सरकार कर्ज के बोझ से दबी टेलिकॉम कंपनी MTNL (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) की 9,000 करोड़ रुपये की संपत्ति अगले वित्त वर्ष 2027-28 में बेचने की योजना बना रही है। इन पैसों से कंपनी के कर्ज को कम किया जाएगा। अनुमान है कि MTNL सरकारी बॉन्ड गारंटी सहित 50,000 करोड़ रुपये के कर्ज से जूझ रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की अगले वित्त वर्ष 2027-28 के दौरान MTNL के 9,000 करोड़ रुपये के लैंड एसेट्स को मोनेटाइज करने की योजना है।
मालिकाना हक से जुड़े कई मुद्दे थे, जिन्हें सुलझा लिया गया है और अब बिक्री के लिए 40 साफ-सुथरी और विवादमुक्त संपत्तियों को रखा जाएगा। पीटीआई के मुताबिक, सूत्र का कहना है, ‘सरकारी गारंटी बॉन्ड्स सहित MTNL की कुल देनदारियों और कर्ज के दायित्वों को चुकाने के लिए हमारे पास MTNL के एसेट्स बेस के रूप में पर्याप्त से अधिक सुरक्षा कवच है। सरकारी गारंटी बॉन्ड लगभग 30,000 करोड़ रुपये के हैं। इन्हें मिलाकर कुल देनदारियां लगभग 50,000 करोड़ रुपये की बैठती हैं।”
जून तिमाही में घाटे में आई थी गिरावट
कहा जा रहा है कि MTNL मुख्य रूप से संपत्ति के किराए से होने वाली आय से अपने कर्मचारियों का वेतन दे रही है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में MTNL का शुद्ध कंसालिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर 842.36 करोड़ रुपये पर आ गया था। एक साल पहले समान तिमाही में घाटा 943.15 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 25.9 प्रतिशत उछलकर 216.89 करोड़ रुपये रहा था।
MTNL का शेयर एक सप्ताह में 20 प्रतिशत चढ़ा
MTNL के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 26.82 रुपये है कंपनी का मार्केट कैप 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक सप्ताह में 20 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में कीमत लगभग 35 प्रतिशत नीचे आई है। कंपनी में सितंबर 2026 के आखिर तक सरकार के पास 56.25 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
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