
- मालवा मिल स्थित शराब दुकान पर रात 1 बजे भी विंडो से बिक रही शराब
- मालवा मिल पुलिस चौकी पर ताला, पर शराब की दुकान चालू
- दुकान से खरीदकर पास ही बैठकर आराम से शराब पी रहे लोग
स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर में कानून-व्यवस्था और आबकारी विभाग के दावों की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर मालवा मिल क्षेत्र से सामने आई है। यहां पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित शराब दुकान देर रात में भी बेखौफ संचालित हो रही है। नियमों को ताक पर रखकर दुकान के मुख्य शटर बंद होने के बाद एक ‘छोटी विंडो’ (खिड़की/चोर दरवाजे) के जरिए रातभर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है।
रात के सन्नाटे में शराब प्रेमियों का जमघट इस विंडो पर लगा रहता है, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। हैरान करने वाली बात है कि यहां कुछ ही दूरी पर मालवा मिल पुलिस चौकी है, लेकिन वहां वेबदुनिया को ताला लटका मिला, जबकि इस शराब दुकान पर विंडो से शराब बेची जा रही थी। वहीं कुछ लोग जाम भी छलका रहे थे।
ये गलत है, कार्रवाई करेंगे : डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने इस बारे में बताया कि अगर ऐसा हो रहा है तो यह बहुत गलत है, नियम है कि रात 11 या साढे 11 तक दुकानें बंद हो जाना चाहिए, जांच करेंगे और ऐसे दुकान संचालकों पर कार्रवाई करेंगे।
पुलिस चौकी के पास ही नियमों की उड़ रही धज्जियां : हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह अवैध बिक्री हो रही है, वहां से पुलिस चौकी चंद कदमों की दूरी पर है। लेकिन वहां ताला लगा था। और दूसरी तरफ वाइन शॉप पर विंडो से शराब बेची जा रही थी। जबकि कुछ लोग वहीं बैठकर पी भी रहे थे। वेबदुनिया ने रात 1 बजे इन्हीं दृश्यों की तस्वीरें लीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात तक खुली रहने वाली इस दुकान के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है, जिससे आए दिन विवाद और शांति भंग होने की आशंका बनी रहती है।
गश्त बीट पुलिस पर भी सवाल : बता दें कि स्थानीय प्रशासन और बीट पुलिस की गश्त पर भी अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है। मध्य प्रदेश व इंदौर में शराब दुकान खोलने और बंद करने का नियम मध्य प्रदेश आबकारी नीति (MP Excise Policy) के अनुसार, शराब दुकानों के संचालन के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित है।
क्या है नियम?
खुलने का समय: सुबह 10:00 बजे।
बंद होने का समय: रात 11:00 बजे।
(कंपोजिट शराब दुकानों/वाइन शॉप्स के लिए रात 11:00 बजे के बाद किसी भी प्रकार की बिक्री पूरी तरह से गैर-कानूनी है।) नई आबकारी नीति के तहत सभी प्रकार के अहाते पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। दुकान पर बैठकर शराब पीने की अनुमति नहीं है।
होटल व बार के लिए नियम : केवल लाइसेंस प्राप्त 4-स्टार या 5-स्टार होटल और विशिष्ट लाउंज/बार ही निर्धारित लाइसेंस शर्तों के तहत रात 12:00 बजे से 1:00 बजे तक शराब परोस सकते हैं। आम रिटेल शराब दुकानों (कंपोजिट वाइन शॉप) पर यह छूट लागू नहीं होती।
विंडो से बिक्री पर सख्त प्रतिबंध : रात 11:00 बजे के बाद शटर या किसी भी ‘छोटी खिड़की/विंडो’ के जरिए शराब बेचना आबकारी अधिनियम (Excise Act) का सीधा उल्लंघन है। ऐसा पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है एवं भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
क्या कहते हैं स्थानीय निवासी?
महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा खतरा : मालवा मिल क्षेत्र की स्थानीय निवासी, सुनीता शर्मा ने बताया कि “रात 11 बजे के बाद दुकान बंद होने का नियम है, लेकिन यहां देर रात तक छोटी खिड़की से शराब बिकती रहती है। शराब खरीदने वालों का जमावड़ा गली के मुहाने पर लगा रहता है। रात में अगर किसी काम से या इमरजेंसी में महिला को घर से बाहर निकलना पड़े, तो शराबियों के डर के मारे बाहर नहीं आ सकते।
आए दिन विवाद और शांति भंग : रमेशचंद्र प्रजापत ने बताया कि दुकान के आसपास देर रात तक गाड़ियां खड़ी रहती हैं। शराबी खुलेआम सड़क पर खड़े होकर बहस और झगड़ा करते हैं। कई बार तो बात मारपीट तक पहुंच जाती है, जिससे रात में गहरी नींद में सो रहे बच्चे और बुजुर्ग डर जाते हैं। हमने कई बार मौखिक रूप से शिकायत की, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं।
आकाश मालवीय ने बताया कि चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर ऐसा होना कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है। छोटी विंडो से आसानी से शराब बिक रही है। अगर जिम्मेदार अधिकारी जल्द इस पर रोक नहीं लगाते हैं, तो क्षेत्र के सभी रहवासी एकजुट होकर आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे। पुलिस की नाइट गश्त टीम रात 11:00 बजे के बाद इस पॉइंट पर विशेष निगरानी रखे और विंडो से शराब बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करे।


