अमेरिका-ईरान में ऐतिहासिक शांति समझौता, युद्ध खत्म होते ही कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट

US Iran peace deal

US Iran Peace Deal : अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते (MoU) पर दस्तखत हो गए हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्साय पैलेस में इस दस्तावेज पर साइन किए। इसके बाद ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने भी ईरान से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से समझौते पर दस्तखत किए। इसके साथ ही अमेरिका ईरान युद्ध खत्म हो गया। ALSO READ: G7 Summit में Donald Trump का बड़ा बयान- अगर भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका मदद के लिए खड़ा होगा

 

पीस डील पर साइन करने के बाद ट्रंप ने हाथों से ऊपर-नीचे का इशारा किया। इस दौरान मैक्रों और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ताली बजाते नजर आए। 

 

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी समाचार एजेंसी इरना के हवाले से कहा कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर के साथ अंतिम रूप ले चुका है। अब समझौते के क्रियान्वयन की परीक्षा का समय है।

 

समझौते से क्या फायदा होगा?

समझौते के तहत अमेरिका और ईरान में युद्ध समाप्त होगा। डील में इजराइल लेबनान संघर्ष खत्म करने के साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने की बात कही गई है। शांति समझौते पर 19 जून को जेनेवा के पास लूसर्न शहर में साइन होने थे, लेकिन निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही फ्रांस के ऐतिहासिक वर्साय पैलेस में इस पर दस्तखत कर दिए गए। ALSO READ: ट्रंप का यू-टर्न, मुझे समझौता पसंद नहीं आया तो ईरान पर फिर बरसेंगे बम, US खुफिया रिपोर्ट ने भी चौंकाया

 

ईरान एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों तक फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच वाणिज्यिक जहाजों को बिना शुल्क सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था करेगा। तो अमेरिका 30 दिनों के भीतर नाकाबंदी पूरी तरह समाप्त कर देगा। 

 

अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे। एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। दोनों देश अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने का प्रयास करेंगे।

 

कच्चे तेल में भारी गिरावट

डील साइन होते ही अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। WTI क्रूड 75.56 और ब्रेट क्रूड 78.37 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इंडियन बास्केट में भी कच्चा तेल 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 78.66 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

edited by : Nrapendra Gupta