता दिखाई थी।

 

सांस्कृतिक धरोहर: यह जयंती बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने का माध्यम है। इसके जरिए आने वाली पीढ़ी को देश और माटी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की कहानियों से परिचित कराया जाता है।

 

आल्हा जयंती हर वर्ष उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। यह त्योहार भाईचारे, वीरता और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक है। यह पर्व प्रसिद्ध लोक नायक आल्हा और ऊदल की वीरता, पराक्रम और युद्ध कौशल को समर्पित है। आल्हा जयंती केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह वीरता, परिवार, और देशभक्ति की भावना को भी जागृत करता है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?

 

summer cooling tips: नौतपा में आग उगलेगी धरती, जानें Nautapa में घर पर राहत पाने के 7 घरेलू तरीके

A scene showing home remedies to keep the house cool during Nautapa

stay hydrated in summer: गर्मी और उमस के कारण शरीर में हीट स्ट्रेस (नौतपा) होना आम बात है। नौतपा केवल थकान या पसीना नहीं है, बल्कि यह शरीर के तापमान और हाइड्रेशन बैलेंस को प्रभावित करता है। सही समय पर राहत न मिले तो यह हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है। घर पर कुछ सरल घरेलू उपाय अपनाकर आप अपने शरीर को ठंडा और स्वस्थ रख सकते हैं।ALSO READ: Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

 

यहां नौतपा से राहत पाने के प्रभावी तरीके दिए गए हैं:

 

1. खिड़की और दरवाजों का सही प्रबंधन

दिन में बंद, रात में खुला: सुबह 10 बजे के बाद घर की सभी खिड़कियां और दरवाजे बंद कर दें और भारी पर्दे डाल दें। शाम 7 बजे के बाद, जब बाहर की हवा ठंडी हो जाए, तब खिड़कियां खोलें ताकि Cross-Ventilation (क्रॉस-वेंटिलेशन) से घर की गर्म हवा बाहर निकल सके।

 

सफेद पर्दों का प्रयोग: गहरे रंग के पर्दे गर्मी को सोखते हैं। हल्के रंग या सफेद सूती पर्दों का उपयोग करें, ये सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट (Reflect) कर देते हैं।

 

2. खस और गीले कपड़ों का देसी नुस्खा

खस के पर्दे: पुराने समय में खिड़कियों पर खस की टट्टियां या चटाइयां लगाई जाती थीं। आप अपनी खिड़की के पर्दों पर पानी का छिड़काव कर सकते हैं। जब बाहर की गर्म हवा गीले कपड़े से छनकर आती है, तो वह कमरे को प्राकृतिक कूलर की तरह ठंडा कर देती है।

 

गीली चादर: रात में सोने से पहले अगर कमरे की खिड़की पर एक गीली चादर टांग दी जाए, तो कमरे का तापमान 2-3 डिग्री तक कम हो सकता है।

 

3. फर्श की कूलिंग (Mopping)

दिन में कम से कम दो-तीन बार फर्श पर पोछा लगाएं। फर्श पर पानी रहने से वाष्पीकरण (Evaporation) होता है, जो कमरे की गर्मी खींच लेता है। पोछे के पानी में थोड़ा नमक या नीम का तेल मिलाने से ताजगी भी बनी रहती है।

 

4. इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants)

घर के अंदर ऐसे पौधे लगाएं जो हवा को शुद्ध और ठंडा रखते हैं। एलोवेरा, स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और एरेका पाम प्राकृतिक रूप से कमरे की नमी बनाए रखते हैं और ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाते हैं।ALSO READ: Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?

 

5. कूलर के लिए स्मार्ट ट्रिक

अगर आप कूलर का उपयोग कर रहे हैं, तो उसमें बर्फ डालने के बजाय उसकी घास (Honey-comb pads) को अच्छे से साफ रखें। कूलर को खिड़की पर ऐसी जगह लगाएं जहां से उसे ताजी हवा मिले; बंद कमरे में कूलर केवल उमस (Humidity) बढ़ाता है।

 

6. किचन की गर्मी को कंट्रोल करें

नौतपा के दौरान दोपहर में भारी खाना पकाने या लंबे समय तक गैस जलाने से बचें। खाना बनाने के बाद एग्जॉस्ट फैन (Exhaust Fan) जरूर चलाएं ताकि किचन की गर्म हवा पूरे घर में न फैले।

 

7. छत को ठंडा रखें

यदि आप सबसे ऊपर वाली मंजिल (Top Floor) पर रहते हैं, तो शाम के समय छत पर पानी का छिड़काव करें। इससे छत की तपिश कम होगी और रात को कमरा जल्दी ठंडा होगा। सफेद 'चूना' या 'हीट रिफ्लेक्टिव पेंट' भी छत पर लगवाना एक बेहतरीन स्थायी समाधान है।

