म्यांमार के KK PARK में फंसे हैं 25 हजार भारतीय युवा, इंदौर के भी कई, नौकरी और मोटी सैलरी पर होता है खेल

म्यांमार के KK PARK में फंसे हैं 25 हजार भारतीय युवा, इंदौर के भी कई, नौकरी और मोटी सैलरी पर होता है खेल

KK Park in Myanmar

म्‍यांमार के केके पार्क में देश के करीब 25 हजार युवा फंसे हैं और इनसे सायबर फ्रॉड करवाया जाता है। इनमें इंदौर के भी कई युवा शामिल हैं, जिनसे सायबर ठगी करवाई जाती है और पासपोर्ट रखकर टॉर्चर किया जाता है।  
दरअसल, विदेश में मोटी सैलरी वाली नौकरी का लालच देकर युवाओं को थाईलैंड-म्यांमार सीमा के केके पार्क जैसे ठिकानों पर पहुंचाया जाने का मामला सामने आया है। वहां इनसे पासपोर्ट छीनकर साइबर फ्रॉड के लिए मजबूर किया जाता है।

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से पढ़े-लिखे युवाओं को थाईलैंड-म्यांमार सीमा पर बने ‘केके पार्क’ जैसे ठिकानों तक पहुंचाने की खबर सामने आई है। आकर्षक जॉब ऑफर, फर्जी आधिकारिक मेल, कंपनी की वेबसाइट और चीनी-अमेरिकी प्रोफेशनल्स के नाम पर ऑनलाइन इंटरव्यू के जरिए युवाओं का भरोसा जीता जाता है।
साइबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर : विदेश पहुंचने के बाद असली खेल शुरू होने का दावा है। पीड़ितों के अनुसार, उनका पासपोर्ट छीन लिया जाता है और उन्हें साइबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर किया जाता है। विरोध करने पर मारपीट, भूखा रखने और करंट के झटके देने जैसे टॉर्चर की बातें भी सामने आई है। इस पूरे नेटवर्क की सबसे खतरनाक कड़ी यह बताई जाती है कि वहां फंसे युवाओं को तब तक बाहर नहीं निकलने दिया जाता।

कैसे चलता है यू पूरा खेल : युवाओं को कंपनी के नाम से आधिकारिक दिखने वाली मेल आइडी से जॉब ऑफर भेजा जाता है। युवाओं को बताया जाता है कि कंपनी का मुख्यालय सिंगापुर या किसी अन्य देश में है। जिस पद के लिए आवेदन किया गया है, उससे संबंधित कंपनी और जॉब प्रोफाइल की पूरी जानकारी दी जाती है, ताकि ऑफर वास्तविक लगे। ऑफर मिलते ही युवा खुश हो जाते हैं। उन्हें सालाना 60 से 70 हजार डॉलर तक की सैलरी का लालच दिया जाता है। भरोसा बढ़ाने के लिए चीनी और अमरीकी लोगों के नाम पर इंटरव्यू भी लिए जाते हैं।

पासपोर्ट के बाद वीजा शुल्क: पासपोर्ट डिटेल लेने के बाद वर्क वीजा के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। कहा जाता है कि यदि आप नहीं आए तो कंपनी का पैसा खराब हो जाएगा। इस दबाव में युवा बताए गए खाते में रकम जमा कर देते हैं। कहा जाता है कि जमा की गई रकम पहली सैलरी में एडजस्ट कर दी जाएगी। विदेश आने पर 15 दिन होटल बुक कराने की बात कहकर उसका चार्ज एडवांस मांगा जाता है। पत्नी या परिवार साथ आ रहा हो तो उनके ठहरने की फीस के नाम पर भी रकम वसूली जाती है, यानी नौकरी मिलने से पहले ही अलग-अलग बहानों से लाखों रुपए वसूल लिए जाते हैं।

25 हजार युवा स्कैम में फंसे: हाल ही में गृह मंत्रालय ने म्यांमार से 156 लोगों को रेस्क्यू कराया था और उन्हें भारत लाया गया था। एक अनुमान के मुताबिक, आज भी भारत के करीब 20 से 25 हजार युवा स्कैमर्स के चंगुल में फंसे हुए हैं। यह भी सामने आया है कि वहां फंसे लोगों को तब तक छोड़ा नहीं जाता, जब तक वे अपने स्थान पर किसी नए व्यक्ति को विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर वहां नहीं पहुंचा देते।