
भोपाल। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश से खाली हुई एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव आयोग ने चुनावी काार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव आयोग की ओऱ से जारी कार्यक्रम के मुतबिक 26 अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन दाखिल होना शुरु हो जएगा। वहीं 2 नवंबर नामांकन की आखिरी तारीख है। 3 नवंबर नामांकन की जांच और 5 नवंबर तक नाम वापसी के तारीख तय की गई है। वहीं 12 नवंबर को मतदान और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना होगी।
तारीखों के एलान के साथ गर्माई सियासत- राज्यसभा उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। चुनावी कार्यक्रम सामने आते ही कांग्रेस ने बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया है, तो बीजेपी ने कांग्रेस के दावे को मुंगेरीलाल के हसीन सपने करार दिया है। दोनों दलों के बीच जुबानी जंग ने एक सीट के चुनाव को लेकर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री और प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के संपर्क में बीजेपी के कई विधायक हैं। उन्होंने कहा कि इन विधायकों से अंतिम दौर की बातचीत पूरी होने के बाद कांग्रेस अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान करेगी। कांग्रेस के दावे पर बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी दिन में मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल है। पार्टी तय तारीख पर अपना प्रत्याशी उतारेगी और जीत भी हासिल करेगी। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चुनाव में कांग्रेस की ओर से कोई गड़बड़ी की गई, तो यह उसके लिए ठीक नहीं होगा।
एक सीट, दो दावे और सियासी मुकाबला-मध्यप्रदेश में राज्यसभा की एक रिक्त सीट के लिए होने वाला यह उपचुनाव अब राजनीतिक दावों और पलटवार के बीच चर्चा में है। कांग्रेस बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने की बात कह रही है, जबकि बीजेपी अपने संख्या बल के आधार पर जीत का भरोसा जता रही है। दरअसल मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। विधानसभा की मौजूदा स्थिति के मुताबिक बीजेपी के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं, जबकि एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास है और एक सीट रिक्त है। राज्यसभा की एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए 58 प्रथम वरीयता वोट जरूरी हैं। ऐसे में बीजेपी के पास संख्या बल के लिहाज से मजबूत स्थिति है, जबकि कांग्रेस को भी अपने विधायकों के एकजुट समर्थन की जरूरत होगी। बीजेपी और कांग्रेस के बीच इसी संख्या बल को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
मध्यप्रदेश के बाहर का आ सकता है चेहरा- विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या के मुताबिक खाली हुई राज्यसभा सीट भाजपा के खाते में जाना तय है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक भाजपा इस सीट पर मध्यप्रदेश के बाहर के किसी व्यक्ति को उच्च सदन भेज सकती है। ऐसे में जब केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार की अटकलें चल रही है तब इस बात की संभावना और अधिक हो जाती है कि भाजपा किसी नए चेहरे को मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेज सकती है।