 

एक मजेदार टिप: 'Ice Fan' हैक

एक बड़े कटोरे में ढेर सारी बर्फ लें और उसे टेबल फैन (Table Fan) के ठीक सामने रख दें। पंखे की हवा जब बर्फ से टकराकर आप तक आएगी, तो आपको बिल्कुल एसी जैसी ठंडक का अहसास होगा।

 

नौतपा के इन 9 दिनों में ये छोटे बदलाव आपको लू और बेचैनी से बचा सकते हैं।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां

सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 का अभियान शुरु करेगी भारतीय महिला टीम, पहला मैच मालदीव से

सोमवार से जब गोवा के मडगांव में सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 फ़ुटबॉल टूर्नामेंट शुरू होगा, तो भारत का लक्ष्य रिकॉर्ड बनाते हुए छठी बार खिताब जीतना होगा।फीफा रैंकिंग में 69वें स्थान पर मौजूद भारतीय महिला फ़ुटबॉल टीम 25 मई को मालदीव के ख़िलाफ़ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। फ़ाइनल मैच 6 जून को खेला जाएगा। इस फ़ुटबॉल टूर्नामेंट के सभी मैच मडगांव के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले जाएँगे। भारत में सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 के मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी।

टूर्नामेंट के फ़ॉर्मेट के अनुसार, छह टीमों को दो बराबर ग्रुप में बाँटा गया है। सिंगल-लेग्ड राउंड रॉबिन मैचों के बाद, हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफ़ाइनल में पहुँचेंगी।सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 के ग्रुप B में भारत के साथ मौजूदा चैंपियन और दुनिया की 112वें नंबर की टीम बंगलादेश और 167वें नंबर की टीम मालदीव को रखा गया है।

ग्रुप ए में नेपाल (87वें स्थान पर), श्रीलंका (162वें स्थान पर) और भूटान (164वें स्थान पर) शामिल हैं।साल 2010 में शुरू हुई सैफ महिला चैंपियनशिप का यह आठवाँ संस्करण है। 2010, 2012, 2014, 2016 और 2019 में चैंपियन रही भारत ने इस क्षेत्रीय प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाए रखा था, लेकिन पिछले दो संस्करणों (2022 और 2024) में बंगलादेश ने जीत हासिल की।

इन दोनों ही मौकों पर भारत सेमीफ़ाइनल से बाहर हो गया था। यह दूसरी बार होगा जब भारत सैफ महिला चैंपियनशिप की मेज़बानी करेगा; इससे पहले 2016 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में इसका आयोजन हुआ था, जहाँ ‘ब्लू टाइग्रेस’ ने अपना चौथा खिताब जीता था।यह गोवा में आयोजित होने वाला दूसरा सैफ टूर्नामेंट भी होगा। इससे पहले 1999 में सैफ पुरुष चैंपियनशिप का आयोजन यहीं हुआ था, जिसे भारत ने फाइनल में बंगलादेश को हराकर जीता था।

:एक छोटी Alto से शुरू हुआ Travel Career | Himachali Traveller | DK Thakur | Himachali Traveller

हिमाचल के कांगड़ा के दीपक अपनी पत्नी और 2.5 साल की बेटी के साथ पूरे भारत में रोड ट्रिप कर रहे हैं। एक छोटी-सी Alto कार…
और एक बड़ा फैसला। आज उनका ये सफर
सिर्फ ट्रैवल नहीं…एक पूरा Travel Career बन चुका है। शुरुआत उस orange Alto से हुई थी…
जो आज भी उनकी पहचान है। तो आप कब निकल रहे हैं?

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Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

नौतपा के दौरान प्रचंड गर्मी और सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश संबंधी जानकारी देता फोटो

Nautapa causes and symptoms: नौतपा भारतीय ज्योतिष और खगोल विज्ञान की एक ऐसी अवधारणा है, जो गर्मी के भीषणतम दिनों को परिभाषित करती है। जब सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है, तो उस अवधि को 'नौतपा' कहा जाता है। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में रहने के शुरुआती 9 दिन जो सबसे अधिक गर्म माने जाते हैं, जिन्हें 'नौतपा' कहा जाता है। इस वर्ष यह 25 मई 2026 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक जारी रहेगा।ALSO READ: नौतपा 2026: रोहिणी नक्षत्र कब से शुरू होगा और कितने दिन तक रहेगा? जानिए पूरी जानकारी

 

आइए इसके वैज्ञानिक कारण, ज्योतिषीय आधार और शरीर पर दिखने वाले लक्षणों को विस्तार से समझते हैं। 

 

1. नौतपा क्या है?

