
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर बनने के बाद पिछले ढाई साल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार भी राम मंदिर में भगवान श्री राम के चरणों में माथा टेकने नहीं गए। उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के पास भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगने का समय है, लेकिन भगवान रामलला से आशीर्वाद लेने का समय नहीं? ALSO READ: “नेताओं को राजनीतिक मजाक बर्दाश्त करना चाहिए”: राघव चड्ढा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर में सामने आए चंदा और चढ़ावा चोरी के मामले ने पूरे देश के सनातन समाज को आहत किया है। गृहमंत्री अमित शाह पूरे देश में भगवान श्रीराम और राम मंदिर के नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन रामलला के दर्शन करने तक नहीं जाते। सनातन के लिए सच्ची भावना से केवल आम आदमी पार्टी ही कैसे काम कर रही है?
भगवान श्रीराम के मंदिर में सामने आए चंदा और चढ़ावा चोरी के मामले ने पूरे देश के सनातन समाज को आहत किया है।
गृहमंत्री श्री अमित शाह जी पूरे देश में भगवान श्रीराम और राम मंदिर के नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन रामलला के दर्शन करने तक नहीं जाते।
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— AAP (@AamAadmiParty) July 1, 2026
42 से ज्यादा बार राम का जिक्र
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तक एक बार भी अमित शाह राम मंदिर नहीं गए। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुए ढाई साल हो गए। इन ढाई साल में एक बार भी वे भगवान राम के दर्शन करने नहीं गए। इन ढाई सालों में उन्होंने 42 से ज़्यादा बार अपने भाषणों और इंटरव्यू में भगवान राम और मंदिर का जिक्र किया जिसमे कई बार राम और मंदिर के नाम पर वोट मांगा। लेकिन दर्शन करने नहीं गए। इनके लिए राम केवल सत्ता हासिल करने और पैसे कमाने का ज़रिया है। इनकी राम में कोई आस्था नहीं है।
केजरीवाल के अमित शाह से सवाल
- आप अभी तक राम मंदिर क्यों नहीं गए?
- क्या भगवान राम के दर्शन करने का आपका मन नहीं करता?
- क्या राम मंदिर जाने का आपका मन नहीं करता?
- क्या आपको भगवान राम का आशीर्वाद नहीं चाहिए?
- क्या आप राम को भगवान मानते हो?
चोरों को बचाने में लगी सरकार
केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम कोई पत्थर की मूर्ति नहीं हैं। भगवान राम सर्वव्यापी और सर्वशक्तिमान हैं। चंदा चोरी करने वालों को वह ऐसा दंड देंगे, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।
मौजूदा केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार चोरों को बचाने में लगी हैं। अगर चोरों को सजा दिलानी है, तो सरकार बदलना बेहद जरूरी है। पूरे समाज को ऐसे लोगों और उनका साथ देने वालों का पूरी तरह बहिष्कार करना चाहिए।

