
नाम है बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री। इतनी बड़ी उपाधि, लेकिन हरकतों से कुल जमा एक मसखरा रीलबाज बाबा। यानी नाम बड़े और दर्शन खोटे। इतनी बड़ी फॉलोइंग होने के बाद भी अपने मंच से राम और कृष्ण की बेतुकी तुलना कर के अपने दिमागी दिवालियेपन का सबूत धीरेंद्र शास्त्री ने दिया तो बड़ी संख्या में संत बिरादरी नाराज हो गई, सोशल मीडिया ने मसखरे बाबा का तमगा दे दिया।
जरा सोचिये, जिस देश में राम और कृष्ण को पूजा जाता है, दोनों को लोग अपना आराध्य और एक ही मानते है, जिनमें भारतीयों की अटूट आस्था है, ऐसे राम और कृष्ण की आपस में तुलना कर के अपने बयान से धीरेंद्र शास्त्री ने मजाक बना दिया। जबकि खुद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नाम में भी कृष्ण का नाम है।
लाखों फॉलोअर्स है बाबा के : हैरानी की बात तो यह है कि शास्त्री के लाखों भक्त और सोशल मीडिया फॉलोअर्स हैं, ऐसे में उन्हें जहां बहुत सोच समझकर बोलना और बयान देना चाहिए, वहीं ये बाबा कैमरे पर ऐसे मसखरी दिखा दिखाकर गैर जिम्मेदाराना बयान दे डालते हैं कि वो रील की श्रेणी में आ जाता है। हैरानी की बात यह भी है आम लोग भी ऐसे रीलबाज मसखरे बाबाओं में आस्था रखकर उन्हें फॉलो करते हैं।
बता दें कि हाल ही में धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना कर के विवाद पैदा कर दिया। उनके बयान ने कृष्ण के अनुयायियों और भक्तों को नाराज कर दिया है। संत समाज से लेकर यादव समाज तक में बाबा के बयान को लेकर आक्रोश है।
क्या है विवादित बयान: बागेश्वर बाबा ने कहा कि हमारे राम सीधे हैं, उनका धाम भी सीधा है (अयोध्या), और वे खड़े भी सीधे होते हैं। इसके विपरीत उन्होंने भगवान कृष्ण के बारे में कहा कि तुम्हारे वालों (कृष्ण) का नाम, चलना और खड़े होना टेढ़ा है, और उनका धाम वृंदावन है। उन्होंने यह भी तुलना की कि बांसुरी बजाना एक खेल है, जबकि धनुष (राम का) चलाना कोई छोटा खेल नहीं है। मध्य प्रदेश के करेरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने भगवान राम और श्री कृष्ण की तुलना करते हुए कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिनसे भगवान कृष्ण और बांके बिहारी के भक्तों की भावनाएं आहत हो गईं।
बृजवासियों और संतों की नाराज़गी: इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हुआ और ब्रज के संतों व भक्तों ने कड़ी आपत्ति जताई। राजनेता अखिलेश यादव ने भी बयान की आलोचना करते हुए उनके कार्यक्रमों को रद्द करने की मांग उठाई।
यादव महासभा ने फूंका धीरेंद्र शास्त्री का पुतला : बाबा बागेश्वर के भगवान श्रीकृष्ण पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर बड़ा विवाद हो गया है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी के विरोध में यादव समाज ने आज भोपाल में प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय यादव महासभा ने धीरेंद्र शास्त्री का पुतला फूंका। समाज ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
माफी और सफाई: बढ़ते विवाद को देखते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य भगवान राम और कृष्ण के बीच भेद पैदा करना नहीं था। उन्होंने हाथ जोड़कर और वीडियो संदेश के जरिए कृष्ण भक्तों से माफी मांगी और खुद को ठाकुर जी का भक्त बताया।
चूक हो गई, भाव में बोल गया था : इसी पर अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी बात को चूक बताया है। उन्होंने कहा, एक बात बोलें। कभी-कभी विनोद में हम कुछ भी कह जाते हैं। उसका अर्थ का अनर्थ न लगाया जाए। हमसे चूक तो हो जाती है। कभी जोश में बोल जाते हैं और कभी भाव में बोल जाते हैं। अभी हमने एक कथा में कह दिया कि कृष्ण जी तो टेढ़े हैं, राम जी तो सीधे हैं तो क्या गलत कहा। ठाकुर जी तो टेढ़े हैं ही न। हमने भाव में कहा था। हमारे नाम में भी कृष्ण है। जिससे ज्यादा प्रेम है, उससे ऐसी बात कही जाती है।
अखिलेश यादव बोले, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ”ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक समाचार है कि कोई राजनीतिक प्रश्रय प्राप्त ‘लघु-बंधु’ बनकर घूम रहा व्यक्ति सनातन समाज की एकता को तोड़ने का अति निंदनीय कार्य कर रहा है। ये गहरी जांच का विषय है कि सनातनियों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का षड्यंत्र कौन कर रहा है, क्या इसके पीछे कोई बाहरी शक्ति है या आंतरिक, इसकी पड़ताल जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, ”ऐसे निंदात्मक विषय पर तो हर राजनीतिक दल और उसके समर्थक भी इस तथाकथित वाचक के खिलाफ एकजुट हो गये हैं। अगर इसे नहीं रोका गया तो इससे समाज में अशांति और असंतोष का वैमनस्यकारी वातावरण बनेगा। ये अक्षम्य पाप है, ऐसे व्यक्ति को समाज, सनातन, देश हित में निरुद्ध-अवरुद्ध करना ही एकमात्र उपाय है।
विवादित बयानों का बाबा : बता दें कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी वे कई बार विवादित बयान दे चुके हैं।


