बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘अर्नब’ (Arnab) तेज हो रहा है। इसे देखते हुए आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और ओडिशा (Odisha) में अलर्ट जारी किया गया है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, तूफान 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इससे कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका है। दोनों राज्यों की सरकारें लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम कर रही हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव वाला क्षेत्र 26 अक्टूबर को चक्रवात में बदल गया। आगे बढ़ते समय तूफान की ताकत और दिशा में ये बदलाव हो सकता है:
- आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तूफान के पहुंचने की संभावना जताई गई है।
- चक्रवात के रास्ते और ताकत को लेकर मौसम विभाग लगातार नजर रख रहा है।
आंध्र प्रदेश में लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए गए ये कदम
राज्य सरकार ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने को कहा है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने और बिजली जैसी जरूरी सुविधाएं चालू रखने की तैयारी कर रहा है।
- लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना: प्रशासन ने करीब 5.7 लाख लोगों की पहचान की है, जो चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं। इन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाने का काम सोमवार शाम से शुरू किया गया।
- जिलों में अलर्ट: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिलों को सतर्क रहने और लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
- बिजली की व्यवस्था: मंत्री जी. रवि कुमार ने बिजली कंपनियों को बिजली चालू रखने और तूफान के बाद जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
- मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में मछली पकड़ने गई नावों को वापस लौटने के लिए कहा गया है।
- अस्पताल और कंट्रोल रूम: खतरे वाले इलाकों की गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। चक्रवात पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।
ओडिशा सरकार ने भी किए पुख्ता इंतजाम
ओडिशा सरकार ने भी चक्रवात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर वहां की तैयारियों के बारे में जानकारी ली और अलग-अलग विभागों को जरूरी काम सौंपे हैं।
- स्कूल-कॉलेज बंद: पांच जिलों में मंगलवार और बुधवार को स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे।
- अधिकारियों की जिम्मेदारी: आठ मंत्रियों और पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों को हालात पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
- बाढ़ से बचाव: दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। हीराकुंड जलाशय से पहले ही पानी छोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।
- लोगों की सुरक्षा: सरकार की कोशिश है कि चक्रवात के कारण किसी की जान न जाए।
चक्रवात ‘अर्नब’ नाम किस देश ने दिया?
चक्रवात ‘अर्नब’ का नाम बांग्लादेश ने सुझाया था। उत्तरी हिंद महासागर में आने वाले चक्रवातों के नाम रखने के लिए लिस्ट बनाई गई है। इसे अप्रैल 2020 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (UNESCAP) के चक्रवात पैनल ने अपनाया था।
इस सूची में 13 देशों के सुझाए गए कुल 169 नाम हैं। हर देश ने 13 नाम दिए हैं। इनमें भारत, बांग्लादेश, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं। चक्रवातों के नाम इस लिस्ट के क्रम के हिसाब से रखे जाते हैं।

