
भोपाल में मासूम बच्चों के यौन शोषण के मामले में आरोपी प्यारे मियां को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी प्यारे मियां को पांच बच्चियों के साथ दुषकर्म ठहारते हुए 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ अदालत ने आरोपी पर 77 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि जिस उम्र में बुजुर्ग को बच्ची की रक्षा और देखभाल करनी चाहिए थी, वह उसके लिए डर और असुरक्षा का कारण बन गया। आरोपी के कृत्य ने बच्ची के भविष्य और समाज के भरोसे को भी चोट पहुंचाई और अपराध बहुत ही क्रूर और असहनीय है।
78 साल का प्यारे मियां पर मासूनों को पैसों और पार्टी का लालच देकर अपनी हवस का शिकार बनाता था। वह मासूमों को 10 हजार रुपए महीने की नौकरी का झांसा देकर पहले अपने झांसे में लेता था फिर जन्मदिन और अन्य पार्टियों में शराब पिलाकर उनके साथ दुष्कर्म करता था। 2021 में सामने आए पांच बच्चियों के यौन शोषण केस में पॉक्सो विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत के मुताबिक देश में पहली बार ऐसी सजा सुनाई गई है। वहीं प्यारे मियां के सहयोगी राबिया बी को 20 साल की सजा सुनाई है। मामले में एक पीड़िता ने डर के कारण जहर खाकर जान दे दी थी। कोर्ट ने उसके माता-पिता को 10 लाख मुआवजा दिलाने का आदेश दिया है।
अभियोजन के मुताबिक प्यारे मियां 2014 से बच्चियों का यौन शोषण कर रहा था। ऐसे ही एक मामले में प्यारे मियां को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं अन्य आरोपी राबिया बी बच्चियों को उसके पास लेकर जाती थी। 11 जुलाई 2020 की रात पुलिस को पांच बच्चियां संदिग्ध हालत में मिली थीं। काउंसलिंग में उन्होंने बताया कि प्यारे मियां ने उन्हें शाहपुरा स्थित फ्लैट में जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया था। शराब पिलाकर दुष्कर्म किया गया। बाद में भी अलग-अलग जगहों पर यौन शोषण किया गया। इतना ही यौन शोषण की फ्लैट में लगे हिडन कैमरे से पूरी रिकॉर्डिग होती थी और बाद में इन्हीं वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल किया जाता था। पूरे मामले के सामने आने के बाद प्यारे मियां के ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई हुई थी।


