गुजरात में सिंचाई के पानी के लिए सरकार का बड़ा फैसला: माही, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात को मिलेगा अतिरिक्त पानी

गुजरात में सिंचाई के पानी के लिए सरकार का बड़ा फैसला: माही, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात को मिलेगा अतिरिक्त पानी

Gujarat News

Gujarat Irrigation Water: राज्य में पेयजल और सिंचाई के पानी के कुशल प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गांधीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इस बैठक में खरीफ सीजन के लिए किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सुजलाम-सुफलाम योजना और नर्मदा नहर नेटवर्क के माध्यम से 3 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसके तहत राज्य सरकार ने माही कमांड क्षेत्र में सिंचाई के लिए नर्मदा योजना से 20 दिनों के लिए 5000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया है।

सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात को मिलेगा अधिक पानी

दूसरे फैसले के अनुसार, 'सौनी योजना' की लिंक-1 के जरिए सबसे कम बारिश वाले देवभूमि द्वारका और जामनगर जिलों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए नर्मदा का पानी और 10 दिनों तक जारी रखा जाएगा। इसके अलावा, उत्तर गुजरात क्षेत्र में सुजलाम सुफलाम पाइपलाइन योजना के जरिए दिए जा रहे 2,000 क्यूसेक पानी की अवधि को और 15 दिनों के लिए बढ़ाने का सरकार ने फैसला किया है।

पेयजल को दी जाएगी प्राथमिकता

राज्य में वर्तमान अल-नीनो (El Niño) की स्थिति और बारिश के संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सिंचाई और पेयजल की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि आने वाले समय में पर्याप्त बारिश नहीं होती है और जलाशयों में पानी की आवक नहीं बढ़ती है, तो पीने के पानी की आवश्यकता को पहली प्राथमिकता दी जाएगी।

जल आपूर्ति सुचारू रखने के लिए प्रशासन को निर्देश

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर जल संकट वाले और संवेदनशील इलाकों में पीने के पानी की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों और जिला स्तरीय अधिकारियों को पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने, उपलब्ध जल संसाधनों का कुशल एवं समझदारी से उपयोग करने के लिए ताकीद की गई है।

मुख्यमंत्री ने की पानी का संयम से उपयोग करने की अपील

राज्य सरकार जलाशयों में जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रही है और परिस्थितियों के अनुसार किसानों एवं आम जनता के व्यापक हित में आवश्यक फैसले लेने का आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के सभी नागरिकों और किसानों से पानी का समझदारी से उपयोग करने और जल संरक्षण में सहयोग देने की अपील की है।