Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 अक्तूबर को चांदी में उछाल दिखा। लेकिन, सोने की कीमतों कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली। ट्रेडर्स का कहना है कि घरेलू बाजार में कमजोर मांग का असर सोने की कीमतों पर पड़ा।
चांदी में 500 रुपये की तेजी
चांदी दिल्ली सर्राफा बाजार में 500 रुपये बढ़कर 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोना बगैर किसी बदलाव के 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। ट्रेडर्स का कहना है कि गोल्ड में स्थिरता की वजह यह है कि अभी ज्वेलर्स और रिटेलर्स हाई प्राइसेज के बीच खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं।
सोने में स्थिरता की वजह
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “गुरुवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में स्थिरता रही। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत है, जहां कीमतें सीमित दायरे में रहीं।” उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की वजह से ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का असर सोने की कीमतों पर नहीं दिखा।
विदेश में सोना 4000 डॉलर के करीब
आनंदराठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की वेदिका नार्वेकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,024 डॉलर प्रति औंस के करीब बना हुआ है। फेडरल रिजर्व की पॉलिसी में रुख में सख्ती के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर में फेड अपनी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।
क्रूड में तेजी का असर
क्रू़ड ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। 29 अक्तूबर को ब्रेंट क्रूड मामूली नरमी के साथ 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड का प्राइस 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है। फेड यह साफ कर चुका है कि उसका फोकस महंगाई को बढ़ने से रोकने पर है।
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पिछले कई महीनों से बुलियन पर दबाव
इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव बढ़ गया है। तब से सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है।

