
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने अनोखे और तीखे राजनीतिक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर करारा प्रहार करने के लिए एक बेहद व्यंग्यात्मक और अनूठा तरीका अपनाया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। दीपके ने रविवार को मध्य प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने एक लेटर शेयर किया है जिसमें उन्होंने खुद को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का पोस्ट किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने अनोखे और तीखे राजनीतिक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर करारा प्रहार करने के लिए एक बेहद व्यंग्यात्मक और अनूठा तरीका अपनाया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है।
दीपके ने रविवार को मध्य प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने एक लेटर शेयर किया है जिसमें उन्होंने खुद को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का पोस्ट किया है। अभिजीत दीपके ने यह व्यंग्यात्मक इस्तीफा तब शेयर किया जब उनके साथ मध्यप्रदेश के बालाघाट में कुछ लोगों के साथ तीखी बहस हुई। दरअसल अभिजीत दीपके वहां बैगा आदिवासी बच्चों के माता-पिता से मिलने गए थे, जिनकी मौत एक इंफेक्शन से हुई थी।
कुछ समय पहले बालाघाट क्षेत्र में कुछ बैगा आदिवासी बच्चों की रहस्यमयी और गंभीर इंफेक्शन (संक्रमण) के कारण मौत हो गई थी। इस दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक मुस्तैदी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए अभिजीत दीपके पीड़ित परिवारों से मिलने और जमीनी हकीकत जानने के लिए बालाघाट पहुंचे थे।
I hereby resign as the Chief Minister of MP with immediate effect.
I thank Hon’ble PM @narendramodi ji for giving me the opportunity to serve the people of MP, an opportunity in which I have clearly failed.@GovernorMP pic.twitter.com/BVhfJDIf5n
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 13, 2026
आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और कुछ लोगों ने उनके दौरे और तीखे सवालों पर आपत्ति जताई, जिससे माहौल गरमा गया। कई लोगों ने अभिजीत दीपके पर राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान करने का आरोप लगाया है। एक वायरल वीडियो में एक महिला इन्फ्लुएंसर ने अभिजीत दीपके से पूछा कि क्या वह वहां लाशों पर पॉलिटिक्स करने आए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था पर तंज कसने के लिए अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।
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इस पत्र में उन्होंने खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित किया। इसके बाद उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पद से अपना 'व्यंग्यात्मक इस्तीफा' सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने यह दर्शाने का प्रयास किया कि यदि राज्य में आदिवासियों के बच्चे इलाज और इंफेक्शन के अभाव में दम तोड़ रहे हैं और प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है, तो ऐसे प्रतीकात्मक पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
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दीपके ने एक्स पर जो लेटर शेयर किया है उसमें लिखा, मैं तत्काल प्रभाव से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं। मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश के लोगों की सेवा करने का मौका देने के लिए धन्यवाद देता हूं। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने मुझे जो मौका दिया, उसके कार्य करने में मैं पूरी तरह फेल रहा। अभिजीत दीपके ने अपने इस्तीफे को मुख्यमंत्री के आधिकारिक पत्र जैसा स्वरूप दिया है, जिसकी वजह से वह असली पत्र जैसा लग रहा था। इस व्यंग्यात्मक पत्र में अभिजीत दीपके ने मध्यप्रदेश सरकार की नाकामियों का जिक्र किया है।


