Cyclone Murasu: चक्रवात मुरासू का असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार 3 नवंबर को दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। हालांकि इसके असर से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले कई दिनों तक बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, केरल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 8 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है।
आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासू, 110 किमी प्रति घंटे तक चली हवा
IMD के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। यह ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से गुजरा। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही जबकि कुछ समय के लिए हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। मौसम विभाग का अनुमान है कि मुरासू उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद इसकी ताकत धीरे-धीरे कम होगी। 3 नवंबर को दोपहर तक यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
इसके बाद 3 नवंबर की आधी रात तक इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। उस समय हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बेहद भारी बारिश का अलर्ट
मुरासू के असर से दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और उससे सटे तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 3 नवंबर को रायलसीमा और दक्षिण ओडिशा में भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना में 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ जिलों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश के कृष्णा, बापटला, प्रकाशम, SPSR नेल्लोर, गुंटूर, एलुरु, NTR, पलनाडु और पश्चिम गोदावरी जिलों में 3 नवंबर की दोपहर तक हवा की रफ्तार 85 से 95 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। झोंकों की रफ्तार 105 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आधी रात तक हवा की रफ्तार घटकर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। तेलंगाना के खम्मम, सूर्यापेट, नलगोंडा, नागरकुरनूल, वनापर्थी, महबूबाबाद, वारंगल, जंगांव, करीमनगर और भद्राद्री कोठागुडेम जिलों में 3 नवंबर की दोपहर तक 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हवा के झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 8 नवंबर तक बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 8 नवंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं केरल और माहे में 4 से 8 नवंबर तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 3 से 7 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। केरल और माहे में 3 और 4 नवंबर के साथ 6 से 8 नवंबर के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक इलाकों में 4 और 5 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं तटीय कर्नाटक में 3 से 9 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 3 से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अलर्ट
मुरासू के असर और दूसरे मौसमी सिस्टम की वजह से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 3 और 4 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। छत्तीसगढ़ में 4 और 5 नवंबर को कई जगहों पर बारिश का अनुमान है। 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी भी दी है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 3 और 4 नवंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 नवंबर को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 3 से 5 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार में भी बदलेगा मौसम
मौसम विभाग ने लक्षद्वीप में 3 नवंबर और फिर 7 से 9 नवंबर के बीच बारिश का अनुमान जताया है। यहां 3 और 5 नवंबर को कुछ जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 3 से 9 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। झारखंड में 3 और 4 नवंबर को कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 3 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
समुद्र में ऊंची लहरें, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
चक्रवात मुरासू के असर से बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के तट के पास 3 नवंबर की शाम तक समुद्र की स्थिति बहुत ऊंची से ऊंची बनी रह सकती है। इसके बाद 4 नवंबर की सुबह तक इसमें सुधार होने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों के पास 3 नवंबर की शाम तक समुद्र की स्थिति बहुत खराब से खराब रह सकती है। दक्षिण ओडिशा के तट और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास भी 3 नवंबर की शाम तक समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है।
कुल मिलाकर चक्रवात मुरासू के कमजोर होने के बावजूद दक्षिण भारत में अगले कई दिनों तक बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का असर बना रह सकता है। IMD ने 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है जबकि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 8 नवंबर तक बारिश का अनुमान जताया है।

