प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को G7 समिट के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर चिंता जताई। इस मुद्दे को उठाते हुए पीएम मोदी ने कहा: “ईरान के साथ किसी भी समझौते में समुद्री जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा और हिफाजत पक्की की जानी चाहिए।” बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, ओमान की खाड़ी में एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे।
वहीं, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह पीड़ितों के परिवारों के लिए कोई संदेश या शोक संवेदना देना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, “हां, बिल्कुल।” उन्होंने समुद्री व्यापार में काम करने वाले लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि वह “उन सभी लोगों से प्यार करते हैं।”
बुधवार को CNN-News18 के एक सवाल के जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा: “मैंने भारतीय नाविकों के बारे में सुना। यह एक मुश्किल पेशा है। हम उन सभी लोगों का सम्मान करते हैं।”
बता दें कि हमले के समय पलाऊ के झंडे वाला तेल टैंकर सेट्टेबेलो (Settebello) पर कुल 28 लोग सवार थे। इनमें 24 भारतीय नागरिक और 4 विदेशी नागरिक शामिल थे। विदेशी नागरिकों में दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी थे।
इस घटना के बाद 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था। वहीं, लापता नाविकों की तलाश तब तक जारी रहीं जब तक कि उनकी मौत की पुष्टि नहीं हो गई।
वहीं, अमेरिकी सेना ने जहाज पर हमला करने की बात मानी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने टैंकर को तब निशाना बनाया जब उसने अमेरिकी नौसेना के कर्मियों के निर्देशों का पालन नहीं किया और ईरान से तेल ले जाने की कोशिश की, जो अमेरिकी नाकेबंदी (ब्लॉकेड) का उल्लंघन था।
गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण लगाए गए समुद्री प्रतिबंधों से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में भी रुकावटें आ रही हैं।
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