एशियाई खेल 2026 में बुधवार को भारत के खाते में दो स्वर्ण पदक झोली में गिरे। पहले महिला तो फिर मिश्रित जोड़ी ने कंपाउंड तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीतकर भारत की अंक तालिका सुधारी।
पहले भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए स्वर्ण पदक जीता।आज भारत की ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी ने महिला कंपाउंड टीम फ़ाइनल में चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और अपना एशियाई खेल का खिताब बरकरार रखा।
भारतीय टीम ने आधे समय तक 119-116 की बढ़त बना रखी थी और दूसरे हाफ में चीन की चुनौती का सामना करते हुए जीत पक्की की। 238 अंक का स्कोर दक्षिण कोरिया द्वारा इंचियोन में एशियाई खेल 2014 में बनाए गए महिला कंपाउंड टीम वर्ल्ड रिकॉर्ड के बराबर भी था।आइची-नागोया 2026 एशियाई खेलों में यह भारत का सातवां स्वर्ण पदक था।भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। पिछले सत्र में भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण पदक जीते थे।

इसके बाद चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिश्रित तीरंदाजी जोड़ी ने रोमांचक शूट ऑफ में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किया।
चिकिता और साहिल ने शानदार संयम का परिचय देते हुए रोमांचक फाइनल में दक्षिण कोरिया की जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू को शूट ऑफ के बाद 158-157 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।भारतीय मिश्रित टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में प्रवेश किया था।