2. नौतपा के लक्षण

3. नौतपा के खगोलीय एवं वैज्ञानिक कारण

4. ज्योतिषीय कारण

5. सावधानी की सलाह

 

1. नौतपा क्या है?

नौतपा का शाब्दिक अर्थ है 'नौ दिनों का ताप'। हिंदी कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उस समय के शुरुआती 9 दिनों को 'नौतपा' कहा जाता है। यह आमतौर पर मई के अंत या जून की शुरुआत में आता है। मान्यता है कि यदि इन 9 दिनों में खूब गर्मी पड़े, तो मानसून के दौरान बारिश बहुत अच्छी होती है।

 

2. नौतपा के लक्षण

जब नौतपा शुरू होता है, तो वातावरण में निम्नलिखित बदलाव और लक्षण दिखाई देते हैं:

 

भीषण गर्मी और लू: तापमान अपने सामान्य स्तर से 2 से 5 डिग्री तक ऊपर चला जाता है। गर्म हवाएं (लू) तेज हो जाती हैं।

 

नमी की कमी: हवा में रूखापन बढ़ जाता है, जिससे त्वचा में खिंचाव और होंठ सूखने जैसी समस्याएं होती हैं।

 

जल स्रोतों का सूखना: तालाबों और नदियों का जलस्तर तेजी से गिरता है।

 

अचानक आंधी-तूफान: शाम के समय धूल भरी आंधी या गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होना भी इसका एक लक्षण है, जो बढ़ती गर्मी के कारण बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Zone) की वजह से होता है।

 

3. नौतपा के कारण

नौतपा के पीछे वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों कारण महत्वपूर्ण हैं:

 

खगोलीय एवं वैज्ञानिक कारण

इस दौरान पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध (Northern Hemisphere) पर सूर्य की किरणें लंबवत (Vertical) पड़ती हैं।

 

सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम महसूस होती है।

 

वायुमंडल में नमी कम हो जाती है और शुष्क हवाएं (लू) चलने लगती हैं, जिससे धरती का तापमान तेजी से बढ़ता है।

 

4. ज्योतिषीय कारण

सूर्य को 'अग्नि' का कारक और चंद्रमा को 'शीतलता' का कारक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है, जो शीतलता का प्रतीक है। जब सूर्य (अग्नि तत्व) रोहिणी नक्षत्र में आता है, तो वह चंद्रमा की शीतलता को सोख लेता है। शीतलता के अभाव में पृथ्वी पर ताप अत्यधिक बढ़ जाता है।

 

5. सावधानी की सलाह

नौतपा के दौरान निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इस दौरान अधिक से अधिक पानी पिएं, सूती कपड़े पहनें और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव

The picture provides information regarding health stability during Nautapa

what is heat exhaustion: नौतपा, जिसे आम बोलचाल में गर्मी या हीट स्ट्रेस कहा जाता है, शरीर का वह स्थिति है जब अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण शरीर अपनी सामान्य कार्यक्षमता खो देता है। यह मुख्यतः हीट एक्सॉस्टेशन (Heat Exhaustion) और हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) जैसी स्थितियों की शुरुआत हो सकती है। वर्ष 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक जारी रहेगा तथा इन 9 दिनों तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।ALSO READ: Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

 

नौतपा केवल थकावट या पसीने की समस्या नहीं है; यह शरीर के हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस पर भी असर डालता है। यदि समय रहते सावधानियां न बरती जाएं, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में बदल सकता है।

 

नौतपा का महत्व: 

आयुर्वेद और लोक मान्यताओं के अनुसार, 'जितना तपेगा नौतपा, उतनी होगी वर्षा'। यानी नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी और कम दबाव का क्षेत्र बनेगा, समुद्र से उठने वाली मानसूनी हवाएं उतनी ही तेजी से मैदानी इलाकों की ओर बढ़ेंगी, जिससे भविष्य में अच्छी फसल और वर्षा की संभावना बढ़ जाती है।

 

नौतपा के प्रभाव और लक्षण (Symptoms)

भीषण गर्मी के कारण प्रकृति और मानव शरीर पर स्पष्ट प्रभाव दिखाई देते हैं:

 

पर्यावरण में लक्षण:

तेज लू (Heat Waves): गर्म और शुष्क हवाओं का चलना।

 

जल स्तर में गिरावट: नदियों, तालाबों और कुओं के जल स्तर का तेजी से नीचे जाना।

 

आंधी-तूफान: अत्यधिक गर्मी के कारण कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनता है, जिससे शाम के समय धूल भरी आंधियां चलने लगती हैं।

