Nifty 50 अगले एक साल में 29,000 तक जाएगा! बाजार के दिग्गजों ने बताए ये 5 सेक्टर, जहां दिख रहे हैं निवेश के मौके

शेयर बाजार 6 नवंबर को लगातार सातवें सत्र चढ़कर बंद हुए। ऐसी तेजी लंबे समय बाद भारतीय बाजार में देखने को मिली। सवाल है कि क्या बाजार में यह तेजी जारी रहेगी? कंपाउंडिंग एसेट पार्टनर्स के फाउंडर और सीआईओ निकेत शाह की मानें तो अगले एक साल में निफ्टी 29,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। उनका मानना है कि मजबूत कॉरपोरेट अर्निंग्स और आकर्षक वैल्यूएशन के दम पर बाजार में तेजी जारी की उम्मीद है।

इन सेक्टर में निवेश के अच्छे मौके

Samvat 2083 के लिए अपनी निवेश रणनीति साझा करते हुए निकेत शाह और PGIM India Asset Management के CIO अनिरुद्ध नाहा ने उन सेक्टरों की पहचान की है, जहां आगे निवेश के अच्छे मौके मिल सकते हैं। इनमें बड़े बैंक, मेटल और माइनिंग, मिडकैप IT, डिस्क्रिशनरी कंजम्पशन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इकोसिस्टम शामिल हैं।

29,000 तक पहुंच सकता है निफ्टी

निकेत शाह के मुताबिक, बैंकिंग, IT और कंज्यूमर सेक्टर में रिकवरी से निफ्टी को मजबूती मिल सकती है। उनका अनुमान है कि अगले साल निफ्टी की प्रति शेयर कमाई (EPS) 1,450 रुपये तक पहुंच सकती है। अगर इंडेक्स को 20 गुना प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल मिलता है तो निफ्टी का स्तर करीब 29,000 हो सकता है।

मिडकैप के मुकाबले लार्जकैप में ज्यादा आकर्षण

बाजार के मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए निवेश के लिए लार्जकैप शेयर ज्यादा आकर्षक नजर आ रहे हैं। मिडकैप शेयरों का वैल्यूएशन अभी भी ज्यादा है। ऐसे में अगले तीन से चार साल के नजरिये से लार्जकैप शेयरों में निवेश के बेहतर मौके दिखाई दे रहे हैं। अनिरुद्ध नाहा के मुताबिक, फिलहाल लार्जकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ करीब 24-25 फीसदी है, जबकि मिडकैप कंपनियों की कमाई 25 फीसदी से ज्यादा की दर से बढ़ रही है।

रिटर्न कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ पर निर्भर करेगा

उनका कहना है कि बाजार में आगे मिलने वाला रिटर्न मुख्य रूप से कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ पर निर्भर करेगा। बाजार में कई बार करेक्शन आने के बावजूद कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। लार्जकैप सेगमेंट में प्राइवेट सेक्टर के बैंक और मेटल एवं माइनिंग कंपनियों के शेयरों में बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड दिख रहा है। बाजार के विशेषज्ञ NBFC के मुकाबले बैंकों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसकी वजह NBFC कंपनियों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर संभावित दबाव है। प्राइवेट बैंकों में एसेट क्वालिटी को लेकर चिंताएं अब पहले जैसी नहीं रह गई हैं। इससे इस सेक्टर के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है।

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कंजम्पशन और मिडकैप IT में भी मौके

मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट की कुछ डिस्क्रिशनरी कंजम्पशन कंपनियों में भी निवेश के मौके दिखाई दे रहे हैं। इन कंपनियों की कमाई और मजबूत कैश फ्लो को बाजार अभी पूरी तरह महत्व नहीं दे रहा है। IT सेक्टर में Persistent Systems और Coforge जैसी मिडकैप कंपनियां बड़े प्रतिद्वंद्वियों से मार्केट शेयर हासिल करने की स्थिति में हैं। निकेत शाह के मुताबिक, IT सर्विसेज इंडस्ट्री में डील का स्वरूप बदल रहा है। पहले जहां कंपनियां टाइम एंड मैटेरियल मॉडल पर काम करती थीं, वहीं अब आउटकम-बेस्ड डील बढ़ रही हैं। आने वाले समय में यह ट्रेंड मिडकैप IT कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।