 

शरीर पर प्रभाव (Health Symptoms):

अत्यधिक तापमान के कारण शरीर में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

 

डिहाइड्रेशन: शरीर में पानी की भारी कमी होना।

 

सनस्ट्रोक (लू लगना): तेज बुखार, सिर चकराना और बेहोशी महसूस होना।

 

त्वचा की समस्याएं: सनबर्न, घमौरियां और अत्यधिक पसीना आना।

 

पाचन तंत्र में गड़बड़ी: भूख कम लगना और जी मिचलाना।

 

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भारत की ‘Turtle Girl | Turtle Girl India | Jayanthan Vijaya| The Better India Hindi

भारत की ‘Turtle Girl’ जयनाथन विजया की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस साहस की कहानी है जिसने समुद्री कछुओं की अवैध हत्या और तस्करी के खिलाफ अकेले खड़े होकर बदलाव की नींव रखी।
कम उम्र में ही उन्होंने जंगलों, तटों और अवैध बाजारों में जाकर सच्चाई सामने लाई। उनकी मेहनत, रिसर्च और खींची गई तस्वीरों ने पहली बार दुनिया को Olive Ridley कछुओं के संकट से रूबरू कराया। उनकी कहानी आज भी याद दिलाती है — अगर इरादा सच्चा हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत बन सकता है।

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FIFA World Cup 2026 में हैरी केन की अगुवाई में खेलेगी इंग्लैंड की टीम

इंग्लैंड ने हैरी केन की अगुवाई में फुटबॉल महाकुंभ फीफा विश्वकप 2026 के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है। इंग्लैंड टीम के कप्तान हैरी केन ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर हैं। बायर्न म्यूनिख के स्ट्राइकर इस सीज़न में क्लब और देश के लिए शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने 53 मैचों में 60 गोल किए हैं।

वहीं रियल मैड्रिड के मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम केन के पीछे लाइन अप करेंगे। 22 साल के सुपरस्टार ने यूरो 2024 के फाइनल में इंग्लैंड के पहुंचने में बड़ा असर डाला था, जिसमें वे स्पेन से हार गए थे। डेक्लान राइस थ्री लायंस के एक और अहम मिडफील्डर हैं। अनुभवी जॉर्डन पिकफोर्ड नॉर्थ अमेरिका में लाइन अप करने पर इंग्लैंड के किसी गोलकीपर द्वारा सबसे ज़्यादा टूर्नामेंट में खेलने का अपना रिकॉर्ड और बढ़ाएंगे।

उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड को फीफा विवश्व कप जीते हुए अब 60 साल हो गए हैं। बीच के सालों में, वे दो बार सेमीफाइनल में पहुंचे हैं, 1990 और 2018 में। लेकिन 1966 में अपने घर पर उनकी जीत उनकी अकेली जीत है। इंग्लैंड हाल ही में यूरोपियन चैंपियनशिप में भी कई बार बाल-बाल बचा है, यूरो 2020 और यूरो 2024 दोनों के फ़ाइनल में हार गया।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए इंग्लैंड की पूरी टीम इस प्रकार है:-

गोलकीपर: जॉर्डन पिकफोर्ड (एवर्टन), डीन हेंडरसन (क्रिस्टल पैलेस), जेम्स ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर सिटी) डिफेंडर: रीस जेम्स (चेल्सी), टीनो लिवरामेंटो (न्यूकैसल), मार्क गुएही (मैनचेस्टर सिटी), एज़री कोंसा (एस्टन विला), जॉन स्टोन्स (मैनचेस्टर सिटी), जेरेल क्वांसाह (बायर लेवरकुसेन), निको ओ’रेली (मैनचेस्टर सिटी), डैन बर्न (न्यूकैसल), जेड स्पेंस (टोटेनहम हॉटस्पर)

मिडफील्डर: डेक्लान राइस (आर्सेनल), इलियट एंडरसन (नॉटिंघम फॉरेस्ट), जूड बेलिंगहम (रियल मैड्रिड), जॉर्डन हेंडरसन (ब्रेंटफोर्ड), मॉर्गन रोजर्स (एस्टन विला), कोबी मैनू (मैनचेस्टर यूनाइटेड), एबेरेची एज़े (आर्सेनल)
फॉरवर्ड: हैरी केन (बायर्न म्यूनिख), इवान टोनी (अल-अहली), ओली वॉटकिंस (एस्टन विला), बुकायो साका (आर्सेनल), नोनी मदुके (आर्सेनल), मार्कस रैशफोर्ड (बार्सिलोना), एंथनी गॉर्डन (न्यूकैसल)